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राहुल गांधी का आरोप- देश छोड़ने से पहले बीजेपी नेताओं से मिले थे विजय माल्या

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार भारतीय बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने वाले माल्या सरीखे लोगों से सख्ती से नहीं निपट रही है

Updated On: Aug 26, 2018 10:06 AM IST

FP Staff

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राहुल गांधी का आरोप- देश छोड़ने से पहले बीजेपी नेताओं से मिले थे विजय माल्या

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों यूरोप के दौरे पर हैं. शनिवार को लंदन में उन्होंने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए. फरार शराब कारोबारी विजय माल्या पर टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'माल्या ने भारत छोड़ने से पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी, जिसके दस्तावेजी सबूत हैं. पर मैं उनका नाम नहीं लूंगा.' उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार भारतीय बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने वाले माल्या सरीखे लोगों से सख्ती से नहीं निपट रही है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय बैंकों को धोखा देने वाले विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे लोगों के लिए मोदी सरकार उदार है. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और प्रधानमंत्री के बीच एक रिश्ता है. उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है.'

राहुल ने कहा, 'जहां तक माल्या का संबंध है, भारतीय जेलें बहुत अच्छी हैं. सभी भारतीयों के लिए एक समान न्याय होना चाहिए.'

लंदन की कोर्ट ने सीबीआई से मांगा था भारतीय जेल का वीडियो

दरअसल पिछले दिनों लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने सीबीआई को कहा था कि वो भारत की उस जेल का वीडियो दें जहां माल्या को रखा जाएगा, जिसके बाद सीबीआई ने आर्थर रोड जेल का वीडियो कोर्ट को सौंप दिया है.

सीबीआई के मुताबिक, यह वीडियो करीब 8 मिनट का है, जिसमें आर्थर रोड जेल के उस बैरक को दिखाया गया है, जहां विजय माल्या को रखा जा सकता है. वीडियो में दिखाया गया है कि बैरक नंबर 12 में काफी रोशनी है. ये इतनी बड़ी है कि माल्या इसमें टहल भी सकते हैं. बैरक में नहाने की जगह, एक पर्सनल टॉइलट और एक टेलिविजन सेट है. इसमें ये भी कहा गया है कि माल्या को वहां साफ बिस्तर, कंबल और तकिया भी दिया जाएगा.

इसके अलावा माल्या को यहां लाइब्रेरी जाने की भी इजाजत होगी. जेल के इस बैरक पर CCTV कैमरों की नज़र रहेगी. 24 घंटे यहां सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे. इस वीडियो में दिखाया गया है कि बैरक की खिड़कियों में सलाखें हैं, जिससे अच्छी रोशनी और हवा आती है.

इससे पहले शुक्रवार को राहुल ने आरएसएस की तुलना सुन्नी इस्लामी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड से की थी. उन्होंने कहा था कि आरएसएस भारत के हर संस्थान पर कब्जा करना चाहता है और देश के स्वरूप को ही बदलना चाहता है. उन्होंने कहा था, 'हम एक संगठन से संघर्ष कर रहे हैं जिसका नाम आरएसएस है जो भारत के मूल स्वरूप को बदलना चाहता है. भारत में ऐसा कोई दूसरा संगठन नहीं है जो देश के संस्थानों पर कब्जा जमाना चाहता हो.'

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