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'1984 सिख दंगों में कांग्रेस का नहीं था हाथ' बोलकर क्या राहुल गांधी फंस गए हैं?

बीजेपी ने सिख दंगों को लेकर एक वीडियो ट्वीट जारी किया है जिसमें राहुल गांधी 4 साल पहले मान रहे हैं कि कांग्रेस के नेता इसमें शामिल थे जबकि अब उन्होंने इसमें पार्टी की संलिप्तता से साफ इनकार किया है

Updated On: Aug 27, 2018 12:46 PM IST

FP Staff

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'1984 सिख दंगों में कांग्रेस का नहीं था हाथ' बोलकर क्या राहुल गांधी फंस गए हैं?

विदेश दौरे पर गए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी सार्वजनिक मंच से कह रहे हैं कि 1984 में हुए सिख दंगों में पार्टी की कोई भूमिका नहीं है. लेकिन उनके इस बयान से देश में सिख दंगों को लेकर नए सिरे से बहस छिड़ हो गई है.

आम आदमी पार्टी (आप) से लेकर बीजेपी की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने इसे लेकर उनपर तीखा हमला बोला है. केंद्रीय मंत्री और अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने कहा, 'राहुल गांधी ने लंदन में कहा कि 1984 के सिख दंगों में कांग्रेस का कोई हाथ नहीं था. इसी तरह अगर मैं भी उनके (राहुल गांधी) दिमाग की तरह बोलूं तो उनके पिता (राजीव गांधी) और दादी (इंदिरा गांधी) की हत्या नहीं हुई बल्कि उन दोनों की मौत दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई है.'

वहीं आप नेता एचएस फुल्का ने राहुल के बयान को गलत करार देते हुए इस पर खुली बहस की चुनौती दी है. फुल्का ने कहा, 'राहुल गांधी का वो बयान जिसमें उन्होंने सिख विरोधी दंगे के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार नहीं माना है पूरी तरह गलत है. इसलिए मैंने उन्हें खुली चुनौती की बहस दी है जिसमें मैं कांग्रेस और उनके पिता की भूमिका साबित करूंगा. यह पूरा नरसंहार ही राजीव गांधी के निर्देश पर कांग्रेस द्वारा रचा गया था.'

बीजेपी ने सिख दंगों पर राहुल गांधी के बयान का एक वीडियो जारी किया है. इसमें जनवरी 2014 में वो टीवी पत्रकार अर्नब गोस्वामी को दिए एक इंटव्यू में स्पष्ट तौर पर मान रहे हैं कि इन दंगों में कांग्रेस के कुछ लोग शामिल थे. मगर दो दिन पहले लंदन में एक कार्यक्रम में जब उनसे सवाल पूछा गया कि, क्या कांग्रेस ने इन दंगों को करवाया तो राहुल गांधी ने इसपर जवाब देते हुए कहा कि- कांग्रेस की इसमें कोई भूमिका नहीं है.

बीजेपी की ओर से जारी 1 मिनट 12 सेकेंड के इस वीडियो ट्वीट के आखिर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी सार्वजनिक तौर पर मंच से कहते दिख हैं कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो कुछ हलचल पैदा होती है. स्पष्ट है कि राजीव गांधी इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के सिख दंगों को जायज ठहराते हैं.

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