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ये 'जनवेदना' नहीं मिमिक्री का कार्यक्रम था

राहुल-मोदी की मिमिक्री के अंदाज से विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी सभाओं में लोगों को ‘मजा’ खूब आने वाला है

Amitesh Amitesh Updated On: Jan 12, 2017 08:02 AM IST

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ये 'जनवेदना' नहीं मिमिक्री का कार्यक्रम था

‘मित्रों अपने पॉकेट में जरा हाथ डालिए, देखिए अब ये 500 रुपए का नोट कागज का टुकड़ा हो गया है.’

दिल्ली में हुए जनवेदना सम्मेलन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कुछ इसी अंदाज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल उतारने की पूरी कोशिश की.

राहुल का यह अंदाज देश भर से आए करीब 5000 से ज्यादा कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और नेताओं को खूब भाया.

राहुल के समर्थन में खूब नारेबाजी भी हुई. राहुल की वाहवाही भी हुई और उनके बदले-बदले से तेवर से साफ हो गया कि अब आनेवाले दिनों में राहुल एक बड़ी जिम्मेदारी लेने के लिए अपने आप को तैयार कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें: राहुल ने मोदी की मिमिक्री कर सरकार पर हमले किए

खराब सेहत के चलते कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी दिल्ली के इस सम्मेलन में शिरकत नहीं कर रही थीं, लेकिन, उनकी गैरमौजूदगी में सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे राहुल ने सरकार पर वार करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी.

नोटबंदी के बाद पार्टी की रणनीति को लेकर बुलाए गए इस सम्मेलन में कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं की मौजूदगी में राहुल ने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते हुए कहा, ‘नोटबंदी सरकार का निजी फैसला है. पीएम ने कहा था कि हमें भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़नी है, इसलिए बताएं कि कितना कालाधन वापस आया है.’

पीएम की मिमिक्री से राहुल ने खूब तालियां बटोरी

पूरे सम्मेलन के दौरान चर्चा का विषय नोटबंदी से ज्यादा राहुल की आक्रामकता और प्रधानमंत्री की उनकी मिमिक्री ही रहा. कम बोलने वाले राहुल का मिमिक्री करना प्रधानमंत्री मोदी की मिमिक्री के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है.

अभी पिछले महीने वाराणसी के दौरे पर गए प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल के उपर कटाक्ष करते हुए कहा था कि अभी वो बोलना सीख रहे हैं. हाथ के इशारे से भी मोदी ने राहुल के बोलने के अंदाज का खूब मजाक उड़ाया था.

Rahul Gandhi at Jan Vedna Sammelan

इसके पहले भी 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त या फिर उसके बाद तमाम राज्यों के विधानसभा चुनावों के वक्त भी मोदी राहुल की मिमिक्री करते रहे हैं.

राहुल को लेकर मोदी की आक्रामकता और उनका मिमिक्री करने का अंदाज मोदी समर्थकों को खूब पसंद भी है.

मोदी के सामने राहुल का जलवा अबतक फीका ही रहा है. लेकिन, अब राहुल गांधी भी मोदी को उसी तर्ज पर जवाब देने की तैयारी में हैं.

जनवेदना सम्मेलन में राहुल गांधी ने अमिताभ बच्चन का फिल्मी डॉयलाग पढ़कर मोदी का मजाक उडाया.

क्यों बदले-बदले राहुल नजर आते हैं

आखिर राहुल गांधी के तेवर में अचानक यह बदलाव क्यों राहुल का मिमिक्री का यह अंदाज कई सवाल भी खड़े करता है.

सवाल खडा हो रहा है कि अबतक चुप रहने वाले राहुल इन दिनों इस कदर आक्रामक क्यों हो गए हैं. खासतौर से नोटबंदी के बाद संसद सत्र के दौरान या उसके बाद सड़कों पर भी राहुल की आक्रामकता क्या बता रही है.

राहुल की नजर पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव पर है

क्या नोटबंदी के बाद सियासी फिजा में कुछ इस तरह का बदलाव आने लगा है जिसके बाद राहुल गांधी को ऐसा लगने लगा है कि हवा के रुख को वो अपने हिसाब से मोड़ सकते हैं.

राहुल और उनके रणनीतिकारों को लगने लगा है कि नोटबंदी पर सरकार को घेरा जा सकता है.

लिहाजा राहुल ने इस मुद्दे को एक बार फिर से गरमाकर साफ कर दिया है कि विधानसभा चुनावों में यह सबसे बड़ा मुद्दा होनेवाला है.

राहुल गांधी मिमिक्री के जरिए मोदी को टक्कर दे पाएंगे इस पर तो अभी सवालिया निशान है, लेकिन, राहुल-मोदी की मिमिक्री के अंदाज से विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी सभाओं में लोगों को ‘मजा’ खूब आने वाला है.

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