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नेहरू-गांधी फैमिली को लेकर चुभने वाले सवाल पर राहुल के शानदार जवाब की असलियत क्या है?

राहुल की अमेरिका यात्रा के दौरान बर्कले यूनिवर्सिटी में उनके भाषण की तर्ज पर उनकी ये बातचीत भी सुर्खी बन सकती थी, लेकिन जबतक कांग्रेस इसपर इतराती, इसे विवाद में घसीट लिया गया

Tulika Kushwaha Tulika Kushwaha Updated On: Mar 09, 2018 07:27 PM IST

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नेहरू-गांधी फैमिली को लेकर चुभने वाले सवाल पर राहुल के शानदार जवाब की असलियत क्या है?

राहुल गुरुवार को सिंगापुर में थे. यहां उन्होंने सिंगापुर के प्रतिष्ठित ली कुआन यिऊ स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी में एक डिस्कशन में हिस्सा लिया. यहां उनकी बातचीत के दौरान के एक हिस्से को कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया. इस वीडियो में राहुल दो लोगों की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे हैं.

अभी राहुल के जवाब की तारीफ होनी शुरू हुई थी कि अब इस वीडियो पर बवाल शुरू हो गया है. सवाल पूछने वाले दो व्यक्तियों में से एक का कहना है कि कांग्रेस ने वीडियो के साथ छेड़छाड़ की है.

राहुल की इस पूरी बातचीत को काफी सराहा जा रहा है. लेकिन इसी बातचीत को लेकर मीडिया में कुछ और खबरें भी चलने लगी. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में राहुल गांधी से सवाल पूछने वाले पीके बासु के हवाले से कहा गया कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है.

मीडिया में दो तरह के वीडियो रिलीज हुए. एक जिसे कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया है और दूसरा जिसे पीके बासु को टैग करते हुए वीडियो से हुई छेड़छाड़ को दिखाने के लिए रिलीज किया गया है. हालांकि कुछ मीडिया ऑर्गेनाइजेशन ने इस पूरी बातचीत का लंबा वीडियो भी शेयर किया है जो उस पूरी बातचीत की असलियत को साफ कर देता है.

ऐसा लगता है कि कांग्रेस ने जो वीडियो अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है उसमें पूरी बातचीत को सुनाया तो गया है लेकिन वीडियो की लंबाई छोटी रखने के लिए बीच के कुछ हिस्से काट दिए हैं. अलग-अलग वीडियो देखने से पूरी बात साफ हो जाती है.

पहले वो वीडियो देखिए जिसे कांग्रेस ने शेयर किया है.

इस बातचीत को पीके बासु ने कुछ यूं ट्वीट किया.

इसके बाद आपको ये जानना चाहिए कि पूरी बातचीत क्या है और कांग्रेस ने वीडियो को छोटा करने के लिए क्या हटाया है.

वीडियो में क्या है?

वीडियो में एक लेखक (एशिया रिबॉर्न) पीके बासु ने राहुल गांधी से सवाल पूछते हुए कहा कि ऐसा क्यों है कि देश में जबतक नेहरु-गांधी परिवार का राज रहा, तब तक देश का विकास नहीं हुआ? एक वक्त था जब भारत का पर कैपिटा इनकम (प्रति व्यक्ति आय) अफ्रीकी देशों से भी कम था. तो राहुल गांधी का इस पर क्या कहना है कि उनके परिवार के राज के दौरान भारत विकास से अछूता रहा? बासु के सवाल के दौरान ही राहुल ने उनसे पूछ लिया कि उनकी हाइपोथिसिस क्या है? क्योंकि आप अपनी बात में एक परिवार को हद से ज्यादा शक्तिशाली बता रहे हैं. इस पर बासु का जवाब था कि उनकी हाइपोथिसिस उनकी किताब में है. इसके बाद बासु ने अपने सवाल को थोड़ा और विस्तार में पूछा.

इस पर कार्यक्रम के मॉडरेटर ने उनसे पूछा कि क्या वो इस सवाल का जवाब देना चाहेंगे? राहुल ने कहा कि वो इसका जवाब जरूर देना चाहेंगे. उन्होंने जवाब की शुरुआत सवाल से करते हुए कहा, 'क्या आप सहमत हैं कि भारत आज सफल है?' बासु ने जवाब दिया कि हां, जब से कांग्रेस ने प्रधानमंत्री का पद छोड़ा है, तबसे भारत सफल है, इस पर राहुल ने कहा कि 'तो मतलब आपका कहना है कि 2004 से आज तक भारतीय राजनीति में मेरा कोई रोल नहीं रहा? या तो मेरा रोल रहा है या नहीं रहा है. आप मुझे दोनों विकल्प नहीं दे सकते.' इस पर बासु ने कहा कि राहुल को उनके सवाल का जवाब देना चाहिए. राहुल ने कहा कि उन्होंने इसका जवाब दे दिया है.

इसके तुरंत बाद अनीश मिश्रा नाम के दूसरे शख्स ने कहा कि वो जवाहरलाल नेहरू का बड़ा प्रशंसक रहा है और वो मानता है कि आज भारत जो भी है, वो कांग्रेस की वजह से है, इस पर राहुल ने अनीश की बात को काटते हुए कहा कि अनीश और बासु दोनों ही अतिवाद के शिकार हैं. क्योंकि एक को लगता है कि हर परेशानी राहुल गांधी की वजह से है तो दूसरे को राहुल गांधी में समाधान दिखाई देता है.

इसके बाद राहुल ने बहुत सधा और अप्रत्याशित जवाब दिया. उन्होंने कहा, 'ये जो आप देख रहे हैं, वही ध्रुवीकरण है. एक को लगता है कि कांग्रेस ने कुछ नहीं किया, दूसरे को लगता है कि कांग्रेस ने ही सबकुछ किया है. मैं बताता हूं कि सच क्या है. भारत की सफलता के पीछे भारत के लोगों का हाथ है. लेकिन अगर किसी को लगता है कि भारत की इस सफलता में कांग्रेस शामिल नहीं थी, अगर किसी को लगता है कि स्वतंत्रता हासिल करने में कांग्रेस शामिल नहीं थी, वन मैन वन वोट में कांग्रेस शामिल नहीं थी, ग्रीन रिवॉल्यूशन में कांग्रेस शामिल नहीं थी, टेलीकॉम रिवाल्यूशन में कांग्रेस शामिल नहीं थी, उदारीकरण में कांग्रेस शामिल नहीं थी, उसे नई किताब लिखने की जरूरत है.'

इसके बाद राहुल रुके नहीं. उन्होंने इसी बहाने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साध लिया. उन्होंने कहा, ' मैं ऐसा व्यक्ति हूं, जिसे खुद का विरोध करने वाले व्यक्ति से भी प्यार करना सिखाया गया है. मुझे ऐसे व्यक्ति से कोई शिकायत नहीं है, जो कहे कि मैंने आज तक कुछ नहीं किया है. मैं उसके इस विचार का सम्मान करता हूं. मैं उसके इस विचार का विरोध करूंगा, उससे बात करवाने की कोशिश करूंगा, शायद मैं आपका विचार बदल पाऊं. या शायद नहीं. मैं आपके साथ बैठकर आपसे बात करना चाहूंगा. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के साथ ऐसा नहीं है. वो ऐसा कभी नहीं करेंगे. और आप खुद उनसे ये बात कभी नहीं कह पाएंगे. इसलिए मैं आपको इस मीटिंग के बाद गले लगाना चाहूंगा और आपसे कहना चाहूंगा कि मैं आपके विचार का सम्मान करता हूं.'

आप लगभग 9 मिनट की ये बातचीत द क्विंट के इस वीडियो में देख सकते हैं.

कहने की जरूरत नहीं है कि राहुल की अमेरिका यात्रा के दौरान बर्कले यूनिवर्सिटी में उनके भाषण की तर्ज पर उनकी ये बातचीत भी सुर्खियां बन सकती थी, लेकिन जबतक कांग्रेस इसपर इतराती, इसे विवाद में घसीट लिया गया. ऐसा नहीं किया जाता तो शायद ये दूसरा बर्कले बन जाता. फिलहाल इस मामले ने इतना तूल नहीं पकड़ा है. कांग्रेस ने कहा है कि उसने वीडियो से कोई छेड़छाड़ नहीं किया है और राहुल गांधी को सख्त सवालों के जवाब देने में कोई ऐतराज नहीं है.

लेकिन इस बात से ऐतराज नहीं किया जा सकता कि राहुल इस पूरी बातचीत के दौरान एक सधे हुए राजनेता में बदलते दिखाई दे रहे हैं. और इसे बर्कले के बाद  का अगला कदम माना जा सकता है.

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