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जानिए सहारा-बिड़ला डायरी मामला 6 सवालों में

सहारा-बिड़ला ग्रुप पर इनकम टैक्स के छापों में कई दस्तावेज बरामद हुए थे.

Updated On: Dec 22, 2016 04:15 PM IST

FP Staff

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जानिए सहारा-बिड़ला डायरी मामला 6 सवालों में

बहराइच की रैली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दूसरी बार पीएम मोदी पर हमला बोला. यहां भी उन्होंने पीएम पर सहारा-बिड़ला मामले में रिश्वत का सीधा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अब आरोपों पर मोदी जवाब दें कि इन मामलों में उनका नाम क्यों जुड़ा दिखाई दे रहा है. इससे पहले गुजरात के मेहसाणा की रैली में भी राहुल ने सहारा और बिड़ला से पैसा लेने का आरोप लगा कर हंगामा खडा कर दिया था.उनके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस्तीफा मांग लिया था.

1) पर ये पूरा मामला है क्या?

देश के दो जाने-माने बिजनेस घरानों बिड़ला और सहारा ग्रुप पर 2013 और 2014 में इनकम टैक्स ने छापे मारे गए थे. छापों में इनकम टैक्स को महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए थे. इन दस्तावेजों में सरकारी पदों पर बैठे कई लोगों को पैसे देने का जिक्र था.

2) क्या ये आरोप पहली बार सामने आया है? 

नहीं.  इन दो बड़ी कंपनियों पर पड़े छापों में बरामद दस्तावेजों की जांच के लिए गैर-सरकारी संगठन 'कॉमन कॉज' ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

कॉमन कॉज का आरोप है कि गुजरात के सीएम रहते वक्त नरेंद्र मोदी के नाम पर फंड रिलीज हुआ था. 'कॉमन कॉज' का आरोप है कि इन दोनों कंपनियों पर पड़े छापों में कई दस्तावेज बरामद हुए थे जिनमें देश की अलग अलग पार्टियों और नेताओं को भी फंडिंग देने का हिसाब-किताब दर्ज था.

'कॉमन कॉज' ने नेताओं को दी गई फंडिंग की जांच कराने के लिये एक एसआईटी बनाने की अपील की थी.

3) इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट क्या बोला?

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की एसआईटी से कराने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ‘मामला उच्च संवैधानिक पद से जुड़ा है और जो कागजात दिए गए हैं, उनके आधार पर जांच नहीं कराई जा सकती क्योंकि सहारा के दस्तावेज तो पहले ही फर्जी पाए गए हैं.

कोई भी किसी के नाम की कंप्यूटर में एंट्री कर सकता है, इसे तवज्जो नहीं दी सकती. याचिकाकर्ता कोई ठोस सबूत दे तो सुनवाई कर सकते हैं. अगर कोई ठोस दस्तावेज ना मिलें तो मामले को फिर से कोर्ट ना लाएं.'

4) क्या नरेन्द्र मोदी पर यह आरोप लगाने वाले राहुल पहले नेता हैं? 

नहीं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पहले यह आरोप लगा चुके हैं.

नवम्बर में केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि बिड़ला ग्रुप पर मारे गए छापों में बरामद दस्तावेज में गुजरात सीएम का नाम निकला.

5) आदित्य बिडला ग्रुप का नाम लेकर क्या आरोप लगे जा रहे हैं?

केजरीवाल के मुताबिक उस वक्त आदित्य बिड़ला ग्रुप के एक्जीक्यूटिव शुभेंदू अमिताभ के लैपटॉप और ब्लैकबेरी बरामद हुए थे.

इनकी जांच में एक एंट्री 25 करोड़ रुपये की मिली थी. वो एंट्री गुजरात सीएम के नाम पर थी.

6) सुब्रत राय के सहारा समूह की भूमिका क्या बताई जा रही है? 

इसी तरह से सहारा के ठिकानों से हासिल दस्तावेजों को लेकर भी आरोप लगाया गया है. प्रशांत भूषण ने अदालत में आरोप लगाया है कि सहारा ग्रुप ने कई बड़े राजनेताओं को भुगतान किया है और लेनदारों की फेहरिस्त बड़ी लम्बी है.

इसमें 2013-14 में गुजराज, दि‍ल्‍ली, छत्‍तीगढ़ और मध्‍य प्रदेश के ‘सीएम’ को बड़ी राशि‍ देने की एंट्री की गई. कॉमन कॉज ने अपनी याचिका में  कहा है कि उसने 2013 में हिंडाल्‍को इंडस्‍ट्रीज के ऑफि‍स और साल 2014 में दि‍ल्‍ली और नोएडा में सहारा इंडि‍या ग्रुप ऑफि‍सों के दौरान सीबीआई और इनकम टैक्‍स डि‍पार्टमेंट की ओर से जब्‍त दस्‍तावेजों के तहत आरोप लगाया है.

इकोनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली ने इस मामले में सबसे पहले एक रिपोर्ट जारी की थी.

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