live
S M L

राहुल गांधी ने नोटबंदी को बताया अर्थव्यवस्था पर बमबारी

एक तरफ एक फीसदी अमीर लोग हैं, तो दूसरी तरफ मध्यम वर्गीय व गरीब तबके के 99 फीसदी लोग

Updated On: Dec 24, 2016 07:34 PM IST

IANS

0
राहुल गांधी ने नोटबंदी को बताया अर्थव्यवस्था पर बमबारी

हिमाचल सरकार के चार साल पूरे होने पर अपने संबोधन में राहुल ने नोटबंदी को देश की नकद अर्थव्यवस्था पर बमबारी करार दिया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य में शनिवार को नोटबंदी के लिए केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह फैसला गरीब विरोधी है, जो 50 कारपोरेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया है.

नोट कभी 'काला' नहीं होता: राहुल

कैश के अकाल के बाद कालेधन को लेकर पूरे देश में बहस छिड़ी है. राहुल ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा ‘कोई नोट कालाधन है या नहीं, यह इस पर निर्भर करता है कि वह किसके हाथ में है? जिसके हाथ में है वह ईमानदार शख्स है या भ्रष्ट. एक तरफ ईमानदार आदमी है, तो दूसरी तरफ भ्रष्ट आदमी मोदी मानते हैं यदि नोट भ्रष्ट आदमी के हाथ में जाता है, तो वह काला हो जाता है, उसका रंग बदल जाता है, मानो कोई जादू हो.’

राहुल ने अपने 40 मिनट के भाषण में केंद्र सरकार जमकर निशाना साधा. उन्होंने साफ-साफ कहा ‘कांग्रेस कैशलेस प्रणाली के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे थोपा नहीं जाना चाहिए और यह एक बहाना नहीं होना चाहिए.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपने तो भारत को दो हिस्सों में बांट दिया है. एक तरफ एक फीसदी अमीर लोग हैं, तो दूसरी तरफ मध्यम वर्गीय व गरीब तबके के 99 फीसदी लोग. मोदी के दोस्त सुपर रिच लोग मौज कर रहे हैं, और गरीब अपने खून-पसीने की कमाई पाने के लिए कतारों में खड़ा मर रहा है.'

RahulGandhi_Goa

नोटबंदी पर राहुल की नाराजगी

ब्लैक मनी पर राहुल की रिसर्च

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा ‘भारत में केवल छह फीसदी कालाधन नकद में है. बाकी 94 फीसदी रियल एस्टेट व सोने के रूप में और विदेशी बैंकों में है. जिन्होंने भारी मात्रा में कालाधन जमा कर रखा है, वे उसे केवल नकद ही नहीं, बल्कि रियल एस्टेट, जेवर व अन्य रूपों में निवेश करके रखते हैं। बहुतों के खाते स्विस बैंक में हैं. स्विस बैंक में किनके खाते हैं, यह सरकार को पता है, फिर भी मोदी उन पर कार्रवाई नहीं करते.’

नोटबंदी से हिमाचल को हुए नुकसान के बारे में बोलते हुए राहुल ने कहा ‘हिमाचल की बागवानी, कृषि व पर्यटन क्षेत्र पर नोटबंदी का प्रतिकूल असर पड़ा है. इससे उबरने में लंबा वक्त लगेगा’

नकदी के अकाल के बाद जनता में केंद्र सरकार के खिलाफ काफी आक्रोष देखने के मिल रहा है. संसद से लेकर सड़क तक राहुल गांधी ही सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार किये हुये हैं. विपक्ष के विरोध के चलते संसद का शीतकालीन सत्र भी हंगामें की भेंच चढ़ गया. और राहुल गांधी पीएम मोदी से भी मिलने उनके आवास पर पहुंचे. जिसके बाद कुछ विपक्षी पार्टियों ने कांग्रेस का साथ बीच में ही छोड़ दिया. क्योंकि राहुल अकेले ही प्रधानमंत्री से मिलने चले गए थे.

प्रधानमंत्री से मिलने के बाद भी राहुल के शब्दों में कोई बदलाव नहीं आया. ना कोई निष्कर्ष निकला, ना जनता की परेशानियां कम हुईं तो फिर ये शोर किस बात का है?.

 

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi