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राफेल मुद्दा: पीएम मोदी और रक्षा मंत्री के खिलाफ कांग्रेस लाएगी विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव

बीजेपी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल डील का मुद्दा उठाया था और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे.

Updated On: Jul 23, 2018 02:21 PM IST

FP Staff

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राफेल मुद्दा: पीएम मोदी और रक्षा मंत्री के खिलाफ कांग्रेस लाएगी विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव

राफेल मुद्दे पर घमासान लगातार जारी है. कांग्रेस, पीएम मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ राफेल मुद्दे को लेकर लोकसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाएगी. आपको बता दें हालही में बीजेपी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल डील का मुद्दा उठाया था और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे.

राहुल गांधी ने कहा था कि रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल फाइटर जेट्स का मूल्य बताने से यह कहकर मना कर दिया था कि इसकी वजह से देश की सुरक्षा को खतरा पहुंच सकता है. लेकिन बाद में दसॉ एविएशन ने अपनी 2016-17 की वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि उसने 1,670 करोड़ रुपए प्रति एयरक्राफ्ट की दर से 36 एयरक्राफ्ट बेचे हैं.

कांग्रेस अध्‍यक्ष ने आगे कहा कि यही एयरक्राफ्ट 11 महीने पहले मिस्र और कतर को 1,319 करोड़ रुपए प्रति एयरक्राफ्ट के हिसाब से कंपनी ने बेचा था. इससे पता चलता है कि इस डील की वजह से देश को 12,632 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.

राफेल डबल इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर प्लेन है जो कि फ्रांसीसी कंपनी दसॉ बनाती है. 2012 में इंडियन एयरफोर्स ने कहा कि राफेल इसका पसंदीदा एयरक्राफ्ट है. 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे के समय भारत ने फ्रांस से 36 एयरक्राफ्ट की 'फ्लाईअवे' स्थिति में डिलीवर करने के लिए कहा.

उम्मीद की जा रही है कि राफेल की पहली स्क्वाड्रन इंडियन एयरफोर्स की पहली फ्लीट 2019 में ज्वाइन करेगी. जहां एक तरफ इस डील की वजह से इंडियन एय़रफोर्स की शक्ति बढ़ेगी वहीं इस डील ने तमाम सवाल भी खड़े कर दिए हैं. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार ने ज़्यादा पैसे देकर ये डील की है.

वो 'गोपनीयता की शर्त' क्‍या है जिसकी तरफ राहुल गांधी ने इशारा किया था? राहुल गांधी ने कहा था, 'रक्षा मंत्री ने कहा कि राफेल डील पर फ्रांस के साथ एक गोपनीय संधि हुई है. इस बारे में जानने के लिए मैं फ्रांस के राष्ट्रपति से व्यक्तिगत रूप से मिला और पूछा कि क्या ऐसी कोई संधि हुई है. इस पर राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी कोई संधि नहीं हुई है.' बता दें कि इसी साल फरवरी में राज्‍य सभा सांसद राजीव गौड़ा के राफेल से जुड़े सवालों के लिखित जवाब में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि यह सौदा दोनों देशों के बीच हुए सुरक्षा समझौते के तहत आता है. इस जवाब ने काफी सुर्खियां बटोरी थी.

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