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‘पूर्वांचल महाकुंभ’ में अमित शाह गरजे तो वहीं मनोज तिवारी को मिली संजीवनी

पिछले कई महीनों से मनोज तिवारी को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने को लेकर मीडिया में अटकलें लगाई जा रहीं थीं, जो शायद इस रैली के सफल आयोजन के बाद खत्म हो जाएगा.

Updated On: Sep 23, 2018 07:10 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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‘पूर्वांचल महाकुंभ’ में अमित शाह गरजे तो वहीं मनोज तिवारी को मिली संजीवनी

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सातों लोकसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा होगा. अमित शाह का साफ कहना है कि विपक्षी पार्टियां चाहे जितना कांउ-कांउ कर लें साल 2019 में एक बार फिर से नरेंद्र मोदी ही देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. राहुल गांधी हों या अरविंद केजरीवाल दोनों का काम है जोर-जोर से झूठ बोलना और बार-बार बोलना.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने यह बात रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदेश बीजेपी द्वारा आयोजित ‘पूर्वांचल माहकुंभ’ रैली में कहा. अमित शाह ने कहा ‘यूपी, बिहार, झारखंड और ओडिशा में कांग्रेस की सरकार पांच साल में 4 लाख करोड़ रुपए ही देती थी, जबकि मोदी सरकार ने इन राज्यों को पिछले साढ़े चार साल में ही 13 लाख 80 हजार करोड़ रुपए देने का काम किया है. मोदी सरकार का सपना है कि देश में पश्चिम की तरह ही पूरब का विकास हो.’

सातों सीटों पर बीजेपी का ही कब्जा होगा

अमित शाह ने अरविंद केजरीवाल को चुनौती देते हुए कहा कि आज पूर्वांचल महाकुंभ रैली केजरीवाल जरूर देख लें, उनको पता चल जाएगा दिल्ली की जनता को उनके प्रति कितना अविश्वास है. बीजेपी अध्यक्ष ने राहुल गांधी पर भी जबरदस्त हमला बोलते हुए कहा, राहुल बाबा भी सुन लो दिल्ली की सभी सातों सीटों पर बीजेपी का ही कब्जा होगा.

Purvanchal Mahakumbh New Delhi: BJP President Amit Shah addresses during the Purvanchal Mahakumbh, at Ramleela Maidan  in New Delhi, Sunday, Sept 23, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI9_23_2018_000086B)

अमित शाह ने एनआरसी और अर्बन नक्सलवाद के मुद्दे पर विपक्षी दलों को निशाने पर लिया. अमित शाह ने कहा कि राहुल बाबा एंड कंपनी एनआरसी के मुद्दे पर संसद में हंगामा मचाने लगी. पिछले दिनों अर्बन नक्सलवाद के मुद्दे पर भी कुछ लोगों की गिरफ्तारी को मानवाधिकार से जोड़ दिया गया. क्या देश में मानव बम तैयार करना और पीएम मोदी की हत्या की साजिश रचना सही है? विपक्षी दलों को धमाकों में मारे जाने वाले निर्दोष लोगों की फिक्र है कि नहीं?

बता दें कि रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदेश बीजेपी ने एक रैली कर अपनी ताकत दिखाई. इस रैली को ‘पूर्वांचल महाकुंभ’ नाम दिया गया था. इस रैली के जरिए दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष और नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने अपनी ताकत भी दिखाई. रेली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, संगठन महामंत्री रामलाल, केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन सहित कई सांसद और विधायकों ने शिरकत की.

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बीजेपी नेताओं का कहना था कि इस रैली में एक लाख लोगों के आने की संभावना थी, लेकिन रैली में 30 से 35 हजार भीड़ ही जुट पाई. इसके बावजूद कहा जा रहा है कि यह रैली दिल्ली बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित होगी. पार्टी कार्यकर्ता एक बार फिर से पूरे जोश-खरोश के साथ अरविंद केजरीवाल सरकार के खिलाफ खड़े हो जाएंगे. हालांकि, इस रैली में बीजेपी के कुछ बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी थोड़ी चिंता का कारण जरूर रही. रैली से विजय गोयल और रामबीर सिंह बिधूड़ी जैसे नेताओं ने दूरी बनाई. मीनाक्षी लेखी, प्रवेश वर्मा, उदित राज और बिजेंद्र गुप्ता रैली में नजर आए.

गुटबाजी के बावजूद मनोज तिवारी ने अपना दबदबा दिखाया

पिछले दिनों ही दिल्ली के गोकुलपुरी में सीलिंग का ताला तोड़ कर सुर्खियों में आए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी इस रैली के जरिए एक बार फिर अपने आपको स्थापित करने में कामयाब होते दिखाई दिए. ऐसा कहा जा रहा है कि इस रैली को सफल बनाने की जिम्मेदारी पूर्वांचल मोर्चा के पास थी, लेकिन मनोज तिवारी ने खुद इसे सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी थी. दिल्ली के कोने-कोने से लोगों को लाने के लिए पदाधिकारियों की जिम्मेदारी पहले से ही तय कर दी गई थी. दिल्ली बीजेपी के सभी जिला प्रमुख से लेकर मंडल प्रमुख तक इस काम में पिछले कई दिनों से लगे हुए थे.

Purvanchal Mahakumbh New Delhi: BJP supporters cheer during the Purvanchal Mahakumbh, at Ramleela Maidan  in New Delhi, Sunday, Sept 23, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI9_23_2018_000088B)

मनोज तिवारी इस रैली के जरिए अपने आपको दिल्ली में पूर्वांचलियों का एकमात्र नेता साबित करना चाहते थे. इस रैली के जरिए मनोज तिवारी ने दिल्ली में बीजेपी के पुराने नेताओं के सामने अपना दबदबा भी दिखाया.

कुलमिलाकर पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी के बावजूद मनोज तिवारी ने अपना दबदबा दिखाया. पिछले कई महीनों से मनोज तिवारी को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने को लेकर मीडिया में अटकलें लगाई जा रही थीं, जो शायद इस रैली के बाद खत्म हो जाएगी. अगर रविवार को हुई रैली में उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं जुटती तो विरोधियों का हमला करने का मौका मिल जाता. ऐसे में कयास लगने शुरू हो गए हैं कि अगले आम चुनाव तक मनोज तिवारी ही प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष रहेंगे.

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