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कांग्रेस की नैया पार लगाने राजनीति में एंट्री कर सकती हैं प्रियंका गांधी!

कुछ पार्टी कार्यकर्ता प्रियंका को संगठन महासचिव बनाकर 24 अकबर रोड लाने के हक में हैं. फिलहाल ये पद जनार्दन द्विवेदी के पास है

Updated On: Jan 12, 2018 05:31 PM IST

FP Staff

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कांग्रेस की नैया पार लगाने राजनीति में एंट्री कर सकती हैं प्रियंका गांधी!

प्रियंका गांधी आज 46 साल की हो गईं हैं. राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद अब चर्चा इस बात की हो रही है कि पार्टी में प्रियंका गांधी की भूमिका क्या होगी? पहले प्रियंका पर पार्टी खुलकर बात नहीं करती थी लेकिन राहुल को अध्यक्ष बनाकर सोनिय गांधी ने नेतृत्व का मुद्दा हमेशा के लिए तय कर दिया. लेकिन प्रियंका के रोल को लेकर तस्वीर साफ नहीं है. तो ऐसे में सवाल उठने लाजमी है कि क्या प्रियंका अब राहुल की टीम का हिस्सा बनेगी?

सूत्रों के मुताबिक कुछ पार्टी कार्यकर्ता प्रियंका को संगठन महासचिव बनाकर 24 अकबर रोड लाने के हक में हैं. फिलहाल ये पद जनार्दन द्विवेदी के पास है. सोनिया गांधी के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए 2019 में प्रियंका के रायबरेली से चुनाव लड़ने की भी अटकलें है,हालांकि प्रियंका इससे इनकार करती रही हैं. कई नेता प्रियंका गांधी को राहुल का राजनीतिक सचिव बनाने के हक़ में हैं,हालांकि इस पद के लिए अजय माकन सहित अन्य पार्टी नेताओं का नाम भी चर्चा में है.

खुद प्रियंका अब भी राहुल के रीढ़ की हड्डी बनकर उनका सहयोग करना चाहती हैं. यानी वो अपनी चमक से भाई राहुल को चकाचौंध नही करना चाहती. ये और बात है कि उनके पति रोबर्ट वाड्रा ने राजनीति में आने की अपनी चाहत कभी नही छुपाई.

प्रियंका अमेठी और रायबरेली में दशकों से राहुल और सोनिया का चुनावी प्रबंधन संभालती रही हैं. 2007 और 2012 में यूपी विधानसभा चुनाव में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं. 2014 लोकसभा चुनाव में भी वो काफी सक्रिय थीं. क्रिकेटर नवजोत सिंह सिधू को पार्टी में लाने में भी उनकी बड़ी भूमिका थी. यूपी में अखिलेश के साथ गठबंधन भी प्रियंका ने किया था.

पिछले साल 16 दिसंबर को जब राहुल गांधी का राजतिलक एक भव्य मंच पर हो रहा था तब उनकी बहन प्रियंका मंच के बायीं तरफ कोने में पति रोबर्ट वाड्रा के साथ बैठी थीं। राहुल के राजतिलक के बाद सोनिया गांधी ने पार्टी के नेतृत्व का सवाल हमेशा के लिए खत्म कर दिया. अब ये तय है कि फिलहाल प्रियंका पहले की ही तरह राहुल गांधी के सहयोगी की तरह चुपचाप अपनी भूमिका निभाएंगी. वो राहुल की मदद करेंगी लेकिन मंच पर नही आएंगी.

लेकिन वक्त और हालात तय करेंगे कि प्रियंका हमेशा पर्दे के पीछे से ही रणनीति बनाती रहेंगी या पार्टी के मंच पर भी अपनी सियासी चमक बिखेरेंगी. उनकी तुलना दादी इंदिरा से हमेशा की जाती है. इंदिरा ने गूंगी गुड़िया से पीएम तक का सफर तय किया. प्रियंका ने अब तक औपचारिक रूप से शुरुआत भी नहीं की है. ज़ाहिर है हमेशा की तरह फैसला नेहरू गांधी परिवार को ही लेना है.

(न्यूज़18 के लिए अरुण सिंह की रिपोर्ट)

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