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कश्मीरी युवाओं के हाथों से फेंके गए पत्थर से देश और कश्मीर अस्थिर होता है: पीएम मोदी

अपने कश्मीर दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने किए कई शिल्यान्यास और उद्घाटन. कश्मीरी युवाओं से की बंदूक को छोड़ने की अपील

Updated On: May 19, 2018 05:46 PM IST

Bhasha

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कश्मीरी युवाओं के हाथों से फेंके गए पत्थर से देश और कश्मीर अस्थिर होता है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक जनसभा में कहा कि गुमराह युवाओं की ओर से उठाया गया प्रत्येक पत्थर और हथियार जम्मू कश्मीर और देश को अस्थिर करता है. मोदी ने इसके साथ ही राज्य के लोगों से इस अस्थिरता से बाहर आने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया.

रमजान के महीने के दौरान आतंकवाद निरोधक अभियान रोकने की घोषणा के बाद मोदी पहली बार राज्य के दौरे पर हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में विदेशी ताकतें सक्रिय हैं. जो जम्मू कश्मीर का विकास नहीं देख सकती हैं.

उन्होंने कहा कि गुमराह युवाओं द्वारा उठाया गया प्रत्येक पत्थर और प्रत्येक हथियार उनके अपने जम्मू कश्मीर को अस्थिर करता है. राज्य को इस अस्थिर माहौल से बाहर आना होगा. उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए भारत और कश्मीर के विकास की मुख्यधारा में शामिल होना पड़ेगा. केंद्र और राज्य सरकार के पास राज्य के विकास मुद्दों को सुलझाने के लिए नीति, इरादा और निर्णय करने की क्षमता है.

उन्होंने कहा, ‘मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे राज्य के विकास में अपनी ऊर्जा लगायें. सभी समस्याओं का हल केवल विकास, विकास और विकास है.’

प्रधानमंत्री मोदी ने देश को 330 मेगावाट किशनगंगा बिजली परियोजना समर्पित की जिसका निर्माण कश्मीर के गुरेज क्षेत्र में हुआ है. मोदी ने इसके साथ ही श्रीनगर स्थित शेर ए कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एसकेआईसीसी), श्रीनगर में श्रीनगर रिंग रोड की आधारशिला रखी.

42.1 किलोमीटर लंबी चार लेन वाली श्रीनगर रिंग रोड पश्चिम श्रीनगर स्थित गलांदर को बांदीपोरा जिले में सुंबल से जोड़ेगी. श्रीनगर में रिंग रोड का उद्देश्य इन शहरों में यातायात सघनता को कम करना और सड़क यात्रा को सुरक्षित , तेज , अधिक सुविधाजनक और अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाना है.

रमजान में परियोजना का उद्घाटन सुखद संयोग

उन्होंने कहा कि मेरा प्रधानमंत्री बनने के बाद एक वर्ष भी ऐसा नहीं बीता जब मैंने राज्य का दौरा नहीं किया. उन्होंने कहा कि यह महीना पैगम्बर मोहम्मद की शिक्षाओं और संदेश को याद करने का है. उनके जीवन से समानता और भाईचारे का पाठ देश को सही मायने में आगे ले जा सकता है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक खुशी वाला संयोग है कि परियोजना सौंपे जाने का समारोह रमजान के महीने में हो रहा है. यह परियोजना राज्य को न केवल मुफ्त बल्कि राज्य को पर्याप्त बिजली मुहैया कराएगी. राज्य की बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए बिजली के एक बड़े हिस्से की आपूर्ति देश के अन्य हिस्सों से होती है. 330 मेगावाट की यह परियोजना बिजली की कमी के मुद्दे को काफी हद तक सुलझा देगी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सौभाग्य योजना के तहत राज्य के प्रत्येक घर को बिजली मुहैया कराने का प्रयास कर रही है.

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के विकास का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन है लेकिन वह पुराने तरीकों पर नहीं चल सकता. ’’

उन्होंने कहा कि पर्यटक अब सुविधाएं चाहते हैं. वे पतली सड़कों में घंटों तक फंसे नहीं रहना चाहते. वे निर्बाध बिजली आपूर्ति चाहते हैं, वे स्वच्छता चाहते हैं, बेहतर हवाई सम्पर्क चाहते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन के विकास के लिए जरूरी एक आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए काम कर रही है.

मोदी ने कहा कि मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र से जम्मू कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी. राज्य के युवाओं को नये रोजगार के अवसर मिलेंगे.

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