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कोविंद ने नामांकन दाखिल किया, बोले- मैं सर्वोच्च पद की गरिमा बनाए रखूंगा

नामांकन के दौरान रामनाथ कोविंद के साथ बीजेपी के सीनियर नेता मौजूद रहे

FP Staff Updated On: Jun 23, 2017 01:49 PM IST

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कोविंद ने नामांकन दाखिल किया, बोले- मैं सर्वोच्च पद की गरिमा बनाए रखूंगा

एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को संसद भवन पहुंच कर राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए नामांकन दाखिल किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके प्रस्तावक बने.

अपना नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा 'आज मैंने राष्ट्रपति पद का नामांकन भरा. मैं सभी को विश्वास दिलाता हूं कि मैं सर्वोच्च पद की गरीमा को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा.'

उन्होंने कहा, 'मैं समर्थन करने वालों दलों को आभार व्यक्त करता हूं. गवर्नर बनने के बाद से मेरा कोई दल नहीं. राष्ट्रपति का पद दलगत राजनीति से ऊपर है.'

बिहार के पूर्व-राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए के कई मुख्यमंत्री, बीजेपी के वरिष्ठ नेता एल के आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, बीजेपी अध्यक्ष अमिता शाह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया. इस दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलनीस्वामी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव भी मौजूद रहे.

दूसरी ओर पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने कहा है कि मैं खुश हूं कि मुझे सर्वसम्मति से विपक्ष के 17 राजनीतिक दलों ने राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना है.

वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कांग्रेस और सहयोगियों की नीयत साफ नहीं है. कांग्रेस के एजेंडे में सचमुच दलित होता तो मीरा कुमार को पिछली बार ही राष्ट्रपति का उम्मीदवार बना देते.

इस दौरान नीतीश कुमार उनके साथ मौजूद नहीं रहे. बिहार के मुख्यमंत्री ने इससे पहले विपक्षी दलों से अलग जा कर एनडीए के उम्मीदवार को अपना समर्थन जताया था.

जेडीयू ने किया कोविंद को समर्थन के फैसले का बचाव

वहीं जदयू ने कोविंद के समर्थन को जायज ठहराया. जदयू प्रवक्ता के सी त्यागी ने इंडियन एक्सप्रेस को कहा, 'हमने गोपाल कृष्ण गांधी का नाम सुझाया था पर उस पर बात नहीं बन सकी. नीतीश जी ने सोनिया गांधी और लालू यादव को बताया था कि कोविंद ने राज्यपाल के रूप में निष्पक्षता के साथ जिम्मेदारी निभाई. ऐसे में उनका समर्थन स्वाभाविक था.'

यह पूछे जाने पर कि नीतीश कुमार बिहार की दलित नेता मीरा कुमार का समर्थन क्यों नहीं कर रहे हैं, त्यागी ने कहा कि इसे बिहार की दलित बनाम उत्तर प्रदेश के दलित जैसा मुकाबला ना बनाया जाए. साथ ही त्यागी ने राजद और कांग्रेस से दूरी और बीजेपी से नजदीकियों के अटकलों को भी खारिज किया.

एनडीए के पास है पर्याप्त संख्याबल

एनडीए के पास कुल इलेक्टोरल वोटों में से बीजेपी के 40 प्रतिशत समेत कुल 48 प्रतिशत वोट हैं. इसके अलावा कांग्रेस के लगभग 15 प्रतिशत, एआईएडीएमके के 5 प्रतिशत, बीजद के 3 प्रतिशत, टीआरएस के 2 प्रतिशत, और जदयू के 2 प्रतिशत से थोड़े कम वोट हैं.

राष्ट्रपति चुनाव 17 जुलाई को होंगे और वोटों के गिनती जुलाई 20 को की जाएगी.

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