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केंद्र सरकार के सचिवों से भी कम है राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति की सैलरी

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपालों के वेतन बढ़ाने का एक प्रस्ताव तैयार कर करीब एक साल पहले मंजूरी के लिये कैबिनेट सचिवालय को भेजा था जो अब तक लंबित पड़ा है

Bhasha Updated On: Nov 19, 2017 01:38 PM IST

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केंद्र सरकार के सचिवों से भी कम है राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति की सैलरी

आम तौर पर हर देशवासी के मन में भारतीय लोकतंत्र के सबसे ऊंचे पायदान पर विराजमान राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की सैलरी जानने को लेकर उत्सुकता रहती है.

आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि देश के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को प्रमुख नौकरशाहों और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के मुकाबले कम वेतन मिलता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि लगभग दो साल पहले सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद आई विषमताओं को दूर करने के लिए कानून में अब तक संशोधन नहीं हो पाया है.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपालों के वेतन बढ़ाने का एक प्रस्ताव तैयार कर करीब एक साल पहले मंजूरी के लिये कैबिनेट सचिवालय को भेजा था.

नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है. वर्तमान में राष्ट्रपति को डेढ़ लाख रुपए, उपराष्ट्रपति को सवा लाख रुपए और राज्यों के राज्यपाल को 1.10 लाख रुपए प्रति महीने वेतन मिलता है.

salaryhike

2008 में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपालों का अंतिम बार वेतन बढ़ा था

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के 1 जनवरी, 2016 के लागू होने के बाद देश के सर्वोच्च नौकरशाह कैबिनेट सचिव का वेतन ढाई लाख रुपए प्रति माह है जबकि केंद्र सरकार के सचिवों का वेतन प्रति माह सवा दो लाख रुपए है.

राष्ट्रपति तीनों सशस्त्र सेनाओं- जल, थल और वायु के सुप्रीम कमांडर भी होते हैं. राष्ट्रपति का वेतन तीनों सेनाओं के प्रमुखों के वेतन से भी कम है जिन्हें कैबिनेट सचिव के बराबर वेतन मिलता है.

सरकार के प्रवक्ता को जब टेक्स्ट मैसेज कर पूछा गया कि गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने में होने वाली देरी की वजह क्या है तो उनकी तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद इस आशय का विधेयक संसद में पेश किया जाएगा. इस प्रस्ताव के मुताबिक राष्ट्रपति का नया वेतन पांच लाख रुपए प्रति माह, उपराष्ट्रपति का वेतन साढ़े तीन लाख रुपए प्रति माह और राज्यपाल का वेतन तीन लाख रुपए प्रति माह हो सकता है.

इससे पहले वर्ष 2008 में अंतिम बार राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपालों के वेतन में इजाफा किया गया था.

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