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मुखर्जी ने RSS को सच का आईना दिखाया, मोदी को राजधर्म की याद दिलाई: कांग्रेस

मुखर्जी द्वारा अतिथि पुस्तिका में आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार को 'भारत मां का महान सपूत' बताने के बारे में सुरजेवाला ने कहा कि व्यक्ति अगर कोई औपचारिकता के लिए कहता है तो उसे ज्यादा महत्व नहीं दिया जाना चाहिए

Bhasha Updated On: Jun 08, 2018 09:39 AM IST

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मुखर्जी ने RSS को सच का आईना दिखाया, मोदी को राजधर्म की याद दिलाई: कांग्रेस

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस मुख्यालय में संबोधन के बाद कांग्रेस ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर संघ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा और कहा कि मुखर्जी ने संघ को 'सच का आईना' दिखाया एवं नरेंद्र मोदी सरकार को 'राजधर्म' की याद दिलाई.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा कि पूर्व राष्ट्रपति का आरएसएस मुख्यालय का दौरा बड़ी चर्चा का विषय बन गया था. देश की विविधता और बहुलता में विश्वास करने वाले चिंता व्यक्त कर रहे थे. लेकिन मुखर्जी ने आरएसएस को सच का आईना दिखाया है.

सुरजेवाला ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी सरकार को भी राजधर्म की याद दिलाई. उन्होंने कहा, 'मुखर्जी ने नागपुर में आरएसएस मुख्यालय में आरएसएस को सच का आईना दिखाया है. उनको बहुलवाद, सहिष्णुता, धर्मनिरपेक्षता और समग्रता के बारे में पाठ पढ़ाया है.'

उन्होंने कहा, 'मुखर्जी ने वर्तमान मोदी सरकार को 'राजधर्म' की याद दिलाई. मोदी सरकार हमारी विविधता, गैर-हिंसा, बहुसंस्कृतिवाद और विचारों को आत्मसात करे. उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि लोगों की खुशी में ही राजा का सुख है, उनका कल्याण ही उसका कल्याण है.'

कांग्रेस नेता ने सवाल किया, 'क्या आरएसएस मुखर्जी की नसीहत को सुनने और मानने के लिए तैयार है? क्या वह अपने भीतर परिवर्तन के लिए तैयार है? क्या आरएसएस बहुलवाद, सहनशीलता, अहिंसा, धर्मनिरपेक्षता और विविधता के मूल्यों को स्वीकारने को तैयार है?’’

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उन्होंने पूछा, 'क्या वह दलितों, अल्पसंख्यकों और वंचितों के ये पूर्वाग्रह त्याग देने के लिए तैयार है? क्या वह वैज्ञानिक सोच को मानेगी?'

उन्होंने कहा कि मोहन भागवत को इन सवालों का जवाब देना चाहिये.

मुखर्जी द्वारा अतिथि पुस्तिका में आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार को 'भारत मां का महान सपूत' बताने के बारे में सुरजेवाला ने कहा कि व्यक्ति अगर कोई औपचारिकता के लिए कहता है तो उसे ज्यादा महत्व नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि जो बातें उन्होंने भाषण में कही हैं, वो अहम हैं.

सुरजेवाला ने स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े कुछ वाकयों का जिक्र करते हुए दावा किया कि आरएसएस का भारत की आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं है.

RSS Chief at an event

इससे पहले ‘राष्ट्र, राष्ट्रवाद और देशप्रेम’ के बारे में आरएसएस मुख्यालय में अपने विचार साझा करते हुए पूर्व राष्ट्रपति एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रह चुके प्रणब मुखर्जी ने कहा कि भारत की आत्मा ‘‘बहुलतावाद एवं सहिष्णुता’’ में बसती है. मुखर्जी ने आरएसएस कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत में हम अपनी ताकत सहिष्णुता से प्राप्त करते हैं और बहुलवाद का सम्मान करते हैं. हम अपनी विविधता का उत्सव मनाते हैं.

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