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अड़ागिरि का दावा- पिता के सच्चे रिश्तेदार मेरे साथ हैं

पार्टी के सूत्रों का कहना है कि अगर अड़ागिरि विद्रोह करते हैं, तो भी स्टालिन उनसे आसानी से निपट लेंगे. क्योंकिअड़ागिरि की स्थिति अपने गढ़ मदुरै के साथ साथ पार्टी में भी काफी कमजोर हो गई है.

Updated On: Aug 13, 2018 02:46 PM IST

FP Staff

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अड़ागिरि का दावा- पिता के सच्चे रिश्तेदार मेरे साथ हैं
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डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि की मौत को हफ्ता भी नहीं हुआ और उनके दो बेटों, एमके स्टालिन और एमके अड़ागिरि के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरु हो गई है. मंगलवार को डीएमके कार्यकारिणी की बैठक होनी है. इसके पहले करुणानिधि के बड़े बेटे अड़ागिरि पिता की कब्र पर पहुंचे और अपने पिता के सच्चे रिश्तेदारों के समर्थन का दावा किया.

अड़ागिरि ने कहा- 'मेरे पिता के सच्चे रिश्तेदार मेरे साथ हैं. तमिलनाडु के सभी समर्थक मेरे साथ हैं और मुझे केवल प्रोत्साहित कर रहे हैं. समय हर बात का जवाब देगा... अभी मैं बस इतना ही कहूंगा.'

करुणानिधि की बीमारी के बाद से पार्टी का नेतृत्व स्टालिन कर रहे थे. करुणानिधि ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था. मई 2016 का विधानसभा चुनाव डीएमके ने स्टालिन के नेतृत्व में लड़ा था. इस चुनाव में पार्टी, सत्तारूढ़ एआईएडीएमके से हार गई थी. ये उनकी दूसरी सीधी हार थी.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार हार के बावजूद पार्टी के सूत्रों का कहना है कि अगर अड़ागिरि विद्रोह करते हैं, तो भी स्टालिन उनसे आसानी से निपट लेंगे. क्योंकि अड़ागिरिकी स्थिति अपने गढ़ मदुरै के साथ साथ पार्टी में भी काफी कमजोर हो गई है. मदुरै के एक वरिष्ठ द्रमुक नेता ने बताया, 'अगर वो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में खड़े होते हैं, तो भी उन्हें 5,000 से ज्यादा वोट नहीं मिलेंगे.'

अड़ागिरिऔर स्टालिन के बीच संबंधों में खटास उसी समय से शुरु हो गई थी जब से करुणानिधि ने स्टालिन को कार्यकारी अध्यक्ष का भार सौंपा था. एक समय था जब पार्टी पर अड़ागिरि का ही शासन माना जाता था. और 2009 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद वो मनमोहन सिंह सरकार में रसायन और उर्वरक मंत्री भी बने थे. लेकिन 2014 में उन्हें डीएमके से निष्कासित कर दिया गया. हालांकि इस बात की अटकलें लगाई जा रही थीं कि करुणानिधि के बाद दोनों भाइयों के बीच संबंध बेहतर होंगे और वो मिलकर पार्टी का नेतृत्व करेंगे. हालांकि, अलागिरी के ताजा स्टैंड को देखते हुए अब ऐसी अटकलें खारिज हो जाती हैं.

कल एक पार्टी के कार्यकारिणी की बैठक आयोजित होनी है जहां स्टालिन को नए द्रमुक प्रमुख के रूप में चुना जा सकता है. इस बीच, करुणानिधि की बेटी कनिमोई दिल्ली में पार्टी का चेहरा बनी रहेंगी.

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