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कालेधन पर सियासत ! साइड इफेक्ट पर शाह की सफाई

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अब सर्जिकल स्ट्राइक के साइड इफेक्ट से डरे हुए हैं.

Updated On: Nov 20, 2016 01:44 PM IST

Amitesh Amitesh

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कालेधन पर सियासत ! साइड इफेक्ट पर शाह की सफाई

अमित शाह जब बीजेपी दफ्तर में मीडिया से मुखातिब हुए तो एक बार फिर कालेधन के मुद्दे पर विरोधी दलों पर हमला बोल दिया. शाह ने कहा ‘नशीले पदार्थ की तस्करी करने वाले, आतंकी, और नक्सलियों को तकलीफ हो रही है. लेकिन, यह तकलीफ और हाय तौबा राजनीतिक दलों में क्यों है?’

‘मायावती, मुलायम, केजरीवाल और राहुल गांधी बताएं कि यह पीड़ा उन्हें क्यों हो रही है.’

शाह ने इन नेताओं से सवाल किया कि आप साफ तौर पर बताएं कि आप कालेधन पर सख्त कदम के समर्थन में हैं या विरोध में.

शाह यहीं नहीं रुके. कालेधन पर सरकार के कदम को सर्जिकल स्ट्राइक बताने वाले अमित शाह ने कहा कि इन सभी दलों ने अपने-आप को एक्सपोज कर दिया है.

अमित शाह के निशाने पर सीधे-सीधे वो सभी राजनीतिक दल थे जिन्होंने नोटबंदी के कदम का विरोध करते हुए इसे गरीब विरोधी बताया है.

हालांकि, अमित शाह मायावती के उस बयान पर जवाब देने से बचते नजर आए जिसमें मायावती ने कहा था कि बीजेपी खुद पैसों का बंदोबस्त कर चुकी है. बस इतना कहा कि ये मायावती की बौखलाहट है.

गौरतलब है कि गुरुवार को बीएसपी सुप्रीमो मायावती, एसपी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कांग्रेस ने बीजेपी और सरकार पर इस मुद्दे पर चौतरफा हमला बोला था.

मायावती ने कहा था कि बीजेपी ने पिछले ढ़ाई सालों में अपना बंदोबस्त कर लिया फिर इस तरह का कदम उठाया है.

लेकिन, इस मुद्दे को चुनाव में उठाने के लिए सभी सियासी दलों को चैलेंज कर अमित शाह ने साफ कर दिया कि इस मुद्दे पर अभी सियासत की शुरुआत भर हुई है. इस पर चुनावों में भी माहौल गरमाएगा.

अगले साल यूपी, पंजाब समेत 5 राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं. कालेधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कर अमित शाह ने साफ कर दिया कि बीजेपी इसे बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है.

लेकिन, हमले की तैयारी विपक्ष की तरफ से भी हो रही है. इस फैसले के बाद लोगों को आ रही परेशानियों को जोर-शोर से उठाया जा रहा है. एटीएम से पैसे निकालने में हो रही दिक्कतें और बैंकों में लगने वाली लंबी कतारों को मुद्दा बनाकर विरोधी दल सरकार पर हमलावर हैं.

बीजेपी की चिंता भी यही है. बड़ी मछलियों पर कार्रवाई के तहत अचानक हुए नोटबंदी के बड़े फैसले से छोटे व्यापारी, कारोबारी और किसान भी परेशान हैं. लिहाजा, जरूरत सफाई की आ पड़ी है. इस मुद्दे पर विरोधियों पर हमलावर होने के बावजूद बीजेपी को डर इस बात का सता रहा है कि कहीं मामला उल्टा न पड़ जाए.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अब सर्जिकल स्ट्राइक के साइड इफेक्ट से डरे हुए हैं. शाह ने सफाई देनी शुरू कर दी है. देश के लोगों को सांत्वना भी दे रहे हैं और संयम से काम लेने की अपील भी करते दिख रहे हैं.

अमित शाह जब बीजेपी दफ्तर में मीडिया से मुखातिब हुए तो कहा कि ये बहुत सोच समझकर उठाया गया कदम है. छोटे व्यापारी, गृहणी, किसान सबके हित की रक्षा की जाएगी.

छोटे व्यापारी बीजेपी के समर्थक रहे हैं. ऐसे में बीजेपी को लग रहा है कि इन व्यापारियों को हो रही परेशानियां उसे राजनीतिक रूग से नुकसान ना पहुंचा दे. शाह कहते हैं , छोटे कारोबारियों को होने वाले कन्फ्यूजन को दूर किया जा रहा है.

इसके पहले जीएसटी को लेकर छोटे व्यापारियों में भ्रम की स्थिति है. उन्हें लगता है कि जीएसटी से उन्हें नुकसान हो जाएगा.

लिहाजा बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती है. चुनौती है बीजेपी के शुरू से ही समर्थक रहे छोटे व्यापारियों को समझाने की.

वरना काला धन पर सर्जिकल स्ट्राइक का साइड इफेक्ट डराता रहेगा.......

 

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