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एक राष्ट्र-एक चुनाव के लिए लॉ कमिशन से मिलेंगे 14 राजनीतिक दल, कांग्रेस और लेफ्ट शामिल नहीं

14 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि लॉ कमीशन के साथ बैठक करेंगे, हालांकि दो पार्टियां इसमें शामिल नहीं होंगी

FP Staff Updated On: Jul 07, 2018 08:03 PM IST

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एक राष्ट्र-एक चुनाव के लिए लॉ कमिशन से मिलेंगे 14 राजनीतिक दल, कांग्रेस और लेफ्ट शामिल नहीं

प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार की कोशिश है कि देश के चुनावी सिस्टम में बड़ा बदलाव करते हुए एक राष्ट्र-एक चुनाव की नीति को अपनाई जाए. अब इस मामले में जल्द ही फैसला आ सकता है. एक ही साथ देश में लोकसभा और सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न कराने की संभावनाओं को लेकर 14 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि लॉ कमिशन के साथ बैठक करने वाले हैं. हालांकि इस बैठक से देश की दो महत्वपूर्ण पार्टियों ने दूरी बना ली है.

न्यूज-18 की खबर के मुताबिक, कांग्रेस और सीपीआई ने अभी तक लॉ कमिशन के निमंत्रण का जवाब नहीं दिया है, जबकि सीपीआई(एम) के नेता सीताराम येचुरी ने कमिशन को जवाब देकर प्रस्ताव को संसदीय लोकतंत्र की मौजूदा व्यवस्था को खतरा बताया. सीपीआई(एम) ने इसे संघवाद के लिए खतरा बताया है.

जस्टिस बीएस चौहान की अध्यक्षता वाले लॉ कमीशन ने राजनीतिक दलों को 'वन नेशन वन इलेक्शन' पर बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया था. सभी राजनीतिक दलों की बात सुनने के बाद कमीशन अपनी रिपोर्ट जमा करेगा.

लॉ पैनल के एक सदस्य ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस शनिवार को कमीशन से मिलने वाला पहला राजनीतिक दल होगा, जिसका प्रतिनिधित्व सुप्रीम कोर्ट का एक वकील करेगा, एआईएडीएमके रविवार और बीजेडी सोमवार को लॉ कमिशन से मिलेगी.

लॉ कमिशन के प्रस्ताव से उलझन में एआईएडीएमके

वहीं 2015-16 में एकसाथ चुनाव का समर्थन करने वाली एआईएडीएमके लॉ कमिशन के प्रस्ताव से उलझन में नजर आ रही है. एकसाथ चुनाव होने से राज्य सरकार का कार्यकाल कम हो सकता है, इसलिए राज्य के मुख्यमंत्री पलानीसामी और उप-मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम ने कमिशन को पत्र लिखकर कहा है कि तमिलनाडु की मौजूदा सरकार को 2021 तक अपना कार्यकाल पूरा करने दिया जाए और एकसाथ चुनावों की वजह से उसका कार्यकाल कम न किया जाए.

बीजू जनता दल (बीजेडी), यूपी बीजेपी और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) मीटिंग में हिस्सा लेंगी. दो मुस्लिम पार्टियां भी चौहान की अध्यक्षा वाले पैनल के साथ मीटिंग में हिस्सा लेंगी. सुप्रीम कोर्ट के वकीलों का समूह एआईयूडीएफ का प्रतिनिधत्व करेगा.

टीएमसी और कम्युनिस्ट पार्टियों ने किया था इसका विरोध

इस साल जनवरी में कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय संबंधी संसद की स्टैंडिंग कमेटी के सामने कांग्रेस, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने पीएम मोदी के वन नेशन, वन इलेक्शन के विचार का विरोध किया था.

तृणमूल कांग्रेस के एक सदस्य ने कहा कि एकसाथ चुनाव सरकार द्वारा अपनी नाकामयाबियों से ध्यान भटकाने की कोशिश है. पिछले साल एआईटीसी ने भी इसे सरकार द्वारा लोगों का ध्यान भटाने की कोशिश बताया था. वहीं ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक ने हाल ही में इस मुद्दे पर प्रधानमत्री मोदी का समर्थन करने की घोषणा की थी.

एकसाथ चुनाव के लिए लॉ कमिशन ने एक दस्तावेज तैयार किया है. दस्तावेज में कमिशन ने 1951 के जनप्रतिनिधि कानून में कई संवैधानिक और अन्य संशोधन सुझाने के साथ ‘एक देश एक चुनाव’ के नियम और प्रकिया बताई है. कमीशन ने एकसाथ चुनाव के लिए दो चरणों में चुनाव का प्रस्ताव रखा है.

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