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राहुल ने पीएम से दावोस में इस बात का जिक्र करने को कहा

स्विटजरलैंड के दावोस शहर में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के 48वें समिट में पीएम मोदी प्लेनरी सेशन को संबोधित किया

Updated On: Jan 23, 2018 06:08 PM IST

FP Staff

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राहुल ने पीएम से दावोस में इस बात का जिक्र करने को कहा
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राहुल गांधी ने पीएम मोदी के दावोस यात्रा पर ट्वीटकर उनपर तंज कसा है. इससे पहले सोमवार को भी राहुल पीएम मोदी के गले लगने पर तंज कस चुके हैं.

राहुल गांधी ने मंगलवार को ट्वीट करके कहा कि प्रिय पीएम, स्विटजरलैंड में आपका स्वागत है! कृप्या दावोस को बताएं कि भारत की 1 फीसदी आबादी के पास देश की 73 फीसदी संपत्ति है. मैं रिफरेंस के लिए एक रिपोर्ट भी आपके लिए दे रहा हूं.

राहुल गांधी ने इस ट्वीट के साथ एक खबर के लिंक को भी शेयर किया है.

इससे पहले पीएम मोदी ने मंगलवार को स्विटजरलैंड के दावोस शहर में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के 48वें समिट में पीएम मोदी प्लेनरी सेशन को संबोधित किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के सामने भारतीय अर्थव्यवस्था, यहां निवेश और अपनी नीतियों के बारे में बताया. ये हैं उनके भाषण की अहम बातें...

- दुनिया में शांति के लिए भारत हमेशा काम करता रहेगा. संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना में भारत का अहम योगदान है.

- आज पूरी दुनिया तीन चुनौतियों से जूझ रही है. पहली है क्लाइमेट चेंज, दूसरी आतंकवाद और तीसरी देशों का आत्मकेंद्रित होना.

- भारत के 600 करोड़ मतदाताओं ने 2014 में 30 सालों में पहली बार किसी एक राजनैतिक पार्टी को पूर्ण बहुमत दिया. हमने किसी एक वर्ग के सीमित विकास नहीं, पूरे देश के विकास का संकल्प लिया. हम सबका साथ, सबका विकास हमारा मंत्र है.

- भारत में व्यापार करना बहुत आसान हो गया है. हमने 1400 से अधिक कानून खत्म किए हैं.

- हम रेड टेप से रेड कार्पेट तक पहुंच गए. एफडीआई के लिए कई योजनाएं. नौकरी देना नहीं रोजगार देना हमारा मकसद. हमे गरीबी, बेरोजगारी और अलगाववाद को दूर करना है.

- 1997 में ट्वीट करना केवल चिड़ियों का काम था. उस जमाने में भी दावोस था, अपने समय से आगे और आर्थिक विकास का परिचायक.

- हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां हमारे चारों ओर होने वाले बदलावों का हमपर भी असर पड़ रहा है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना सभी के लिए जरूरी है.

- जब आतंकवाद ने यमन को घेरा तो भारत ने अपने नागरिकों के साथ-साथ दूसरे देशों के 2000 से ज्यादा लोगों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला.

- भारत ने यह साबित किया है कि लोकतंत्र, विविधता के सम्मान, सौहार्द और सहयोग से सभी विवादों और दरारों को मिटाया जा सकता है.

- सशक्त मंच बनाने के लिए शुक्रिया. 1997 में देवगौड़ा साहब यहां आए थे. ये दुनिया की आर्थिक हालत सुधारने का एजेंडा है.

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