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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई में भाषण की 10 बड़ी बातें

छत्रपति शिवाजी मेमोरियल की आधारशिला रखने के मौके पर बोले मोदी- भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जीतने तक रुकेगी नहीं

Updated On: Dec 24, 2016 08:24 PM IST

FP Staff

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई में भाषण की 10 बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मुंबई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि नोटबंदी के 50 दिन बाद ईमानदार की तकलीफ कम होगी. लेकिन बेईमानों को बहुत तकलीफ होगी. प्रधानमंत्री मुंबई के पास अरब सागर में छत्रपति शिवाजी महाराज मेमोरियरल की आधारशिला रखने पहुंचे थे.

मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें हैं.

देश भ्रष्टाचार सहने को तैयार नहीं

बेईमानों को मोदी का डर न लगता हो तो न लगे, सरकार का डर न लगता है तो न लगे. लेकिन बेईमान लोगों! आपको इस देश के लोगों से तो डरना पड़ेगा. यह देश अब भ्रष्टाचार सहने को तैयार नहीं है.

बेईमानों की बर्बादी का वक्त शुरू

देश की जनता को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि ये लड़ाई तब तक नहीं रुकेगी जब तक हम जीतेंगे नहीं. गरीबों का जो हिस्सा आपके पास पड़ा है वह आपको देना पड़ेगा. अगर आप सोचते हैं कि आप कोई रास्ता निकाल कर बच जाएंगे तो आपको पता होना चाहिए कि सरकार बदल चुकी है. बेईमानों की बर्बादी का वक्त शुरू हो चुका है.

ईमानदारों की तकलीफ कम होगी

मैंने कहा था कि, 50 दिन तकलीफ होगी. लोगों ने झेला है लेकिन मेरा साथ नहीं छोड़ा. आगे जितने भी दिन तकलीफ होगी, देश झेलने को तैयार है. 50 दिन बाद ईमानदारों की तकलीफ कम होनी शुरू होगी. और बेईमानों की तकलीफ बढ़नी शुरू होगी.

बैंक वालों को भी मरवा दिया

बेईमानों की परतें खुल रही हैं. उनको लगता है कि बैंक में आ गया तो हो गया काम, अरे बैंक में आने के बाद ही तो काम शुरू हुआ है. कुछ लोगों को लगता था कि बैंक वालों को पटा लो तो काला धन सफेद हो सकता है. अरे गोरे-काले वालों, आप तो मरे, उन बैंक वालों को भी मरवा दिया.

देश कभी पराजित नहीं हो सकता

मुंबई के लोगों ने चुनाव में मुहर लगा कर दिखा दिया कि सच किसके साथ है. मैंने गोवा में कहा था कि लड़ाई आसान नहीं है. 70 साल जिन्होंने मलाई खाई है ऐसे तगड़े लोग पूरी ताकत लगा देंगे कि यह सफल न हो. किसी ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. लेकिन सवा सौ करोड़ लोगों के सामने मलाई खाने वाले टिक नहीं सकते. देश कभी भी पराजित नहीं हो सकता.

हर काम का सबूत मांगा जाता है

हमारे यहां हर काम का सबूत मांगा जाता है. अगर आप चुनाव जीत जाते हैं, तो आपने अच्छा काम किया. अगर आप चुनाव हार जाते हैं तो आपका निर्णय गलत था.

सवा सौ करोड़ लोग बदलेंगे देश

कौन कहता है कि देश बदल नहीं सकता. सवा सौ करोड़ लोगों के भरोसे देश बदल सकता है. देश बदलेगा, देश आगे बढ़ेगा और सिर ऊंचा करके दुनिया के सामने खड़ा हो जाएगा

18 हजार गांवों में पहुंचेगी बिजली

आजादी के 70 साल बाद जो गांव ऐसे थे जो अठारवीं शताब्दी में जीने को मजबूर थे. उनको बिजली नहीं मिलती थी. हमारी सरकार ने 1 हजार दिन में 18 हजार गांवों में बिजली पहुंचाने का बीड़ा उठाया है. आधे से ज्यादा पूरा कर दिया गया है. 1 हजार दिन में ये काम पूरा करना है

गरीबों को सस्ती दवाई मिलेगी

गरीब परिवारों को चूल्हे के धुएं से मुक्त कराना है. करोड़ों लोगों को गैस चूल्हा दिलाने का बीड़ा हमने उठाया है. हमने बीड़ा उठाया कि गरीब को देश में सस्ती दवाई मिले और कोई उसका शोषण न कर सके.

बढ़ी पेशन से बुजुर्गों की जिंदगी अच्छी होगी

मेरे पास एक कागज आया, लोगों की पेंशन का कागज था. किसी को 7 रुपया, किसी को 10 रुपया तो किसी को 51 रुपया. हमने निर्णय किया कि रिटायर्ड लोगों को कम से कम 1 हजार रुपया मिलने की व्यवस्था होनी चाहिए, पैसे चाहे जितने लगें. सैकड़ों करोड़ का बोझ सरकारी खजाने पर पड़ा लेकिन बुजुर्गों को अच्छी जिंदगी देने के लिए हमारी सरकार ने कदम उठाया.

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