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चार साल के जश्न के मौके पर ओडिशा में मोदी, नजर पूर्वी भारत पर

सरकार के चार साल पूरा होने के मौके पर 26 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा के कटक में एक बड़ी रैली करने वाले हैं

Amitesh Amitesh Updated On: May 22, 2018 02:11 PM IST

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चार साल के जश्न के मौके पर ओडिशा में मोदी, नजर पूर्वी भारत पर

सरकार के चार साल पूरा होने के मौके पर 26 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा के कटक में एक बड़ी रैली करने वाले हैं. इस दिन मोदी अपनी सरकार की चार साल की उपलब्धियों का जिक्र भी करेंगे. लेकिन, चौथे साल के जश्न के मौके पर मोदी का ओडिशा में जाना अपने-आप में बड़ा महत्व रखता है.

एक्ट ईस्ट पॉलिसी पर नजर

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर पहले से ही पूर्वी भारत पर रही है. सत्ता में आने के बाद से एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत उनके विकास के एजेंडे में पूर्वी भारत सबसे ऊपर रहा है. मोदी बार-बार कहते रहे हैं कि विकास के मानक पर पश्चिम भारत के राज्यों की तुलना में पूर्वी भारत के राज्य काफी पिछड़े हैं, लिहाजा उन्हें भी बराबरी पर लाने के लिए हमें और मेहनत करनी होगी.

उनके एजेंडे में ओडिशा के अलावा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और नॉर्थ-ईस्ट के सभी राज्य रहे हैं. अब अपनी सरकार के चार साल के मौके पर ओडिशा पहुंचना उनकी इसी रणनीति को दिखाता है. बीजेपी को लगता है कि कटक से निकले संदेश का असर ओडिशा के अलावा इन सभी राज्यों में होगा. ओडिशा से सटे तटीय राज्य तेलंगाना और आन्ध्र प्रदेश तक भी मोदी के इस संदेश का असर होगा.

ओडिशा को चुनने के पीछे खास वजह

ओडिशा में विधानसभा के चुनाव भी लोकसभा के साथ ही होने हैं, लिहाजा, वहां भी बीजेपी अपनी रणनीति को नई धार देने में लगी है. पिछले साल ओडिशा में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद से ही पार्टी वहां की नवीन पटनायक सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है. बीजेपी इस बार विधानसभा चुनाव में बीजेपी हर हाल में ओडिशा के भीतर अपनी सरकार बनाने की कोशिश कर रही है. ऐस में प्रधानमंत्री  का कटक से चार साल के जश्न को यादगार बनाना खासा मायने रखता है.

ओडिशा के बीजेपी के प्रभारी महासचिव अरुण सिंह प्रधानमंत्री मोदी के ओडिशा जाकर चार साल के जश्न मनाने को वहां के लोगों के प्रति उनका स्नेह और प्यार बता रहे हैं. फ़र्स्टपोस्ट से बातचीत के दौरान अरुण सिंह कहते हैं ‘ओडिशा के विकास को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिंता हमेशा रहती है इसीलिए वहां यह सभा हो रही है. प्रधानमंत्री के दौरे से वहां के बीजेपी कार्यकर्ता भी काफी उत्साहित हैं.’ बीजेपी महासचिव के बयान से साफ है कि बीजेपी कार्यकर्ता भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से काफी उत्साहित हैं और पूरे राज्य में इस दौरे के बाद पार्टी कैडर में नई जान फूंकी जा सकेगी.

48 साल बनाम 48 महीने

2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही मोदी ने पाई-पाई का हिसाब देने का वादा किया था. उसी वादे के मुताबिक, सरकार की सालगिरह के मौके पर उनकी तरफ से अपने काम का हिसाब दिया जाता है. लेकिन, इस बार की सालगिरह कुछ खास है. खास इसलिए क्योंकि सरकार की यह चौथी सालगिरह है और इसके बाद लोकसभा चुनाव 2019 की उल्टी गिनती भी शुरू हो जाएगी.

इसीलिए इस बार जश्न को खास और व्यापक अंदाज में मनाया जा रहा है. बीजेपी ने चार साल के जश्न को मनाने के लिए नया टैग लाइन दिया है- 48 साल बनाम 48 महीने. यानी पार्टी कांग्रेस के 48 साल के शासन काल की तुलना मोदी सरकार के 48 महीने से कर रही है और जनता को यह बताने का प्रयास कर रही है कि कैसे मोदी सरकार ने 48 महीने में ही इतना विकास कर दिया जो कि कांग्रेस के 48 साल के शासन काल में नहीं हुआ था.

बीजीपी की तरफ से चार साल के जश्न के मौके पर कई तरह के कार्यक्रम चलाए जाएंगे. मसलन, बूथ संपर्क अभियान के अंतर्गत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बूथ स्तर के लोगों को सरकार की उपलब्धि के बारे में बताएगें. इसके अलावा समाज में वरिष्ठ नागरिकों से भी संपर्क करने की कोशिश की जाएगी. ऐसा कर उन्हें सरकार के काम के बारे में बताया जाएगा. बीजेपी को लगता है कि सरकार के प्रति अच्छी ओपिनियन बनाने में वरिष्ठ नागरिकों की भूमिका बेहतर हो सकती है.

स्वच्छता अभियान और उज्जवला योजना पर रहेगा फोकस

इस पूरे कार्यक्रम के दौरान बीजेपी स्वच्छता अभियान को भी और जोर-शोर से चलाएगी. अपनी सरकार  की उपलब्धियों में पार्टी ने स्वच्छता अभियान को बड़ी उपलब्धि के तौर पर प्रचारित करने का फैसला किया है. इसके अलावा पार्टी हर गांव बिजली के लक्ष्य पूरा होने के बाद अब हर घर बिजली पहुंचाने के लक्ष्य को बड़ी उपलब्धि के तौर पर प्रचारित करने वाली है.

मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना के अंतर्गत अब 5 करोड़ नए घरों में मुफ्त में गैस कनेक्शन देने का फैसला किया है. पार्टी की कोशिश उज्ज्वला योजना को एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश करने की है, क्योंकि सरकार इसे अगले लोकसभा चुनाव के वक्त गेमचेंजर मानकर चल रही है.

सड़क निर्माण के क्षेत्र में भी बीजेपी अपनी सरकार की उपलब्धियों को बड़े जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है. सरकार का दावा है कि प्रतिदिन 27 किलोमीटर सड़क के लक्ष्य को फिलहाल हासिल कर लिया गया है, लेकिन, आने वाले दिनों में इसे 50 किलोमीटर प्रतिदिन के लक्ष्य तक भी ले जाने की कोशिश की जाएगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने से पहले बुलेट ट्रेन का सपना दिखाया था. अब सरकार के चार साल के मौके पर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की परियोजना पर चल रहे काम को बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया जाएगा.

बीजेपी ने सरकार के बेहतर काम और सभी उपलब्धियों का खाका तैयार करने के लिए चार केंद्रीय मंत्रियों को जिम्मेदारी दी थी. नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी, धर्मेंद्र प्रधान और पीयूष गोयल ने मिलकर ये पूरा खाका तैयार किया है. अब 26 मई को चार साल के जश्न के मौके पर और  उसके बाद भी मोदी सरकार के सभी मंत्री और बीजेपी के बड़े नेता अलग-अलग शहरों और कस्बों में जाकर देश भर में उपलब्धियों का बखान करते नजर आएंगे. प्रेस कांफ्रेंस से लेकर जनसभा भी होगी, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी कटक से करने वाले हैं.

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