S M L

पिछले एक साल में PM मोदी को मिले 168 विदेशी तोहफे, जानें क्या है कीमत?

अगर दान या तोहफे का अनुमानित मूल्य पांच हजार रुपए से ज्यादा हो जाता है, तो उसे बाजार मूल्य के निर्धारण के लिए विदेश मंत्रालय के तोषखाना में भेजा जाता है

Updated On: Aug 26, 2018 09:49 PM IST

FP Staff

0
पिछले एक साल में PM मोदी को मिले 168 विदेशी तोहफे, जानें क्या है कीमत?
Loading...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले एक साल में विदेश यात्राओं के दौरान 12.57 लाख रुपए मूल्य के 168 तोहफे मिले हैं. इन महंगे तोहफों में फाउंटेन पेन, सेलेंगर लिमिटेड एडिशन पट्टिका, मो ब्लॉ की कलाई घड़ी, टी सेट, चीनी मिट्टी के बर्तन, मंदिर, चैत्य की प्रतिकृतियां, विष्णु-लक्ष्मी, भगवान गणेश की प्रतिमा, पेंटिंग, कालीन, बुलेट ट्रेन का मॉडल, फोटोग्राफ और किताबें शामिल हैं.

विदेश मंत्रालय के तोषखाना विभाग (Treasury) के ब्योरे के मुताबिक, जुलाई, 2017 से जून 2018 के बीच प्रधानमंत्री मोदी को विदेश यात्राओं के दौरान 168 तोहफे मिले. इस अवधि में प्रधानमंत्री ने इस्राइल, जर्मनी, चीन, जॉर्डन, फिलिस्तीन, यूएई, रूस, ओमान, स्वीडन, ब्रिटेन, इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर समेत 20 देशों की यात्राएं कीं. प्रधानमंत्री को मिले तोहफे में सबसे कीमती उपहार रॉयल सेलेंगर लिमिटेड एडिशन चांदी की पट्टिका है, जिसकी कीमत 2,15,000 रुपए बताई गई है.

प्रधानमंत्री को मिले उपहारों में मो ब्लॉ की कलाई घड़ी भी शामिल है. इसकी कीमत 1,10,000 रुपए है. इसके अलावा उन्हें मॉट ब्लैंक की एक जोड़ी कलम भी गिफ्ट मिली है, जिसकी कीमत 1,25,000 रुपए थी.

तोहफे में खंजर और तलवारें भी मिली

विदेश यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री को मस्जिद की प्रतिकृति भेंट की गई, जिसकी कीमत 50 हजार रुपये बताई गई है. मोदी को विदेश यात्रा के दौरान एक खंजर भी उपहार के रूप में मिली, जिसकी कीमत 20 हजार रुपये थी. उन्हें दो बार म्यान सहित तलवार तोहफे में मिल चुकी हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले एक वर्ष में विदेश यात्रा के दौरान महाभारत की प्रति, योग मैट (चटाई), चांदी की कटोरी, मुक्तिनाथ और पशुपतिनाथ मंदिर की प्रतिकृति, एशियाई खेल 2018 के शुभंकर से जुड़ा खिलौना, अमृत कलश, धातु का ट्रे, लकड़ी का बना श्रीलंकाई हाथी, क्रिस्टल का कटोरा, चीन की प्राचीन चाइम घंटी की प्रतिकृति, शॉल, गरुड़ विष्णु की धातु निर्मित मूर्ति, कंबल, मफलर, कार्डिगन जैसे उपहार मिले हैं.

विदेश यात्राओं के दौरान मेजबान देशों से उन्हें ‘कल्चरल शॉक, गार्डन आफ अस्ताना, रूसी भाषा की एक किताब, बाल्मिकी रामायण का एक सेट, बेलारूस की धरोहर पर एक किताब भी भेंट की गई. इसके अलावा उन्हें डॉलफिन की पेंटिंग, बच्चों की बनाई पेंटिंग, चांदी की कटोरी, महोगनी की लकड़ी की ट्रे, ग्लास, चाय की केतली जैसे तोहफे भी प्राप्त हुए.

नियमों के मुताबिक पांच हजार से कम के तोहफे ही वापस किए जाते हैं

विदेशी अभिदाय विनियमन अधिनियम 2010 के अनुसार, जब किसी भारतीय प्रतिनिधिमंडल के किसी सदस्य को दान या भेंट के माध्यम से विदेशी चीजें मिलती है. तो उसे ऐसे दान या भेंट की प्राप्ति के तीन दिन की अवधि के भीतर संबंधित मंत्रालय या विभाग को देनी होती है.

अगर ऐसे दान या तोहफे का अनुमानित मूल्य पांच हजार रुपए से ज्यादा हो जाता है, तो ऐसे दान या भेंट को बाजार मूल्य के निर्धारण के लिए विदेश मंत्रालय के तोषखाना में भेजा जाता है. बाजार मूल्य पांच हजार रुपए से कम होने की स्थिति में वह संबंधित व्यक्ति को वापस दे दिया जाता है. पांच हजार से अधिक मूल्य होने पर उसे जमा कर लिया जाता है.

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi