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मिदनापुर में PM मोदी: किसानों की किसी सरकार ने नहीं सुनी, हमने MSP डेढ़ गुना बढ़ाया

पीएम ने कृषक कल्याण रैली को संबोधित करते हुए कहा, पहले की सरकारों ने एमएसपी नहीं बढ़ने दिया. अब लागत का डेढ़ गुना मिल रहा है लाभ

Updated On: Jul 16, 2018 01:55 PM IST

FP Staff

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मिदनापुर में PM मोदी: किसानों की किसी सरकार ने नहीं सुनी, हमने MSP डेढ़ गुना बढ़ाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं. मिदनापुर में उनकी रैली हो रही है. पीएम मोदी की इस रैली को सूबे में बीजेपी के 2019 चुनाव के लिए अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है.

अपनी 'कृषक कल्याण रैली' में प्रधानमंत्री ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के हालिया फैसले समेत किसानों के हित में अपनी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी जिस तरह से मुख्य विपक्षी के तौर पर उभर रही है, उसे देखते हुए पार्टी को 2019 में सूबे से काफी उम्मीदें हैं.

अपने संबोधन की शुरुआता करते हुए पीएम ने कहा, स्वतंत्रता आंदोलन हो, सामाजिक सुधार के कार्यक्रम हों, सामान्य मानव का सशक्तीकरण हो या फिर शिक्षा के उच्च मापदंड मेदिनीपुर ने इतिहास में अपना एक विशेष स्थान बनाया है.

पीएम ने अपने संबोधन में आगे कहा, मैं ममता दीदी का अभारी हूं क्योंकि मैंने देखा कि आज मेरे स्वागत में उन्होंने इतने झंडे लगाए और इसलिए भी कि स्वयं हाथ जोड़ कर के पीएम के स्वागत के लिए अपने होर्डिंग लगा लिए.

प्रधानमंत्री ने कहा, किसानों के लिए हमने इतना बड़ा फैसला किया है कि आज तृणमूल को भी इस सभा में हमारा स्वागत करने के लिए झंडे लगाने पड़े और उनको अपनी तस्वीर लगानी पड़ी, ये बीजेपी की नहीं हमारे किसानों की विजय है.

सरकारों ने किसानों की नहीं सुनी

उन्होंने कहा, केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद हमारी सरकार ने किसानों को डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने का निर्णय ले लिया. किसानों को MSP सही मिले इसके लिए किसान मांग करते रहे, आंदोलन करते रहे लेकिन दिल्ली में बैठी सरकार ने किसानों की एक न सुनी.

पीएम ने कहा, किसान हमारे अन्नदाता और गांव हमारे देश की आत्मा हैं. कोई भी समाज तब तक आगे नहीं बढ़ सकता. अगर देश का किसान उपेक्षित हों तो कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता है.

मां-मानुष-माटी पर हमला

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, मां-माटी-मानुष की बात करने वालों का पिछले 8 साल में असली चेहरा, उनका सिंडिकेट सामने आ चुका है. सिंडिकेट की मर्जी के बिना पश्चिम बंगाल में कुछ भी करना मुश्किल हो गया है. बंगाल में नई कंपनी खोलनी हो, नए अस्पताल खोलने हों, नए स्कूल खोलने हों, नई सड़क बनानी हो, बिना सिंडिकेट को चढ़ावा दिए, उसकी स्वीकृति लिए, कुछ भी नहीं हो सकता.

'बंगाल में हिंसा और आतंक'

पूर्व की वामपंथी सरकारों पर हमला करते हुए पीएम ने कहा, दशकों के वामपंथी शासन ने पश्चिम बंगाल को जिस हाल में पहुंचाया, आज बंगाल की हालात उससे भी बदतर होती जा रही है. बंगाल में हुए पंचायत के चुनावों में हिंसा और आंतक का माहौल होने के बाबजूद जिस प्रकार से बंगाल की जनता ने बीजेपी को समर्थन दिया है उसके लिए मैं जनता को धन्यवाद देता हूं.

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