S M L

मोदी सरकार की सौभाग्य योजना: मणिपुर के लोग बोले- इस बार मजे में फुटबॉल मैच देखा

नमो ऐप के जरिए पीएम मोदी ने देश के कई राज्यों में योजना का लाभ उठाने वाले लोगों से बात की

Updated On: Jul 19, 2018 01:19 PM IST

FP Staff

0
मोदी सरकार की सौभाग्य योजना: मणिपुर के लोग बोले- इस बार मजे में फुटबॉल मैच देखा

प्रधानमंत्री मोदी ने आज नमो ऐप पर केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना के लाभार्थियों से बात की. सरकार की हर घर तक बिजली पहुंचाने की योजना के बारे में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'मैंने लाल किले से हर गांव में बिजली पहुंचाने की घोषणा की. हम प्रत्येक गांव में गए. हमने न सिर्फ बिजली पहुंचाने पर फोकस किया, बल्कि देश भर में बिजली ट्रांसमिशन के नेटवर्क को भी ठीक किया.'

नमो ऐप के जरिए पीएम मोदी ने देश के कई राज्यों में योजना का लाभ उठाने वाले लोगों से बात की. मणिपुर के एक गांव के लोगों से बात करते हुए पीएम मोदी ने पूछा कि बिजली आने के बाद उन्होंने वर्ल्ड कप फुटबॉल का मैच भी देखा होगा. इस पर गांव वालों ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहले हमारे यहां टीवी नहीं था क्योंकि बिजली ही नहीं थी. बिजली आने के बाद हमारे यहां टीवी भी है और हमने फुटबॉल मैच भी देखा.

पीएम मोदी से बात करते हुए गांव वालों ने बताया कि इस गांव में कोई साधन नहीं था. लेकिन पहली बार सीएम ने उनके गांव पर ध्यान दिया. हर घर में बिजली कनेक्शन मिला. हमने नहीं सोचा था कि हमारे गांव में कभी बिजली भी आएगी.

अरुणाचल प्रदेश के तमांग के एक गांव के लोगों से पीएम मोदी ने बात की. पीएम ने वहां की एक महिला से पूछा कि आपके यहां तो ठंड होती होगी. इसके जवाब में महिला ने कहा कि यहां ठंड होती है. लेकिन बिजली आने के बाद से हमारी जिंदगी आसान हुई है. महिला ने कहा कि ठंड में अब हम लोग हीटर जला लेते हैं. बिजली आने की वजह से ज्यादा मुश्किल नहीं होती. टीवी भी देखते हैं और रात 11 बजे तक स्वेटर बुनते रहते हैं. अब पहले की तरह लकड़ी और कैंडल नहीं जलाना पड़ता. धुंए से भी राहत मिली है. बिजली होने की वजह से अब बच्चे भी पढ़ाई में ज्यादा ध्यान देते हैं.

पीएम मोदी ने त्रिपुरा के लोगों से भी बात की. त्रिपुरा के लोगों ने बताया कि बिजली आने से सबसे ज्य़ादा बच्चे खुश हैं. डलाई जिले के हरदयाल पाड़ा के एक गांव के लोगों ने कहा कि अब अंधेरा दूर हो गया है. 2016 में यहां बिजली पहुंची थी लेकिन सभी घरों में नहीं. लेकिन 2017 में सभी घरों में पहुंच गई. लोगों ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई में सुधार हुआ है. बिजली आने के बाद लोगों ने पंंखे खरीदे हैं.

एक महिला ने बताया कि बिजली पहुंचने से पहले घर से निकलने में डर लगता था. अब वे लोग रात में भी घूमने के लिए भी निकल जाते हैं. रात को खाना बनाने में मुश्किल नहीं होती. पहले तो 2 बजे से ही खाना बनाने लग जाते थे. अब 7 बजे खाना बना लेते हैं.

असम के एक गांव के लोगों ने कहा कि गांव में 2016 में कुछ घरों में बिजली आई थी. लेकिन 2017 में सभी घरों में बिजली आ गई. एक महिला ने बात करते हुए कहा कि बिजली आने से पहले उन्हें किसी कागजात का जिरॉक्स करवाने दूसरे गांव में जाना पड़ता था. अब गांव में तीन-तीन जिरॉक्स का दुकान खुल गई है. पानी की दिक्कत थी. अब नहीं है. बिजली बिल मोबाइल पर आ जाता है. मोबाइल के जरिए आसानी से बिल भरते हैं.

सरकार की सौभाग्य योजना के तहत गरीबों लोगों को निशुल्क बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं. कनेक्शन के साथ ही एक एलईडी बल्ब, मीटर, सर्विस कनेक्शन, सॉकेट और स्विच भी दिए जा रहे हैं. योजना के तहत 31 मार्च 2019 तक हर घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार 16,000 करोड़ रुपये की लागत से गरीबों तक बिजली पहुंचा रही है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi