S M L

चंपारण में मोदीः शुगर मिल की विधवाएं बैठी हैं उपवास पर

सत्ता में आने के कुछ समय बाद ही मोदी ने चम्पारण में बंद पड़ी शुगर मिलों को खोलने का वादा किया था

FP Staff Updated On: Apr 10, 2018 09:11 AM IST

0
चंपारण में मोदीः शुगर मिल की विधवाएं बैठी हैं उपवास पर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे. इस दौरान पीएम मोदी को सुनने कई लोगों के पहुंचने की उम्मीद है. इनमें शुगर मिल कर्मियों की दो विधवाएं भी होंगी, जो यह जानने पहुंचेंगी कि 2014 चुनाव के दौरान किए अपने वादे पर पीएम मोदी का अब क्या कहना है.

सत्ता में आने के कुछ समय बाद ही मोदी ने चंपारण में बंद पड़ी शुगर मिलों को खोलने का वादा किया था. उन्होंने कहा था, 'अगली बार आऊंगा तो अभी बंद पड़ी मिल में बनी चीनी से बनी चाय पीयूंगा.'

हालांकि, मोतिहारी में दो शुगर मिलें अब तक बंद पड़ी हैं. इस बीच हालात और खराब ही हुए हैं. पिछले साल 10 अप्रैल को नरेश श्रीवास्तव और सूरज बैठा नाम के दो कर्मियों ने आत्महत्या कर ली थी. मिलों के बंद होने के बाद सैकड़ों कर्मी और उनके परिवार दो वक्त की रोटी के लिए जूझ रहे हैं. मिल मालिकों और राज्य सरकार ने अब तक उन्हें उनका मुआवजा नहीं दिया है.

दोनों मजदूरों की मौत के ठीक एक साल बाद पीएम यहां दौरा कर रहे हैं. दोनों कर्मियों की पत्नियां पूर्णिमा श्रीवास्तव और माया देवी शनिवार से मिल के गेट पर अनशन कर रही हैं.

विधवाओं ने कहा चाहिए इंसाफ, आरजेडी ने किया कार्यक्रम का बहिष्कार 

माया देवी ने बताया, 'हमारे लिए कुछ भी बदला नहीं है. कोई मुआवजा नहीं मिला, पिछला वेतन भी नहीं मिला है. हमें इंसाफ चाहिए और हमें प्रधानमंत्री से उम्मीद है कि वह हमें इंसाफ देंगे.'

स्थानीय आरजेडी नेताओं ने नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का बायकॉट करने का फैसला किया है. स्थानीय नेता विनोद श्रीवास्तव ने कहा, 'मोदी के दौरे में 200 करोड़ का खर्चा होगा. केवल टेंट का खर्चा 20 करोड़ है. इतने पैसे इन मिल कर्मियों के लिए बहुत हैं लेकिन बीजेपी और इसके नेता सिर्फ बोलने का काम करते हैं. पीएम को बताना चाहिए कि वह अपने वादे क्यों भूल गए?'

चम्पारण में पीएम मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 20 हजार से ज्यादा स्वच्छग्राहियों को संबोधित करेंगे. वह यहां कई विकास योजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे.

(न्यूज 18 के लिए मुकेश कुमार की रिपोर्ट)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
International Yoga Day 2018 पर सुनिए Natasha Noel की कविता, I Breathe

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi