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मन की बातः बापू के दिखाए रास्ते पर चलना सबसे बड़ी श्रद्धांजलि- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने चालीसवीं बार 'मन की बात' कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित किया है

FP Staff Updated On: Jan 28, 2018 01:56 PM IST

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मन की बातः बापू के दिखाए रास्ते पर चलना सबसे बड़ी श्रद्धांजलि- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को साल 2018 की अपनी पहली 'मन की बात' की. पीएम मोदी ने चालीसवीं बार मन की बात कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि दो दिन पहले ही गणतंत्र को उत्साह के साथ मनाया गया. ऐसा पहली बार हुआ कि 10 देशों के प्रमुख इस समारोह में शरीक हुए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम की प्रमुख बातें

हर क्षेत्र में महिलाएं हैं आगे

पीएम मोदी ने आधी आबादी की तारीफ करते हुए कहा कि भारत में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं. महिलाएं कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं. कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां महिलाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और मील का पत्थर साबित कर रही हैं. नारी शक्ति हमें प्रेरित करती है. उन्होंने कहा, जज्बा हो तो कुछ भी असंभव नहीं. हमारे समाज में नारी को 'शक्ति' का दर्जा दिया गया है.

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, तीन महिलाएं-भावना कांत, मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी पायलट बनीं और सुखोई-30 उड़ाने का ट्रेनिंग ले रही हैं. पीएम ने कहा, मैं मुंबई के माटुंगा रेलवे स्टेशन की चर्चा करना चाहता हूं जहां पूरे स्टेशन को महिलाएं ही संचालित कर रही हैं. सभी अधिकारी पदों पर भी महिलाएं ही हैं.

कल्पना चावला को किया याद

पीएम ने अपने इस रेडियो कार्यक्रम में कल्पना चावला को याद किया. मोदी ने कहा कि हम सबके लिए दुख की बात है कि हमने कल्पना चावला को इतनी कम उम्र में खो दिया. उन्होंने नारी शक्ति को प्रेरणा दी. यह देखकर काफी खुशी होती है कि भारत में आज महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं. पीएम ने कहा कि एक बेटी 10 बेटों के बराबर होती है.

एक बेटी 10 बेटों के बराबर

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे स्कंद पुराण में कहा गया है, 'दस पुत्रम समा कन्या.' मतलब एक बेटी 10 बेटों के बराबर होती है. हमारे समाज में नारी को शक्ति का दर्जा दिया गया है. यह शक्ति परिवार को एकता के सूत्र में बांधती है.

लक्ष्मीकुट्टी जिन्होंने 500 हर्बल दवाएं बनाई

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में केरल की शिक्षक लक्ष्मीकुट्टी का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि घने जंगलों के बीच उन्होंने नारियल के पत्तों से अपनी झोपड़ी बनाई है जिसमें वो रहती हैं. उन्होंने अपनी याददाश्त का इस्तेमाल करते हुए अब तक 500 प्रकार की हर्बल दवाएं बनाई हैं. उन्हें भी पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है.

दंतेवाड़ा में आदिवासी महिलाओं के साहस का जिक्र

पीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ का दंतेवाड़ा इलाका, जो नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र है, यहां नक्सलियों द्वारा हिंसा, अत्याचार, बम, बंदूक, पिस्तौल का भयानक वातावरण पैदा किया हुआ है. इस खतरनाक इलाके में आदिवासी महिलाएं ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं.

कुछ बात ऐसी कि हस्ती मिटती नहीं

पीएम ने कहा कि हर क्षेत्र में हमारी नारी-शक्तियों ने समाज की रूढ़िवादिता को तोड़ते हुए असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं, एक कीर्तिमान स्थापित किया है. पीएम ने कहा कि हम बार-बार सुनते आये हैं कि लोग कहते हैं – ‘कुछ बात है ऐसी कि हस्ती मिटती नहीं हमारी’. वो बात क्या है, वो बात है, लचीलापन यानी Flexibility. ये ही चीज आपको बदलती है.

बिहार के मानव श्रंखला की तारीफ

बिहार का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं बिहार की जनता, राज्य के मुख्यमंत्री और मानव श्रृंखला में शामिल हर व्यक्ति की सराहना करता हूं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे पता चला कि अकोला के नागरिकों ने ‘#स्वच्छभारतअभियान’ के तहत मोरना नदी को साफ करने के लिए स्वच्छता अभियान का आयोजन किया था.

बापू के दिखाए रास्ते पर चलना सच्ची श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, गांधी जी ने जो भी बातें हमें बताई हैं, वो आज भी प्रासंगिक हैं. अगर हम संकल्प करें कि बापू के रास्ते पर चलें-जितना चल सकें तो क्या उससे बड़ी कोई श्रद्धांजलि हो सकती है?

कचरे से खिलौना बनाने वाले अरविंद गुप्ता का जिक्र

पीएम मोदी ने कहा, आपने अरविंद गुप्ता का नाम सुना होगा जिन्हें इसबार पद्मश्री सम्मान दिया गया. उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी बच्चों के लिए कचरे से खिलौना बनाने में लगा दिया. हमने वैसे लोगों को सम्मानित किया है जो बड़े शहरों में नहीं दिखते लेकिन समाज की दशा-दिशा बदलने में बड़ा योगदान दिया है.

देश भर से लोग अपने विचारों और अनुभवों को पीएम मोदी को भेजते हैं. जिन्हें प्रधानमंत्री अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में सबसे साझा करते हैं.

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