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कोलकाता में रैली कर विपक्ष को एकजुट करने में लगी हैं ममता, उठाएंगी मौके का फायदा

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को काफी समय से ऐसे ही मौका की तलाश थी. अब वह 2019 लोकसभा चुनाव से पहले भगवा ब्रिगेड के खिलाफ लड़ाई के लिए महत्वपूर्ण भूमिका में आने की पुरजोर कोशिश में लगी हैं

Updated On: Jan 07, 2019 05:45 PM IST

FP Staff

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कोलकाता में रैली कर विपक्ष को एकजुट करने में लगी हैं ममता, उठाएंगी मौके का फायदा

हाल ही देश के तीन बड़े राज्यों में हुए चुनाव और उनके परिणामों के बाद विपक्षी दलों में भारी विश्वास बढ़ा है. अब विपक्षी दलों की नजर सीधा 2019 के लोकसभा चुनाव पर टिकी है. तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को काफी समय से ऐसे ही मौका की तलाश थी. अब वह 2019 लोकसभा चुनाव से पहले भगवा ब्रिगेड के खिलाफ लड़ाई के लिए महत्वपूर्ण भूमिका में आने की पुरजोर कोशिश में लगी हैं.

अभी पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से टीएमसी के पास 34 सीटें हैं, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बार सभी 42 सीटों पर जीत हासिल करने की कोशिशों में लगी हैं. वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 23 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है.

लेकिन लगता है कि ममता बनर्जी की सियासी महत्वकांक्षा यहीं तक सीमित नहीं है. यूपीए और एनडीए से इतर वह एक तीसरा मोर्चा यानी 'फेडरल फ्रंट' बनाने की भी कोशिश कर रही हैं. इसी के तहत उन्होंने 19 जनवरी को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाली टीएमसी की महारैली में लगभग सभी क्षेत्रीय दलों को शामिल होने का अनुरोध किया है.

एसपी ने भी माना की दूसरे की अपेक्षा ममता बनर्जी की छवि मजबूत

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने बताया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सुप्रीमो शरद पवार, जाने-माने वकील राम जेठमलानी और बीजेपी नेता शत्रुघ्न सिन्हा सहित कई बड़े नेता इस रैली में शामिल होंगे.

न्यूज18 से बात करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने कहा, 'मुझे अन्य पार्टी के नेताओं के बारे में नहीं पता, लेकिन अखिलेश यादव जरूर इस कार्यक्रम में शामिल होंगे.' एसपी को ममता बनर्जी के सार्वजनिक सभा का हिस्सा क्यों होना चाहिए? इस सवाल पर उन्होंने कहा, 'बीजेपी के खिलाफ शुरू हुई लड़ाई में ममता बनर्जी दूसरों की अपेक्षा मजबूती से उभरी हैं.'

हालांकि बीएसपी के प्रवक्ता सुधींद्र भदौरिया ने फोन पर न्यूज18 को बताया, 'मायावती ने अभी तक ममता बनर्जी के कार्यक्रम में शिरकत को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है. अगर जरूरी होगा तो वह फोन करके सूचना देंगी.'

बीजू जनता दल और बीएसपी ने अभी तक साफ नहीं किया कि ममता बनर्जी के कार्यक्रम में शिरकत लेंगे या नहीं

इस मेगा शो के आह्वान के साथ ही ममता बजर्नी ने कहा था कि यह देश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा और इससे बीजेपी के खिलाफ क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने में मदद मिलेगी. इस संबंध में बनर्जी ने कहा था, 'कई क्षेत्रीय दलों ने पहले ही इस रैली के लिए अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है. 2019 के लोकसभा चुनाव में इस रैली की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.'

इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन करके पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की तैनाती की गई है. आवास, स्वागत, परिवहन और कैंपेन संबंधित चार समितियां बनाई गई हैं, जिसके माध्यम से टीएमसी के नेता और कार्यकर्ता अन्य राज्यों से आने वाले नेताओं की आवभगत करेंगे.

जब कांग्रेस सांसद और पश्चिम बंगाल के प्रभारी गौरव गोगोई से रैली में पार्टी की भागीदारी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'एआईसीसी ममता जी के आयोजन से अच्छी तरह से वाकिफ है और कोई न कोई भाग जरूर लेगा. हालांकि अभी तय नहीं है कि कौन भाग लेगा?' प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेंद्र नाथ मित्रा ने कहा कि इस रैली में केंद्रीय नेतृत्व को आमंत्रित किया गया है. ये उनपर निर्भर करता है कि वे इसमें शामिल होंगे या नहीं.

न्यूज़ 18 के सूत्रों के अनुसार, इस रैली को लेकर बीजू जनता दल (बीजद) की स्थिति स्पष्ट नहीं है. बीजद नेता समीर दास ने कहा, 'इसपर बीजद ने कोई फैसला नहीं लिया है.' वहीं तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष और राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने भी अभी स्पष्ट नहीं किया है कि वह खुद इसमें शामिल होंगे या पार्टी से किसी और को भेजेंगे.

बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने में कितनी सफल होगी ममता की 'फेडरल फ्रंट' 

सीपीआई के राज्य सचिव स्वपन बनर्जी ने कहा कि पार्टी इसमें शामिल नहीं हो रही है. जबकि अन्य क्षेत्रीय दलों जैसे तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने पुष्टि की है कि वे इसमें भाग ले रहे हैं.

टीडीपी के प्रवक्ता लंका दिनकर ने कहा, 'एन चंद्रबाबू नायडू कोलकाता की रैली में व्यक्तिगत रूप से भाग लेंगे. विश्व आर्थिक मंच दावोस की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए वह यहीं से जाएंगे.' राजद के प्रवक्ता मनोज झा ने इसपर कहा, 'तेजस्वी यादव जी बैठक में भाग लेने के लिए उत्सुक हैं. लेकिन उसी दिन दिल्ली में उनका कोई जरुरी काम है. मुझे लगता है कि वह कोलकाता में मेगा पब्लिक मीट में भाग लेने के लिए विशेष प्रयास करेंगे. हमें उम्मीद है कि ममता दी की 'फेडरल फ्रंट' का आह्वान 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी.'

19 जनवरी को कोलकाता किले में तब्दील हो जाएगा, क्योंकि इस महारैली के संबंध में 5,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा. कार्यक्रम स्थल के चारों ओर 20 एम्बुलेंस तैनात होंगी. चौबीस घंटे निगरानी के लिए छह वॉच टॉवर और लगभग 300 सीसीटीवी कैमरे होंगे.

शहर में किसी भी तरह की आपराधिक घटना को रोकने के लिए रेडियो फ्लाइंग स्क्वॉड (HRFS), क्विक रिस्पांस टीमें (QRT), बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वायड और कोलकाता पुलिस का रिजर्व फोर्स तैनात किया जाएगा.

19 जनवरी की बैठक में 10 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है. वहीं दूसरी तरफ, ममता बनर्जी को जवाब देने के लिए राज्य बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा को आयोजित करने की कोशिश कर रही है.

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