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चाचा-भतीजे की लड़ाई में अगला शिकार बने पवन पांडेय

पवन पांडेय फैजाबाद की महत्वपूर्ण सीट अयोध्या से विधायक हैं.

Updated On: Nov 18, 2016 12:55 PM IST

Amit Singh

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चाचा-भतीजे की लड़ाई में अगला शिकार बने पवन पांडेय

समाजवादी पार्टी में मचे घमासान का अगला शिकार युवा कैबिनेट मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय बने हैं.

सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आवास पर एमएलसी आशु मलिक से धक्का-मुक्की और मारपीट करने के आरोप में उन्हें पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है.

बुधवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने इसकी घोषणा की.

उन्होंने कहा कि पवन पांडेय ने आशु मलिक के साथ सीएम आवास में धक्का-मुक्की और पिटाई की. पार्टी विरोधी आचरण और पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता की वजह से उन्हें निष्कासित किया जाता है.

उन्होंने कहा कि कैबिनेट से उन्हें हटाने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखा गया है.

गौरतलब है कि पवन पांडेय फैजाबाद की महत्वपूर्ण सीट अयोध्या से विधायक हैं. अयोध्या सीट पर पवन पांडेय की जीत को सपा की मनोवैज्ञानिक जीत माना जाता है. इस सीट पर 1992 के बाद से ही भाजपा का कब्जा रहा है.

उन्हें इसका प्रतिफल भी मिला. अखिलेश ने अपने मंत्रिमंडल में उन्हें स्वतंत्र राज्य मंत्री का दर्जा दिया.

हालांकि 2014 लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद पवन पांडेय ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. वह अखिलेश की टीम इलेवन के सदस्य माने जाते हैं.

बाद में उन्हें वन राज्य मंत्री बनाया गया. पवन पांडेय 2004 में लखनऊ यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष रहे हैं. समाजवादी पार्टी की स्टूडेंट विंग के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर भी उन्होंने काम किया है.

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