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लालू यादव को जेल से आरजेडी होगी मजबूत: रामचंद्र पूर्वे

Alok Kumar Updated On: Dec 25, 2017 09:58 PM IST

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लालू यादव को जेल से आरजेडी होगी मजबूत: रामचंद्र पूर्वे

राष्ट्रीय जनता दल के बिहार अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने लालू के जेल जाने के बाद पार्टी के भीतर किसी तरह के अंतर्विरोध से साफ इनकार करते हुए दावा किया कि तेजस्वी यादव की विश्वसनीयता और स्वीकार्यता कायम हो चुकी है. उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता उन्हें मुख्यमंत्री का उम्मीदवार तक मान चुके हैं.

शुरुआती दौर से ही लालू के साथ रहे रामचंद्र पूर्वे ने बताया कि चारा घोटाला जब उजागर हुआ तब वो संसदीय कार्य मंत्री थे और उन्हें मालूम है कि लालू को कुछ लोगों ने जानबूझ कर फंसाया था. उन्होंने उम्मीद जताई कि ऊपरी अदालत और जनता की अदालत में लालू की जीत होगी.

राष्ट्रीय जनता दल कैसे आगे भविष्य तय करेगी ?

हमें उम्मीद थी कि लालू जी के समर्थन में फैसला आएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. लेकिन जनता की अदालत में हम जाएंगे. सांस्कृतिक संत्रास के चलते बैकफुट पर रहे दबे कुचले लोगों को भरोसा है कि उनकी आवाज लालू ही बुलंद कर सकते हैं. सामंती ताकतों से लड़ने की क्षमता लालू प्रसाद में ही है

राजद शुरू से एकजुट रहा है. राजद से लोग इधर-उधर कम ही गए हैं. तेजस्वी की नेतृत्व क्षमता साबित हो चुकी है. वो पूरी तरह योग्य हैं. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उनका प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा. कहीं से कोई शिकायत नहीं है. उनकी स्वीकार्यता और विश्वसनीयता दोनों कायम है. लालू जी की मुहीम को आगे बढ़ाने का काम तेजस्वी करेंगे.

क्या पार्टी के वरिष्ठ नेता तेजस्वी के मातहत काम करेंगे?

2020 का असेंबली का चुनाव तेजस्वी की अगुआई में लड़ा जाएगा. इनके नेतृत्व में ही एक स्थायी सरकार बिहार में कायम होगी और तेजस्वी मुख्यमंत्री होंगे. इसमें हमारी पार्टी के किसी नेता को कोई संशय नहीं है.

आप उस समय से लालू के साथ रहे हैं जब चारा घोटाला सामने आया था. आपने क्या देखा ?

जिस किसी ने बदलाव की राजनीति की या राजनीति में जो सामाजिक-शैक्षणिक ठहराव रहा है, उसे बदलने का जिसने भी काम किया उसे प्रतिरोध का सामना करना पड़ा. लोहिया-जेपी के साथ भी यही हुआ. सामाजिक बदलाव, सांस्कृतिक बदलाव और राजनीतिक बदलाव के खिलाफ यथास्थितिवादी ताकतें और वर्णवादी ताकतें लगी रहती हैं. लालू जी को फंसाया गया.

lalu yadav

अभी बीजेपी-आरएसएस की सरकार क्लोज्ड सरकार है. ये माइंडेसेट ये पैदा कर रहे हैं कि इनकी जो विचारधारा है वही सही है. इनका एकांतवाद मंदिर का एकांतवाद है.

इनके हिसाब से मंदिर का ईश्वर ही अंतिम है, मस्जिद में ईश्वर नहीं है. दूसरी ओर पंडित नेहरू के बाद की सरकारें इनक्लूसिव माइंडसेट की रहीं, जिसमें सभी पक्षों-पंथों के लिए जगह थी. कभी डॉक्टर लोहिया ने कहा था हिंदू-मुसलमान के बीच कभी टकराव नहीं हुआ. हिंदू और कट्टरपंथी हिंदू के बीच ही टकराव हुआ है. इस विचारधारा के खिलाफ लालू खड़े रहे हैं. वो सामाजिक न्याय के सिपाही के तौर पर मजबूत रहेंगे.

तेजस्वी क्या लालू के कदमों पर चलेंगे?

पार्टी तेजस्वी यादव के नेतृत्व में एकजुट रहेगी. सामाजिक न्यया, धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक समाजवाद के लालू के विचारों को तेजस्वी अपनाएंगे और 2020 में सरकार बनाएंगे. लालू की विचारधारा विरासत के तौर पर तेजस्वी अपनाएंगे.

लालू प्रसाद ने आपको किस तरह प्रभावित किया और चारा घोटाले के समय आपकी किस भूमिका में थे?

हमने कर्पूरी जी के सानिध्य में राजनीति की. उनके विचारों को लालू ने आगे बढ़ाया. उन्होंने 90 के दशक में सामाजिक बदलाव का सर्जिकल ऑपरेशन किया. चुनाव में हार-जीत से वो डरे नहीं. मैं भी दो बार से चुनाव हार रहा हूं. लेकिन हमेशा लालू जी के साथ रहा.

मैं संसदीय कार्य मंत्री था. फिर शिक्षा मंत्री भी रहा. मैं जानता था कि लालू जी को फंसाया जा रहा है. घोटाले में इनकी कभी संलिप्तता नहीं रही और न संरक्षण रहा. इसीलिए मैं हमेशा इनके साथ रहा और आजीवन उनके साथ रहूंगा.

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