विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

बिहार: शरद गुट ने नीतीश को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाया

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पार्टी के अध्यक्ष पद से हटाकर गुजरात के वरिष्ठ पार्टी नेता छोटू भाई वसावा को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया

FP Staff Updated On: Sep 18, 2017 10:10 AM IST

0
बिहार: शरद गुट ने नीतीश को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाया

शरद यादव की अगुआई वाले जेडीयू के बागी गुट ने गुजरात से विधायक छोटू भाई वसावा को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया है. इतना ही नहीं, शरद गुट ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक अनुशासनात्मक समिति का भी गठन किया है.

बैठक में क्या हुआ फैसला 

शरद गुट के इस कदम से जेडीयू टूट की तरफ एक कदम और बढ़ा चुकी है. जेडीयू नेता अरुण कुमार श्रीवास्तव ने रविवार को बताया कि जेडीयू की 'राष्ट्रीय कार्यकारिणी' की बैठक में यह फैसला किया गया. हाल ही में गुजरात से राज्य सभा की 3 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल की जीत में वसावा के वोट का अहम योगदान था.

नीतीश कुमार को दिया बड़ा झटका

बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में श्रीवास्तव ने बताया कि बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को रद्द कर वसावा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. पार्टी के उपाध्यक्ष के. राजशेखरन की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी की बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खेमे ने महागठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ गठबंधन करने सहित अन्य फैसलों को भी रद्द कर दिया गया.

अनिल हेगड़े की नियुक्ति हुई रद्द

श्रीवास्तव ने बताया कि बैठक में पार्टी नेता जावेद रजा द्वारा पेश संगठन संबंधी प्रस्ताव में नीतीश कुमार ने पार्टी के चुनाव अधिकारी बनाए गए अनिल हेगड़े की नियुक्ति को रद्द करने के सुझाव को मंजूरी दी हैं. इसके साथ ही हेगड़े द्वारा की गई पदाधिकारियों की नियुक्ति स्वत: रद्द हो गई.

उन्होंने बताया कि बैठक में देश भर से जुटे जेडीयू नेताओं ने नीतीश खेमे ने बीजेपी से गठबंधन करने को जनादेश का अपमान बताते हुए इस फैसले को रद्द किया है. इसके अलावा हाल ही में नीतीश खेमे ने जेडीयू पदाधिकारियों को पार्टी से निकालने के फैसले को भी निष्प्रभावी घोषित कर हटाए गए प्रदेश अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों को उनके पद पर बहाल कर दिया.

श्रीवास्तव ने बैठक में पार्टी की दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित 19 राज्य इकाईयों के अध्यक्षों और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के हिस्सा लेने का दावा करते हुए शरद गुट को ही असली जेडीयू बताया. शरद यादव की भविष्य की भूमिका के सवाल पर उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी ने उन्हें समाजवादी विचारधारा वाले दलों को साझी विरासत अभियान के माध्यम से एक मंच पर लाकर भविष्य में महागठबंधन को प्रभावी स्वरूप में गठित करने की जिम्मेदारी सौंपी है.

अरुण श्रीवास्तव ने क्या कहा

श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यकारिणी ने नीतीश खेमे के पार्टी विरोधी फैसलों की समीक्षा के लिए अनुशासन समिति का गठन किया है. तीन सदस्यीय इस समिति की अध्यक्षता वह स्वयं करेंगे. जबकि पार्टी के चुनाव चिह्न सहित अन्य मामलों से जुड़े विवादों पर भविष्य की रणनीति तय करने के लिए जेडीयू महासचिव जावेद रजा की अध्यक्षता में चुनाव विवाद समिति गठित की गई है.

अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यकारिणी के फैसलों पर मंजूरी के लिए आगामी 8 अक्टूबर को दिल्ली में जेडीयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाई गई है. नीतीश सहित अन्य नेताओं के फैसलों को अनुशासनहीनता के दायरे में लाने के बारे में समिति की सिफारिशों पर अमल का फैसला राष्ट्रीय परिषद की बैठक में किया जायेगा.

श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यकारिणी में पारित एक अन्य प्रस्ताव में संगठन की चुनाव प्रक्रिया अगले 6 महीने में पूरा करने का फैसला किया गया. इसके लिए कार्यकारी अध्यक्ष वसावा से अगले साल मार्च तक संगठनात्मक चुनाव संपन्न कराने को कहा गया है. बैठक में शरद यादव के अलावा पूर्व मंत्री रमई राम, राज्य सभा सदस्य अली अनवर, पूर्व सांसद अर्जुन राय, पूर्व विधान पार्षद विजय वर्मा, पूर्व विधायक परवीन अमानुल्ला, सरोज बच्चन और उदय मांझी भी मौजूद थे.

(साभार न्यूज 18)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi