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2019 में वाराणसी लोकसभा सीट पर चुनाव नहीं लड़ेगी पार्टी: अपना दल

अपना दल (एस) का उत्तर प्रदेश की 80 में से 15 लोकसभा सीटों पर प्रभाव है, जहां उसके मुख्य वोटबैंक कुर्मी-पटेल की अच्छी खासी संख्या है, इन जातियों के करीब एक लाख लोग प्रधानमंत्री की सीट के मतदाता हैं

Updated On: Dec 29, 2018 07:57 PM IST

Bhasha

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2019 में वाराणसी लोकसभा सीट पर चुनाव नहीं लड़ेगी पार्टी: अपना दल

शनिवार को अपना दल (सोनेलाल) के प्रमुख आशीष पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ एनडीए में शामिल इस पार्टी की अगले साल 2019 में प्रधानमंत्री की लोकसभा सीट वाराणसी से चुनाव लड़ने की कोई योजना नहीं है. पटेल ने कहा कि नरेंद्र मोदी ‘हमारे नेता’ हैं और वही इस सीट से चुनाव लड़ेंगे. अगले आम चुनावों में वाराणसी सहित दस लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की उनकी पार्टी की योजना को लेकर मीडिया में आई खबरों का खंडन करते हुए पटेल ने दावा किया कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है.

पटेल ने कहा, ‘मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है कि अपना दल साल 2019 के आम चुनावों में वाराणसी सहित लोकसभा की दस सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रहा है. ऐसी कोई योजना नहीं है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे नेता हैं और हम वाराणसी सीट पर उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करेंगे.’ उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने इस बारे में फैसला नहीं किया है कि वह कौन सी लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

उत्तर प्रदेश में बीजेपी से नाराज हैं लेकिन केंद्र से नहीं

हालांकि पटेल ने कहा कि राज्य सरकार और बीजेपी नेतृत्व उनकी पार्टी को नजरअंदाज कर रहा है और उनके नेताओं को योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा आयोजित समारोहों में आमंत्रित नहीं किया जाता. पटेल ने कहा कि जहां तक बीजेपी से नाराजगी का सवाल है तो वह उसके प्रदेश नेतृत्व से है. केंद्रीय कमान से कोई नाराजगी नहीं है. उन्होंने कहा कि उनकी नेता अनुप्रिया पटेल केंद्र की एनडीए सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री हैं लेकिन उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय के ही कार्यक्रमों का निमंत्रण तक नहीं भेजा जाता है.

पटेल ने कहा 'प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कई आयोगों में 300 पदों पर भर्ती की, मगर अपना दल के एक भी व्यक्ति को नहीं चुना गया. इसके अलावा 800 वकीलों की नियुक्ति की. उनमें भी अपना दल के दो व्यक्तियों को ही महत्वहीन पदों पर रखा गया. क्या दलित और पिछड़े केवल वोट देने के लिए ही हैं? हमारी नाराजगी मूल रूप से दलितों, पिछड़ों की उपेक्षा को लेकर है.'

पिछले दिनों बीजेपी पर नजरअंदाज करने का लगाया था आरोप

उनका कहना है कि उन्होंने बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व के संज्ञान में यह पूरा मामला रखा है और उन्हें पूरा विश्वास है कि जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी या बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह इसमें हस्तक्षेप करेंगे, सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी. हाल में पटेल ने आरोप लगाया था कि एनडीए के सबसे बड़े सहयोगी बीजेपी द्वारा छोटी पार्टियों को ‘नजरअंदाज’ किया जा रहा है.

अपना दल (एस) का उत्तर प्रदेश की 80 में से 15 लोकसभा सीटों पर प्रभाव है. जहां उसके मुख्य वोटबैंक कुर्मी-पटेल की अच्छी खासी संख्या है. इन जातियों के करीब एक लाख लोग प्रधानमंत्री की सीट के मतदाता हैं. साल 2014 लोकसभा चुनावों में, पार्टी ने बीजेपी के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन के तहत दो सीटों पर चुनाव लड़ा और जीता था. उसके राज्य विधानसभा में नौ विधायक हैं. पार्टी नेता अनुप्रिया पटेल केंद्र की एनडीए सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री हैं.

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