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LIVE संसद का शीतकालीन सत्र खत्म: तीन तलाक बिल लटका

बिल को स्थाई समिति को भेजे जाने की मांग के चलते राज्यसभा को स्थगित कर दिया गया था. इसी मांग पर कायम रहते हुए विपक्ष ने गुरूवार को भी इसे पास नहीं होने दिया

FP Staff | January 05, 2018, 01:38 PM IST

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हाइलाइट

Jan 5, 2018

  • 14:43(IST)

    संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा है कि पहला बजट सेशन 29 जनवरी से 5 फरवरी तक चलेगा. जबकि बजट एक फरवरी को पेश होगा. जबकि दूसरा सेशन 5 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा.
     

  • 13:33(IST)

    राज्यसभा में शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन भी तीन तलाक पर कोई फैसला नहीं हो सका. सरकार ने पूरी कोशिश की थी कि किसी भी तरह से इस बिल पर सहमति बना ली जाए. लेकिन विपक्ष इस बिल पर सार्थक चर्चा के बहाने इसे पास ना करने पर अड़ी रही. शीतकालीन सत्र के खत्म होने के साथ ही दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गए. 

  • 13:27(IST)

    इसके साथ ही संसद के दोनों सदनों का शीतकालीन सत्र खत्म हो गया. लोकसभा से तीन तलाक बिल पास हो गया लेकिन राज्यसभा में ये अटका रह गया. राज्यसभा में तीन तलाक बिल पर कोई फैसला नहीं हो सका.

  • 13:26(IST)

    राज्यसभा भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित. तीन तलाक बिल नहीं पास हो सका.

  • 12:30(IST)

    लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई.

  • 11:36(IST)

    बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी किया है. लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सांसदों को आज उपस्थित रहने को कहा गया है. 

  • 10:51(IST)

    तीन तलाक बिल पर आज सरकार की अग्नि परीक्षा है. सरकार राज्यसभा से इसे पास करवाने की कोशिश में लगी है जबकि विपक्ष इसे सेलेक्ट कमेटी में भेजे जाने पर अड़ा है. विपक्ष का कहना है कि तीन तलाक पर सार्थक बहस होनी चाहिए. कांग्रेस ने गुरुवार को सवाल पूछा कि इस बिल के आने के बाद अगर पति जेल चला जाता है तो फिर महिला को गुजाराभत्ता कौन देगा. कुल मिलाकर बिल के लटकने के आसार बन रहे हैं.

  • 10:23(IST)

    कांग्रेस पार्टी ने अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है. राज्यसभा में सभी कांग्रेसी सांसदों को उपस्थित रहने को कहा गया है.

  • 10:22(IST)

    संसद के शीतकालीन सत्र का आज आखिरी दिन है लेकिन तीन तलाक बिल पर अब तक कोई फैसला नहीें हो पाया है. आज इस पर संसद में हंगामे के आसार हैं.

LIVE संसद का शीतकालीन सत्र खत्म: तीन तलाक बिल लटका

एक बार फिर देश के ऊपरी सदन के पटल पर ट्रिपल तलाक बिल रखा जाएगा. बहस होगी या मतदान होगा, या फिर इस बिल को थोड़े मान मनव्वौल के बाद सरकार पास करा ले जाएगी? यही देखनेवाली बात होगी.

गुरुवार को जिस बात पर सबसे अधिक बहस हुई और बिस पास ना हो सका, वह था तीन तलाक की स्थिति में अगर पति जेल गया तो उसका खर्चा कौन उठाएगा. तृणमूल के डेरेक ओ ब्रायन और कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद ने इस बात पर सरकार का पक्ष जानना चाहा था.

उनका कहना था कि बिल पर कई आपत्तियां हैं, सवाल हैं, ऐसे में इसे पहले सेलेक्ट कमेटी में भेजा जाना चाहिए.

विपक्ष को संशोधन प्रस्ताव 24 घंटे पहले लाना चाहिए था 

इस पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि विपक्ष की ओर से मोशन प्रस्ताव का लाना गलत है. अगर किसी तरह के संशोधन की गुंजाइश थी तो 24 घंटा पहले आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी.

जानकारी के मुताबिक, तीन तलाक के बिल को पास कराने के लिए सरकार के पास सिर्फ दो दिन का समय है. ऐसे में सरकार का इस बिल को लेकर क्या रुख रहेगा, यह सबसे महत्वपूर्ण है.अगर बिल पास नहीं हुआ तो यह अगले सत्र तक लटका रह जाएगा.

तीन तलाक को रोकने के लिए लोकसभा से पास हो चुका ट्रिपल तलाक बिल बुधवार को संसद के उच्च सदन में पेश हुआ था लेकिन विपक्ष की बिल को स्थाई समिति को भेजे जाने की मांग के चलते राज्यसभा को स्थगित कर दिया गया था. इसी मांग पर कायम रहते हुए विपक्ष ने गुरूवार को भी इसे पास नहीं होने दिया. आज फिर राज्यसभा में बिल पर चर्चा होगी.

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