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शीतकालीन सत्र आज से, तीन तलाक समेत कई जरूरी विधेयक प्रस्तावित

इस सत्र में करीब 25 बिल लोकसभा में लाए जाएंगे और राज्यसभा में जो 39 बिल लंबित पड़े हैं उनको पास कराने की कोशिश की जाएगी

FP Staff Updated On: Dec 15, 2017 10:36 AM IST

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शीतकालीन सत्र आज से, तीन तलाक समेत कई जरूरी विधेयक प्रस्तावित

संसद के शीतकालीन सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं. विपक्ष ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि कुछ मुद्दे हैं जिनको शुक्रवार से शुरू हो रहे संसद सत्र के दौरान उठाया जाएगा. इनमें गुजरात चुनाव के दौरान चुनाव आयोग की भूमिका और शरद यादव, अली अनवर की सदस्यता रद्द करना आदि शामिल होंगे.

वहीं सरकार ने ये साफ कर दिया है कि करीब 25 बिल लोकसभा में पेश किए जाएंगे, जिसमें फाइनेंशियल इररेगुलैरिटी बिल और मुस्लिम महिला शादी कानून जैसे अहम बिल शामिल हैं. संसद सत्र से पहले गुरुवार को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई जिसमें पीएम ने देशभर में लोकसभा और विधानसभा चुनाव को एक साथ कराने की जरूरत का भी जिक्र किया.

गुरुवार को इस सत्र के शुरू होने से पहले 3 अहम बैठक हुई. विपक्षी पार्टियों की बैठक, सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक और लोकसभा अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक. सत्र शुरू होने से पहले सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वो इस सत्र को सार्थक बनाने की दिशा में हर संभव प्रयास करेगी.

करीब 25 बिल लोकसभा में लाए जाएंगे और 39 बिल राज्यसभा में जो लंबित पड़े हैं उनको पास कराने की कोशिश की जाएगी. इसमें से ट्रिपल तलाक यानि तलाक-ए-बिद्दत को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध बनाने वाला बिल कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के लिए लाया जाएगा. इस बिल में तीन तलाक देने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है. कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस बिल को कल से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा. इसके अलावा कई और अहम बिल हैं जिसे सरकार इस सत्र में लाएगी.

विपक्ष ने पहले ही साफ किए इरादे

वहीं विपक्ष जो कि इन तीनों बैठकों में शामिल था उसने भी अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं. विपक्ष का कहना है कि गुजरात चुनाव के दौरान चुनाव आयोग की भूमिका निष्पक्ष नहीं थी जिस पर सरकार को संसद में सफाई देनी होगी. इसके साथ ही सरकार को इस पर भी सफाई देनी होगी कि किस वाजिब आधार पर शरद यादव और अली अनवर को राज्यसभा से निलंबित किया गया. गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व उपराष्ट्रपति पर दिए गए बयान पर भी विपक्ष ने पीएम से माफी की मांग की है.

सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होना चाहिए इसका भी पीएम ने जिक्र किया. पीएम ने कहा कि सारे चुनाव एक साथ होने चाहिए इस बारे में आम राय होनी चाहिए. विपक्ष की माफी मांगने की बात पर तो सरकार ने कुछ नहीं कहा लेकिन इतना जरूर इशारा किया कि वह विपक्ष की हर मांग पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है यानी एक बार फिर पक्ष और विपक्ष के तीखे तेवर शीतकालीन सत्र में देखने को मिलेंगे.

(साभार: न्यूज़18 के लिए अमित पांडेय)

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