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HAL विवाद: कॉन्ट्रैक्ट पर सवाल ‘गलत और गुमराह' करने वाली बात: रक्षा मंत्री

निर्मला सीतारमण ने कहा, राफेल मामले पर चर्चा का जवाब देते हुए एचएएल को मिले अनुबंध के संदर्भ में उन्होंने जो बात कही थी, उसकी पुष्टि खुद एचएएल की तरफ से की गई है

Updated On: Jan 07, 2019 02:15 PM IST

Bhasha

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HAL विवाद: कॉन्ट्रैक्ट पर सवाल ‘गलत और गुमराह' करने वाली बात: रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) विवाद पर सोमवार को लोकसभा में जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि एचएएल के साथ 2014 से 2018 के दौरान 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक के अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर दस्तखत किए हैं. साथ ही 73 हजार करोड़ रुपए के अनुबंध पाइपलाइन (प्रक्रिया) में हैं. इसलिए लोकसभा में दिए उनके बयान पर संदेह खड़ा करना ‘गलत और गुमराह’ करने वाली बात है.

सोमवार को लोकसभा में शून्यकाल शुरू होने पर निर्मला ने कहा कि उनके बयान की पुष्टि खुद एचएएल की ओर से की गई है. उन्होंने कहा कि 2014 से 2018 के दौरान एचएएल ने 26,570.8 करोड़ रुपए के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं और 73,000 करोड़ रुपए के अनुबंध पाइपलाइन में हैं. इस तरह एचएएल के पास कुल 1 लाख करोड़ रुपए के अनुबंध हैं.

रक्षा मंत्री ने कहा कि लोकसभा में 4 जनवरी को राफेल मामले पर चर्चा का जवाब देते हुए एचएएल को मिले अनुबंध के संदर्भ में उन्होंने जो बात कही थी, उसकी पुष्टि खुद एचएएल की तरफ से की गई है. उन्होंने कहा, ‘मेरे 4 जनवरी के बयान को लेकर संदेह खड़े करना गलत और गुमराह करने वाली बात है.’

रक्षा मंत्री के बयान के दौरान कांग्रेस के सदस्यों ने हंगामा किया और गलतबयानी का आरोप लगाया. कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हमने सदन को गुमराह करने को लेकर रक्षा मंत्री मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे रखा है. इस पर स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि यह नोटिस उनके विचाराधीन है.

बता दें कि निर्मला सीतारमण का यह बयान उस समय आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि रक्षा मंत्री ने एचएएल को मिले अनुबंध के संदर्भ में सदन के भीतर झूठ बोला.

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