S M L

करुणानिधि: पहली बार एक ऐसे नेता के लिए संसद स्थगित हुई जो कभी सांसद ही नहीं बने

संसद के सभी सदस्यों ने करूणानिधि को देश के दिग्गज नेताओं में से एक बताते हुए कहा कि उनके सम्मान में बैठक दिन भर के लिए स्थगित की जानी चाहिए

Updated On: Aug 08, 2018 05:01 PM IST

FP Staff

0
करुणानिधि: पहली बार एक ऐसे नेता के लिए संसद स्थगित हुई जो कभी सांसद ही नहीं बने

DMK अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करूणानिधि को श्रद्धांजलि देने के बाद बुधवार को संसद के दोनों सदनों की बैठक उनके सम्मान में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई.

करूणानिधि का मंगलवार को तमिलनाडु के एक अस्पताल में निधन हो गया. वह 94 वर्ष के थे. लोकसभा की बैठक शुरू होने पर स्पीकर सुमित्रा महाजन ने करूणानिधि के निधन का जिक्र किया.

उन्हें ‘दूरदृष्टि वाला जन नेता’ करार देते हुए सुमित्रा ने कहा कि करूणानिधि ने पटकथा लेखन के जरिए अपने राजनीतिक दर्शन का प्रसार किया.

उन्होंने कहा कि अपने समर्थकों और प्रशंसकों में ‘मंगलवारईंगर’ के नाम से लोकप्रिय करूणानिधि पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे, 13 बार तमिलनाडु विधानसभा में विधायक रहे और एक बार विधान परिषद सदस्य भी रहे.

स्पीकर ने कहा कि करुणानिधि जननेता थे और उनका निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है. सदस्यों ने दिवंगत नेता के सम्मान में कुछ पल का मौन रखा.

इसके बाद सुमित्रा महाजन ने सदन की बैठक को उनके सम्मान में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया. उधर राज्यसभा में बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने करूणानिधि के निधन का जिक्र किया.

नायडू ने कहा कि बचपन से ही नाटक, कविता, साहित्य में गहरी रूचि रखने वाले करूणानिधि ने सामाजिक कुप्रथाओं पर अपनी लोकप्रिय पटकथाओं के जरिए करारा प्रहार किया. उन्हें तमिल भाषा से विशेष लगाव था. भाषा, साहित्य, मंगलवारा और वास्तुमंगलवारा के जरिए उन्होंने तमिल संस्कृति को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था.

'करूणानिधि के निधन से देश ने एक मुखर राजनीतिज्ञ, उत्कृष्ट लेखक एवं बेहतरीन समाजसेवक खो दिया है'

राजनीति की गहरी समझ रखने वाले करूणानिधि पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने. उन्होंने तमिलनाडु के विकास के लिए अथक कार्य किया.

नायडू ने कहा कि करूणानिधि के निधन से देश ने एक मुखर राजनीतिज्ञ, उत्कृष्ट लेखक एवं बेहतरीन समाजसेवक खो दिया है.

उन्होंने पूरे सदन की ओर से दिवंगत नेता के परिवार के प्रति संवेदना जाहिर की. सदस्यों ने कुछ पल का मौन रख कर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी.

इसके बाद करूणानिधि के सम्मान में उच्च सदन की बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई.

बैठक शुरू होने से पहले नायडू ने सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित करने के बारे में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ विचारविमर्श किया.

सूत्रों ने बताया कि अब से पहले कभी ऐसा नहीं हुआ जब दिवंगत नेता के सदन के वर्तमान या पूर्व सदस्य नहीं होने की स्थिति में सदन की बैठक दिन भर के लिए स्थगित की गई हो. इसलिए नायडू ने बैठक दिन भर के लिए स्थगित करने पर विभिन्न दलों के नेताओं की राय मांगी.

सभी सदस्यों ने करूणानिधि को देश के दिग्गज नेताओं में से एक बताते हुए कहा कि उनके सम्मान में बैठक दिन भर के लिए स्थगित की जानी चाहिए.

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने बताया कि सरकार भी दिवंगत नेता के सम्मान में बैठक दिन भर के लिए स्थगित करने के पक्ष में है और लोकसभा स्पीकर को यह सूचित कर दिया गया है.

सूत्रों ने बताया कि अनंत कुमार ने महत्वपूर्ण लंबित विधेयकों को पारित करने में दोनों सदनों में सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा जाहिर की. भाषा मनीषा अविनाश निर्मल दीपक वैभव सुभाष माधव

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi