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देश को बचाना है तो विपक्ष राहुल का नेतृत्व स्वीकार करे: कांग्रेस

अगले चुनाव में विपक्षी नेता राहुल गांधी का नेतृत्व इसलिए स्वीकार करेंगे क्योंकि वह भारत को बचाने की लड़ाई होगी

Bhasha Updated On: Feb 11, 2018 02:48 PM IST

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देश को बचाना है तो विपक्ष राहुल का नेतृत्व स्वीकार करे: कांग्रेस

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और रिसर्च विभाग के प्रमुख एम. वी. राजीव गौड़ा का कहना है कि अगर देश को बचाना है तो विपक्ष को राहुल गांधी का नेतृत्व स्वीकार करना होगा. तभी देश को बचाया जा सकता है. बीजेपी के खिलाफ एकजुट होना जरूरी है.

अगले चुनाव में कांग्रेस के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने संक्षिप्त किंतु दो टूक जवाब दिया, ‘मैं मानता हूं कि राहुल गांधी ही होंगे.’

गौड़ा ने दावा किया, ‘अगले चुनाव में विपक्षी नेता राहुल गांधी का नेतृत्व इसलिए स्वीकार करेंगे क्योंकि वह भारत को बचाने की लड़ाई होगी. ऐसी उनकी उम्मीद है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी, बीजेपी और उनके पीछे ले जाने वाले एजेंडे तथा सांप्रदायिक एजेंडे से मुकाबला करने के लिए हमें एकजुट होना ही पड़ेगा. विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी के नेता राहुल गांधी स्वाभाविक पसंद होंगे.’

सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ रहा है संघ परिवार 

उन्होंने दावा किया कि संघ परिवार लगातार देश के सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने का काम कर रहा है. देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हो रही है. सत्तारूढ़ दल अपने घोषणापत्र में किये गए वादे पूरे नहीं कर पा रहा है. कृषि क्षेत्र व्यापक स्तर पर संकटों से घिरा है.

समाज के हर वर्ग में अंसतोष व्याप्त है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जब लगता है कि प्रचार ढंग से नहीं चल रहा है तो वह कब्रिस्तान, श्मशान, पाकिस्तान आदि की राग छेड़ देते हैं. उनके पास ले देकर यही बच जाता है.

एनडीए सरकार की विदेश नीति के बारे में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इतनी सारी विदेश यात्राओं से देश को क्या लाभ मिला? उन्होंने डोकलाम को लेकर इतना नाटक किया पर अंतत: वहां क्या हो रहा है? हम देख रहे हैं कि चीन की तरफ से वहां तैनाती बहुत बढ़ गई है.

पीएम के दौरों के बावजूद विदेश नीति सफल नहीं  

पाकिस्तान के मामले में एक दिन आप जन्मदिन पार्टी में जाते हैं, दूसरे दिन वार्ता करते है और एक दिन आप पठानकोट हमले की जांच के लिए पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई को बुला लेते हैं. वे जो कर रहे हैं उसका कोई तरीका है क्या? मुझे तो कोई नहीं दिखता. ऐसी स्थिति में उनका सारा ध्यान सुर्खियां बटोरने पर है.

गौड़ा ने कहा कि हम कांग्रेस संसदीय दल की भी मदद करते हैं ताकि संसद में पार्टी प्रभावी ढंग से अपने मुद्दों को रख सके. हम सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से सरकार पर हमला भी करते हैं.

मायावती ने यूपी चुनाव परिणाम से सबक नहीं लिया 

कर्नाटक में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए जेडी (एस) के साथ बीएसपी के गठबंधन को 'सौदेबाज़ी’ की रणनीति मानते हुए कांग्रेस ने कहा है कि मायावती ने यूपी के चुनावों से कोई सबक़ नहीं सीखा है.

गौड़ा ने विशेष बातचीत में कहा, ‘मुझे लगता है कि मायावती के कदम रणनीतिक होते हैं जिनका मकसद (सीटों की) सौदेबाजी करना है.’

कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य गौडा ने कहा कि बीएसपी को यूपी में एक नहीं दो बार सबक मिले, जब विपक्ष बिखरा रहा. वहां हमने त्रिकोणीय मुकाबला लड़ा और बीजेपी ने सूपड़ा साफ कर दिया. मायावती को लोकसभा चुनाव में 20 प्रतिशत वोट मिलने के बावजूद एक भी सीट नहीं मिल पाई.

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