live
S M L

नोटबंदी से टूटेगी आतंकवाद के आकाओं की कमर

हवाला में 500 और 1000 के नोटों का जमकर इस्तेमाल किया जाता है.

Updated On: Nov 20, 2016 05:57 PM IST

Kinshuk Praval Kinshuk Praval

0
नोटबंदी से टूटेगी आतंकवाद के आकाओं की कमर

नोटबंदी  को लेकर आम आदमी परेशान है. बैंक और एटीएम में कतारों में भीड़ लग रही है. सरकार लोगों की परेशानियों को देखते हुए हर दिन नए ऐलान कर रही है. लेकिन साथ ही नोटबंदी के दूसरे फायदे भी गिना रही है. पांच सौ और हजार के नोट बंद करने के पीछे सरकार का तर्क है कि इससे न सिर्फ कालाधन बाहर आएगा बल्कि नकली नोटों पर लगाम कसेगी और आतंकवादियों की फंडिंग भी रुकेगी.

70 करोड़ के नकली नोट हर साल छापता है ISI

दरअसल सरकार के इस कदम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को जोरदार झटका लगा है. पाकिस्तान में आईएसआई की टकसाल में भारतीय करेंसी के नकली नोट छपते हैं. आईएसआई इन नकली नोटों का इस्तेमाल भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिये कर रहा है. माना जाता है कि आईएसआई हर साल 70 करोड़ रूपये की नकली करेंसी भारत की अर्थव्यवस्था में खपा देती है. नकली नोट एलओसी पर घुसपैठ के जरिए और नेपाल- बांग्लादेश के रास्ते देश में पहुंचाए जाते हैं.

हवाला कारोबार में 500-1000 के नोटों का इस्तेमाल

हवाला और नकली करेंसी के कारोबार में 500 और 1000 के नोटों का जमकर इस्तेमाल किया जाता है. हवाला के जरिये कश्मीर में आतंकी गुटों और अलगाववादियों तक पैसा पहुंचाया जाता है जिसका इस्तेमाल आतंकी हमलों और घाटी में अराजकता फैलाने में किया जाता है. एलओसी पर घुसपैठ में मारे गए आतंकवादियों के पास से 500 और 1000 के नकली नोटों की खेप ने एजेंसियों की नींद उड़ा दी थी. ये दिखने में भारतीय करेंसी की हूबहू नकल थीं जिन्हें पहचानना मुश्किल था.

नए नोटों के सिक्योरिटी फीचर नहीं होगे डिकोड

एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में दस लाख नोटों में 250 नोट नकली है. लेकिन अब नोटों पर बैन से आईएसआई बेचैन है. आईएसआईए के लिये अब आतंकियों को 500 और 2000 के नकली नोटों की फंडिंग करना बेहद मुश्किल होगा. सरकार ने नए नोट जारी करने से पहले हवाला और जालसाजी को रोकने के लिए खास सिक्युरिटी फीचर पर जोर दिया है.

नए नोटों के फीचर की नकल करना काफी मुश्किल है. नए नोटों में 7-8 अतिरिक्त सुरक्षा फीचर हैं. जिससे उनकी नकल करने वालों को नकली नोट छापने में कई साल लग जाएंगे.

Mumbai: A man showing his new Rs 2000 notes with 100 rupees notes as others queue up to change their notes at outside of RBI, in Mumbai on Thursday. PTI Photo by Santosh Hirlekar (PTI11_10_2016_000104B)

आरबीआई के मुताबिक नए नोट में एक ऐसा सीक्रेट फीचर है जिसे कॉपी करना आसान नहीं है. हालांकि इस खास फीचर का आरबीआई की प्रेस रिलीज में जिक्र नही किया गया था.

दो हजार के नए नोट पर बनी गांधी जी की तस्वीर में उनके चश्मे पर आरबीआई लिखा गया है. इसे अबतक का सबसे सुरक्षित फीचर बताया जा रहा है.

16 साल से नहीं हुआ था नोटों में कई बदलाव

पिछले 16 साल से एक हजार के नोटों में कोई बदलाव नहीं किया गया था. भारतीय मुद्रा में बदलाव लगातार टल रहा था. साल 1987 से पांच सौ के नोट का चलन शुरु हुआ था.

पांच सौ के नोट में 10 साल पहले की थोड़ा बहुत फेरबदल किया गया था. लेकिन सिक्युरिटी फीचर के हिसाब से नकली नोट छापने वालों के पास उसका भी तोड़ था. जाली नोटों को रोकने के लिये अमूमन कोई भी देश सात से आठ साल में जरुरी सिक्युरिटी फीचर्स के साथ बदलाव करता है.

आंतरिक सुरक्षा और देश में मौजूद तकरीबन 17 लाख करोड़ कालेधन को देखते हुए नोटबंदी का बड़ा फैसला आने वाले समय में बड़े नतीजे ला सकता है.

नक्सली और आतंकी संगठनों पर नोटबंदी की मार का असर दिख रहा है. कश्मीर में सामान्य होते हालात के पीछे सरकार एक बड़ी वजह नोटबंदी को मान रही है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi