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अविश्वास प्रस्ताव: भगवंत मान की किस कविता को सुनकर मुस्कुराए राजनाथ सिंह!

भगवंत मान ने कहा कि बीजेपी फेडरल स्ट्रकचर को खत्म करना चाहती है.

Updated On: Jul 20, 2018 09:17 PM IST

FP Staff

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अविश्वास प्रस्ताव: भगवंत मान की किस कविता को सुनकर मुस्कुराए राजनाथ सिंह!

लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के दौरान आम आदमी पार्टी सांसद भगवंत मान ने बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बीजेपी फेडरल स्ट्रकचर को खत्म करना चाहती है, दिल्ली के उपराज्यपाल पर वायसराय की आत्मा हावी है.

उन्होंने बढ़ती हुई महंगाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला. मान ने कहा कि इस सरकार में कीमतें आसमान छू रही हैं, जबकि महंगाई को कम करने का वादा लेकर ही ये सरकार सत्ता में आई थी. मान ने यह भी कहा, प्रधानमंत्री के दिल में अल्पसंख्यकों के लिए कोई जगह नहीं है. देश के लिए यह विभाजन की राजनीति बहुत खतरनाक है.

भगवंत मान ने सदन में एक कविता के जरिए मोदी सरकार के अच्छे दिनों के वादे पर तंज कसा.

कविता कुछ इस तरह है-

'बात चली थी भारत को डिजिटल इंडिया बनाने से

बात चली थी एक सिर के बदले दस सिर लाने से

बात चली थी बुलेट ट्रेन चलाने से

बात चली थी 56 इंच का सीना दिखाने से

बात चली थी न खाने से न खिलाने से

कहां गई वो 100 दिन में काले धन की बात

4 साल से देश की जनता रेडियो पर सुन रही है सिर्फ मन की बात

चौकीदार देख रहा है और लोग बैंकों को चूना लगाकर भगोड़े हो रहे हैं

लाखों नौजवानों के सपने आंखों के सामने पकौड़े हो रहे हैं

अब तो साहब के ऑफिस से मैन्यू बनकर आता है कि

हमे क्या पहनना है और हम क्या खाने वाले हैं

मोदी जी 6-7 महीने में आप जाने वाले हैं

जाते-जाते ही बता दीजिए अच्छे दिन कब आने वाले हैं.'

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