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नीतीश कुमार की नजरें अब दिल्ली पर

नीतीश का दिल्ली में सक्रिय होना केजरीवाल के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है.

Updated On: Dec 04, 2016 11:36 AM IST

Amitesh Amitesh

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नीतीश कुमार की नजरें अब दिल्ली पर

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नया नारा है ‘बिहार को विशेष राज्य का दर्जा, दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा.’ इसी नारे को लेकर अब नीतीश दिल्ली में अपना पैर जमाने की कोशिश में हैं.

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के दिल्ली के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में अपनी मंशा साफ कर दी. उनका दिल्ली में सक्रिय होना मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है.

बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद अब दिल्ली में भी उन्होंने शराबबंदी और सट्टा के खिलाफ अभियान का आगाज कर दिया है. दिल्ली में शराब को स्थानीय भाषा में सांसी कहा जाता है. अब जेडीयू का दिल्ली में शराबबंदी के खिलाफ नारा होगा. ‘दिल्ली में सांसी और सट्टा बंद करो.’

शराबबंदी को लेकर बिहार में नीतीश की वाहवाही खूब हुई. खासतौर से महिलाओं ने इस कदम पर नीतीश के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई थी.

दिल्ली के मावलंकर हाल में कार्यकर्ता सम्मेलन में सरिता विहार से पहुंची रीता देवी ने दिल्ली में भी शराबबंदी की मांग का समर्थन किया. मूल रूप से मधुबनी बिहार की रहनेवाली रीता देवी का कहना है ‘नीतीश ने बिहार में शराबबंदी पर अच्छा काम किया, अब दिल्ली में भी ऐसा करने की जरूरत है.’

बिहारी वोटरों पर नजर

दिल्ली में बिहारी और पूर्वांचली वोटरों की तादाद लगभग एक तिहाई है. पिछले विधानसभा चुनाव में दिल्ली में आप ने 70 में से 67 सीटों पर कब्जा कर इतिहास रच दिया था. उनकी इस जीत में बिहारी और पूर्वांचली वोटरों का सबसे बड़ा योगदान रहा था.

लेकिन, अब नीतीश की दिल्ली में दिलचस्पी केजरीवाल को तनाव दे सकती है, क्योंकि, बिहारी वोटरों पर ही जेडीयू की भी नजर है.

जेडीयू के दिल्ली के कार्यकर्ता सम्मेलन में इस बात का ऐलान कर दिया गया कि पार्टी अगले साल होने वाले दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) का चुनाव भी लड़ेगी और फिर अगले विधानसभा चुनाव में भी पूरी तैयारी से लड़ेगी.

फर्स्टपोस्ट हिंदी से बातचीत में जेडीयू नेता और दिल्ली प्रभारी संजय झा का कहना है कि ‘अभी हाल ही में चिकनगुनिया और डेंगू से दिल्ली की जनता परेशान थी, जिन्होंने आप को वोट दिया था. लेकिन, एक भी विधायक और मंत्री उनका दर्द देखने नहीं आया. अब आप को लेकर जमीनी हालात बदल रहे हैं, लोग परेशान हैं. इसका असर देखने को मिलेगा.’

संजय झा कहते हैं ‘जब मॉरीशस में जाकर बिहारी प्रधानमंत्री बन सकता है तो दिल्ली का मुख्यमंत्री एक बिहारी क्यों नहीं हो सकता.’

जेडीयू के रुख से साफ है अगले साल होने वाले एमसीडी चुनाव में पार्टी पूरी तैयारी के साथ अपनी जड़ें मजबूत करने में लगी है. पार्टी को दिल्ली में औपचारिक रूप से लांच कर दिया गया.

आने वाले दिनों में पार्टी अलग-अलग वार्ड और अलग-अलग क्षेत्रो में जाकर जनता का नब्ज टटोलेगी और फिर एमसीडी चुनाव से ठीक पहले एक बड़ा सम्मेलन कर अपनी ताकत दिखाएगी.

लेकिन, नीतीश की दिल्ली में दिलचस्पी सियासी दलों के बदलते नजरिए को साफ दिखाती है.

बीजेपी ने भी अभी हाल ही में उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद और भोजपुरी के जाने-माने गायक कलाकार मनोज तिवारी को दिल्ली की कमान सौंप कर बिहारी वोटरों को साधने की कोशिश की है.

बीजेपी को भी लगता है कि मनोज तिवारी के हाथों में कमान जाने के बाद बिहारी वोटर उनकी तरफ आएंगे और आप के जनाधार में सेंधमारी हो सकेगी. लेकिन, जेडीयू को लगता है कि नीतीश कुमार का चेहरा इन सब पर भारी पड़ेगा.

बिहार में उनकी विकास की छवि को आगे कर जेडीयू दिल्ली में भी अपना दावा मजबूत करना चाहती है. दिल्ली प्रभारी संजय झा कहते हैं जब 2012 में दिल्ली के बुराड़ी में बिहार गौरव कार्यक्रम हुआ, तब वहीं से एक मोमेंटम बना. मनोज तिवारी भी उसी मंच पर थे, बाद में आगे वो दिल्ली से सांसद बन गए.

कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में नीतीश कुमार ने साफ कर दिया कि दिल्ली में हर घर में बिजली, हर घर में पानी और हर गली में बेहतर सड़क के मुद्दे को उठाना है. मतलब केजरीवाल ही निशाना हैं.

नोटबंदी पर नीतीश का सरकार को समर्थन

हालांकि इस सम्मेलन में भी नोटबंदी पर एक बार फिर से बहस हो ही गई. लेकिन, इस बार भी शरद यादव को नीतीश का समर्थन नहीं मिला.

जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने जहां नोटबंदी पर लोगों की परेशानी को लेकर सरकार पर हमला किया वहीं नीतीश कुमार ने अपना पुराना रुख ही अपनाया.

शरद यादव के उलट अपनी बात रखते हुए नीतीश कुमार ने साफ कर दिया कि हम नोटबंदी का समर्थन करते हैं.

अगर इससे कालाधन बंद हो तो बेहद अच्छा, अगर नोटबंदी एक बेहतर कदम है, सकारात्मक कदम है. लेकिन, प्रधानमंत्री को अब बेनामी संपत्ति पर हमला बोलना होगा. जमीन, हीरा-सोना भी लोग बेनामी संपत्ति के रूप में है, उस पर हमले की जरूरत है.

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