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नीतीश कुमार होंगे बिहार में एनडीए का चेहरा!

एनडीए के दोनों सहयोगी बीजेपी और जेडीयू में सीट शेयरिंग और बिहार में गठबंधन के चेहरे को लेकर घमासान मचा हुआ है

Updated On: Jul 07, 2018 07:03 PM IST

Alok Kumar

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नीतीश कुमार होंगे बिहार में एनडीए का चेहरा!

दिल्ली में आयोजित होने वाली जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में एक राजनीतिक प्रस्ताव पारित होने की संभावना है, जिसमें पार्टी अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में एनडीए का चेहरा बनाया जाएगा.

नीतीश कुमार के करीबी एक वरिष्ठ जेडीयू नेता ने न्यूज18 को बताया कि बीजेपी के साथ सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में चर्चा हो सकती है. क्योंकि जेडीयू सीटों का बड़ा हिस्सा पाना चाहती है. सभी निगाहें जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी पर टिक गई हैं. क्योंकि यह बैठक बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच 12 जुलाई को प्रस्तावित मुलाकात से ठीक पहले हो रही है.

मोल-भाव कर सकते हैं अमित शाह और नीतीश कुमार

एनडीए के दोनों सहयोगी बीजेपी और जेडीयू में सीट शेयरिंग और बिहार में गठबंधन के चेहरे को लेकर घमासान मचा हुआ है. हालांकि एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने न्यूज18 को बताया कि अमित शाह और नीतीश कुमार के बीच बैठक में सब कुछ सुलझा लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करना बंद कर दिया है. दूसरी तरफ नीतीश कुमार अपनी पार्टी के लिए बेस्ट डील करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं और अमित शाह के साथ बातचीत करते समय मोल-भाव करने की कोशिश करेंगे.

जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव संजय झा ने न्यूज18 को बताया, '2014 लोकसभा के नतीजे सिर्फ सीट शेयरिंग का आधार नहीं हो सकते क्योंकि जेडीयू किसी भी बड़े गठबंधन का हिस्सा नहीं थी और इसे अकेले लड़ी. इससे पहले जेडीयू 25 सीटों और बीजेपी 15 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. हालांकि 2015 में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम सीट शेयरिंग के आधार हो सकते हैं. जिसमें जेडीयू ने आरजेडी के साथ चुनाव लड़ा और 71 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि बीजेपी 53 सीटों पर सिमट गई.'

जेडीयू ने 2014 के लोकसभा चुनावों में केवल दो सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि एनडीए ने मोदी लहर में 40 सीटों में से 31 सीटों पर जीत दर्ज की थी.

मोदी का दूसरा कार्यकाल सुनिश्चित करना बीजेपी की प्राथमिकता

चुनाव अभियान का नेतृत्व करने के मुद्दे का जिक्र करते हुए नीतीश कुमार के करीबी एक वरिष्ठ जेडीयू नेता ने बीजेपी को याद दिलाया कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को समर्थन देने का फैसला किया था क्योंकि उन्होंने पिछले साल 27 जुलाई को आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन का साथ छोड़ दिया था. नीतीश कुमार को आश्वासन दिया गया था कि वह राज्य में एनडीए के नेता होंगे. या तो बीजेपी नेतृत्व ने स्पष्ट रूप से राज्य यूनिट को यह नहीं बताया या उनके दिमाग में कुछ और हो सकता है. यह बीजेपी राज्य इकाई के नेता थे जिन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी एनडीए का चेहरा होंगे और बीजेपी 2014 में जीती सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने बताया कि नरेंद्र मोदी का दूसरा कार्यकाल सुनिश्चित करना बीजेपी के लिए सबसे पहली प्राथमिकता है. उन्होंने कहा, 'अगर नीतीश दूसरी तरफ जाते हैं तो हम परिणामों को समझते हैं. इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता है कि बिहार में बीजेपी, आरजेडी और जेडीयू तीन प्रमुख राजनीतिक दल हैं और किसी भी दो के मिलने से चुनाव जीता जा सकता है. इसलिए हमें नीतीश कुमार को ध्यान से सुनना होगा.'

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