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गडकरी का PM को लेकर बयान BJP के अंदर उठ रही आवाज को दिखाता है: NCP

गडकरी के बयान के बाद एनसीपी ने कहा, केंद्रीय मंत्री की टिप्पणियां प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी की नाकामी के खिलाफ ‘बीजेपी के अंदर उठ रही आवाज’ को प्रदर्शित करती हैं

Updated On: Jan 28, 2019 04:41 PM IST

Bhasha

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गडकरी का PM को लेकर बयान BJP के अंदर उठ रही आवाज को दिखाता है: NCP

जनता से किए वादों को पूरा नहीं करने वाले नेताओं की जनता द्वारा पिटाई किए जाने संबंधी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बयान के बाद एनसीपी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री की टिप्पणियां प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी की नाकामी के खिलाफ ‘बीजेपी के अंदर उठ रही आवाज’ को प्रदर्शित करती हैं.

एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी के एक दिन बाद सोमवार को दावा किया कि गडकरी खुद को 'मोदी के एक विकल्प' के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि बीजेपी आगामी लोकसभा चुनाव हारने जा रही है.

मलिक ने कहा, 'तीन राज्यों (राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) में हुए विधानसभा चुनावों के बाद गडकरी जिस तरह से मुखर हुए हैं, उससे संकेत मिलता है कि चुनाव के बाद मोदी या बीजेपी की सरकार नहीं रहेगी.'

गौरतलब है कि पिछले महीने हिंदी पट्टी के इन तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में एनसीपी की सहयोगी पार्टी कांग्रेस विजेता बन कर उभरी थी और उसने वहां बीजेपी को सत्ता से बेदखल कर दिया. मलिक ने कहा, 'कहीं ना कहीं, मोदी की नाकामी को लेकर बीजेपी के अंदर भी आवाज उठ रही है. चूंकि बीजेपी हारने जा रही है, इसलिए वह (गडकरी) खुद को मोदी के विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं.'

दरअसल, केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गडकरी ने रविवार को कहा था कि जो नेता लोगों को सपने बेचते हैं, लेकिन उन्हें पूरा कर पाने में नाकाम रहते हैं तो जनता उनकी पिटाई भी करती है. मंत्री ने जोर देते हुए कहा था कि वह अपने वादों को पूरा करने में यकीन रखते हैं.

इससे पहले, पिछले महीने गडकरी ने पुणे में एक कार्यक्रम में कहा था कि नेतृत्व में शिकस्त और नाकामियों को स्वीकार करने की प्रवृत्ति होनी चाहिए. उनकी यह टिप्पणी हालिया विधानसभा चुनावों में बीजेपी को मिली हार के बाद आई थी. इस बीच, यवतमाल में 13 जनवरी को वार्षिक मराठी साहित्य उत्सव में गडकरी ने कहा था कि नेताओं को अन्य क्षेत्रों में दखल नहीं देना चाहिए.

साहित्य उत्सव में शामिल होने के लिए लेखिका नयनतारा सहगल को दिया गया न्यौता कथित तौर पर एक राजनीतिक दल के दबाव में आकर वापस लिए जाने के बाद हुए विवाद के बाद गडकरी ने यह टिप्पणी की थी.

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