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किसान संकट में जरूर हैं पर रोजगार के बारे में 'मिथ्या बातें' कही जा रही हैं: पीएम

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि पिछले एक साल में कर्मचारी भविष्य निधि योजना के तहत 70 लाख युवकों के नए खाते खुले हैं, जो 18 से 25 साल के हैं

FP Staff Updated On: Jan 21, 2018 10:39 PM IST

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किसान संकट में जरूर हैं पर रोजगार के बारे में 'मिथ्या बातें' कही जा रही हैं: पीएम

प्रधानमंत्री ने आर्थिक वृद्धि के बावजूद रोजगार न बढ़ने की आलोचना को खारिज करते हुए रविवार को कहा कि रोजगार सृजन के विषय पर एक 'मिथ्या' प्रचार किया जा रहा है. सरकार की नीतियां रोजगार सृजन के लिए हैं.

समाचार चैनल 'टाइम्स नाउ' के साथ एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में रोजगार के मामले में संगठित क्षेत्र का योगदान दस प्रतिशत है जबकि 90 प्रतिशत रोजगार असंगठित क्षेत्र में मिला हुआ है.

उन्होंने कहा, 'उनकी सरकार की नीति कपड़ा और चमड़ा जैसे क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने की है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 10 करोड़ छोटे कारोबारियों को कर्ज दिए गए हैं, जिससे उद्यमी तैयार हुए हैं और रोजगार के अवसर बने हैं. ये इकाइयां कॉरपोरेट की परिभाषा में नहीं आती हैं.'

मोदी ने यह भी कहा कि पिछले एक साल में कर्मचारी भविष्य निधि योजना के तहत 70 लाख युवकों के नए खाते खुले हैं, जो 18 से 25 साल के हैं. क्या यह नहीं दर्शाता कि नए रोजगार पैदा हो रहे हैं?

उन्होंने कहा कि देश में असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों का कोई आंकड़ा नहीं है. प्रधानमंत्री ने कहा कि नए चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, वकील और कंसल्टेंट भी हैं जो 2014 के बाद से अपने-अपने पेशे में जुड़े हैं.

इसी तरह, सड़क निर्माण की रफ्तार पिछले तीन साल में जो दोगुनी हुई है वह लोगों को काम पर लगाए बिना नहीं हो सकती थी. इसी प्रकार नई रेललाइनें बिछाने की रफ्तार भी दोगुनी हुई है. उन्होंने कहा कि विद्युतीकरण और बंदरगाहों का काम भी तेज हुआ है, जो रोजगार सृजन के बगैर नहीं हो सकता.

आलोचना उचित है, हम इससे इनकार नहीं कर सकते: मोदी

मोदी ने माना कि खेती संकट में जरूर है. इस संबंध में एक सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा, 'आलोचना उचित है' और 'हम इससे इनकार नहीं कर सकते हैं.' केंद्र और राज्य सरकारों का यह दायित्व है कि दोनों किसानों की समस्याओँ की पहचान करें और उनका समाधान किया जाए.

उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना, सिंचाई परियोजनाएं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, यूरिया की उपलब्धता बढ़ाना, फसलों के लिए सब्सिडीशुदा पौष्टिक तत्वों की चोरबाजारी रोकने जैसे कदमों का लक्ष्य किसानों की तकलीफों का समाधान करना ही है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने, कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण क्षमता के विस्तार और ग्रामीण तथा कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना चाहते हैं.

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