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मॉब लिन्चिंग अपराध है, कानून अपने हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं : PM मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, एक भी हिंसक घटना गहरे दुख और दुर्भाग्य की बात है. देश के एक-एक व्यक्ति का फर्ज बनता है कि वह राजनीति से ऊपर उठकर समाज में शांति कायम करने का काम करे

Updated On: Aug 12, 2018 12:48 PM IST

FP Staff

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मॉब लिन्चिंग अपराध है, कानून अपने हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं : PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में विपक्ष के कई आरोपों का जवाब दिया. बेरोजगारी, आर्थिकी, महिला सशक्तीकरण, एनआरसी ड्राफ्ट और जीएसटी से लेकर भारत-पाक संबंधों पर भी पीएम मोदी ने अपनी राय रखी.

देश में दिनों दिन बढ़ती भीड़ की हिंसक घटनाओं पर समूचा विपक्ष मोदी सरकार को घेरता रहा है. प्रधानमंत्री ने अपने इंटरव्यू में इस बारे में विस्तार से बताया और अपनी सरकार, पार्टी का रुख भी स्पष्ट किया.

पीएम ने एनआरसी के मुद्दे पर लोगों को भरोसा दिलाया कि अपनी नागरिकता साबित करने का मौका जरूर दिया जाएगा. महागठबंधन को लेकर भी बात हुई. भारत-पाक संबंधों पर पीएम ने जोर देकर कहा कि रिश्ते तभी प्रगाढ़ होंगे, जब सरहद के दोनों तरफ अमन-चैन कायम हो.

देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और भीड़ की हिंसक घटनाओं (मॉब लिंचिंग) पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, इस मुद्दे को आंकड़ों तक कैद रखना या इस पर राजनीति करना काफी हास्यास्पद (ट्रैविस्टी) होगा. यह और कुछ नहीं बल्कि एक पथभ्रष्ट मानसिकता (परवर्स माइंडसेट) का परिचायक है, जो सामूहिक स्तर पर इसका विरोध करने के बजाय हिंसा और अपराध को भी भुनाना चाहती है.

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प्रधानमंत्री ने कहा, एक भी हिंसक घटना गहरे दुख और दुर्भाग्य की बात है. देश के एक-एक व्यक्ति का फर्ज बनता है कि वह राजनीति से ऊपर उठकर समाज में शांति कायम करने और लोगों को एकजुट करने का काम करे. मैं और मेरी पार्टी एक नहीं, कई दफे ऐसी हिंसक घटनाओं और ऐसी मानसिकता के खिलाफ साफ शब्दों में अपनी बात रख चुके हैं.

इसी मुद्दे पर पीएम मोदी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, मेरी सरकार ने प्रदेशों को विस्तृत एडवाइजरी जारी की है. मैं यहां साफ कर देना चाहता हूं कि मॉब लिंचिंग एक अपराध है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसके पीछे की मानसिकता क्या है. कोई भी व्यक्ति, किसी भी सूरत में कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता और न ही हिंसा कर सकता है.

पीएम मोदी ने आगे कहा, यह सबकुछ रिकॉर्ड में भी है. हमलोग तो बातों से ऊपर उठकर काम करने वाले लोग हैं. आप हमारे गृह मंत्रालय की कार्रवाई पर गौर कर सकते हैं कि कैसे इन घटनाओं के खिलाफ तुरंत एक्शन लिया गया.

प्रधानमंत्री ने कहा, मैंने पद संभालते ही लाल किले की प्राचीर से कहा कि सरकार, समाज, परिवार या कोई भी व्यक्ति हो, उसकी जवाबदेही बनती है कि वह महिलाओं का सम्मान सुनिश्चित करे. सरकारी स्तर पर हमने यहां तक किया कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कुछ मामलों में फांसी की सजा का प्रावधान किया. आपने देखा होगा कि अब ऐसे मामलों में सजा का ऐलान भी होने लगा है. देश-समाज में कानून का राज हो, इसके लिए आप हमारी सरकार की नीयत पर संदेह नहीं कर सकते.

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