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मोदी मैजिक ! 2029 तक सत्ता का वनवास झेलेगी कांग्रेस ?

विपक्ष की उम्मीदों को ब्लूमबर्ग मीडिया की रिपोर्ट से झटका मिल सकता है जिसका दावा है कि नरेंद्र मोदी साल 2019 और साल 2024 का भी चुनाव जीतेंगे

Updated On: Mar 20, 2018 08:24 PM IST

Kinshuk Praval Kinshuk Praval

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मोदी मैजिक ! 2029 तक सत्ता का वनवास झेलेगी कांग्रेस ?

कांग्रेस के 84वें अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी पार्टी की तुलना पांडवों से की और मोदी सरकार को कौरव बताया था. साल 2014 में कांग्रेस सत्ता से बेदखल हुई तो उसका सत्ता का वनवास शुरू हुआ. लेकिन अब एक रिपोर्ट को देखते हुए लग रहा है कि वाकई कांग्रेस को पांडवों की तरह ही 13 साल का वनवास और 1 साल का अज्ञातवास देखना पड़ सकता है. ब्लूमबर्ग मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक नरेंद्र मोदी साल 2029 तक देश के पीएम रह सकते हैं. यानी साल 2014 से पंद्रह साल तक देश में मोदी सरकार रहेगी और खुद को पांडव बताने वाली कांग्रेस का वनवास भी तब तक जारी रहेगा?

देश में हाल ही में हुए एमपी, राजस्थान और यूपी के उपचुनावों ने विपक्ष की गोलबंदी को तेज कर दिया था. इन उपचुनावों में बीजेपी को अपने ही गढ़ में शिकस्त मिली. ये तक माना जाने लगा कि बीजेपी अपराजेय नहीं है बल्कि सब मिल कर चुनाव लड़ें तो बीजेपी को हराया जा सकता है. उसी उम्मीद से साल 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर देश की सियासत में एक साल पहले से ही हलचल तेज हो गई. लेकिन विपक्ष की उम्मीदों को ब्लूमबर्ग मीडिया की रिपोर्ट से झटका मिल सकता है. इस रिपोर्ट ने दावा किया है कि नरेंद्र मोदी साल 201 और साल 2024 का भी चुनाव जीतेंगे.

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त्रिपुरा में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद यूपी के उपचुनावों के नतीजों ने जश्न को फीका कर दिया था. बड़ी वजह ये थी कि बीजेपी अपने लोकप्रिय सीएम और डिप्टी सीएम वाली सीटें हारी थी. वहीं इस उपचुनाव की वजह से समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने साथ आकर भविष्य के लिए भी बीजेपी के खिलाफ एक नया मोर्चा खोल दिया. इससे पहले राजस्थान और मध्यप्रदेश के उपचुनावों में मिली हार से भी बीजेपी पर साल 2019 के लोकसभा चुनाव के लेकर दबाव बढ़ता जा रहा था.

लेकिन ब्लूमबर्ग मीडिया की रिपोर्ट का दावा है कि पीएम मोदी ही देश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं. रिपोर्ट के मुताबिक देश में उनके कद का कोई नेता ही मौजूद नहीं है. रिपोर्ट ने मोदी की लोकप्रियता की तुलना रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से करते हुए बताया कि मोदी अगले 11 साल तक देश के पीएम रहेंगे. ऐसे में मोदी सिर्फ साल 2019 का ही नहीं बल्कि साल 2024 का भी चुनाव जीतेंगे.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi interacts with children during Independence Day celebrations at the Red Fort in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Shirish Shete(PTI8_15_2017_000189B)

ये रिपोर्ट बीजेपी के आत्मविश्वास के लिए एनर्जी बूस्टर से कम नहीं. रिपोर्ट के मुताबिक मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ देश में अभी भी दूसरे नेताओं से बहुत ज्यादा ऊंचा है. मोदी के प्रशंसकों में दस साल के बच्चे से लेकर 90 साल के बुजुर्ग तक शामिल हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक लोग मोदी पर भरोसा करते हैं और देश कल्याण के लिए उन्हें फिर से मौका दे सकते हैं. यहां तक कि बीजेपी को लोग पसंद करें या न करें लेकिन मोदी को बहुत पसंद करते हैं. यही बात मोदी की ताकत है जिसकी वजह से वो न सिर्फ साल 2019 का चुनाव जीतेंगे बल्कि उनके साल 2029 तक  पीएम बने रहने की पूरी संभावनाएं हैं.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन को साल 2024 तक सत्ता छोड़नी पड़ सकती है. साथ ही वो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता को संदेह की नजर से देखती है. रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप का पहला कार्यकाल ही आखिरी भी हो सकता है . वहीं तमाम आरोपों से घिरे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू और जापान के पीएम शिंजो आबे की सत्ता में वापसी को मुश्किल मानती है.

तमाम अंतर्राष्ट्रीय नेताओं में केवल मोदी को ही साल 2029 तक देश की सत्ता पर बरकरार रहने वाला लोकप्रिय नेता माना गया है जबकि भारतीय राजनीति हमेशा ही उतार-चढ़ाव से भरी और उथल-पुथल मचाने वाली रही है. लेकिन पीएम मोदी के संदर्भ में रिपोर्ट का मानना है कि उनके बराबर दमदार दूसरा नेता देश में नहीं है. क्या विपक्ष का यही खालीपन मोदी के लिए वरदान है?

ये न्यू इंडिया है. आजादी के 70 साल पर हम इस प्रोजेक्ट को शुरू कर रहे हैं. हमारी कोशिश है कि जब हम 75वां साल मनाएं तो हमारा बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पूर हो जाए.

इसमें कोई दो मत नहीं कि विपक्ष को बीजेपी से नहीं बल्कि पीएम मोदी से खतरा है. मोदी अपने अकेले दम पर पूरे चुनाव का रुख मोड़ने में माहिर हैं. गुजरात विधानसभा चुनाव में नाजुक हालातों के बीच मोदी ने अपने दम पर पूरे चुनाव का रुख बदल दिया. इसी तरह त्रिपुरा में लेफ्ट के गढ़ में वाम सरकार को सिर्फ मोदी ही ललकार सके. ‘मोदी मैजिक’ ने ही उत्तर-पूर्वी राज्यों में बीजेपी को करिश्माई जीत दिलाते हुए सरकार बनवाई.

यूपी उपचुनाव में मोदी ने प्रचार नहीं किया था. वैसे भी वो उपचुनावों का प्रचार नहीं करते हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ का गढ़ होने की वजह से माना जा रहा था कि गोरखपुर में बीजेपी की जीत औपचारिकता भर है. यही गलतफहमी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की वजह से फूलपुर की सीट को लेकर भी थे. इसके बावजूद गोरखपुर में लगातार पांच बार सांसद  रहने वाले योगी अपनी पार्टी को उपचुनाव की सीट नहीं जिता सके और यही फूलपुर में भी हुआ.

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एमपी और राजस्थान के उपचुनावों में वहां के सीएम भी सारी ताकत लगा कर सीटें नहीं जीत सके. इससे साबित हो गया कि चाहे एमपी हो या फिर यूपी या फिर दूसरे राज्य हो, वहां केवल मोदी मैजिक की वजह से ही बीजेपी जीती है और भविष्य में जीत सकेगी. ऐसे में साफ है कि मोदी के ही दम पर पार्टी अगले दो लोकसभा चुनावों में जीत का परचम फहरा सकती है.

जबकि विपक्ष के लिए मुश्किल यही है कि मोदी जितना दमदार नेता उसके पास नहीं है. मोदी जैसा वक्ता और जनता के बीच अपनी वाकशैली से सम्मोहित करने की कला दूसरे समकक्ष नेताओं में दिखाई नहीं देती है.

मोदी की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह उनकी साफ छवि है. विपक्ष के तमाम आरोपों के बावजूद आम जन-मन में पीएम मोदी के खिलाफ अविश्वास अबतक नहीं जागा है. तभी राज्य दर राज्य बीजेपी का विस्तार होता चला गया और लोग मोदी के नाम पर बीजेपी को वोट देते आए हैं.

अब ब्लूमबर्ग मीडिया की रिपोर्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करेगी. मोदी हर राज्य और हर वर्ग के बीच लोकप्रिय हो चुके हैं और उनका करिश्माई व्यक्तित्व बीजेपी के लिए आने वाले दो लोकसभा चुनावों में सबसे मजबूत ब्रांड बन चुका है.

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