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मोदी और योगी: खुफिया एजेंसियों की क्यों उड़ी नींद?

सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक, मोदी और योगी की सुरक्षा को लेकर खतरा है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Oct 30, 2017 09:18 PM IST

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मोदी और योगी: खुफिया एजेंसियों की क्यों उड़ी नींद?

देश की खुफिया एजेंसियां आज-कल पीएम मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही हैं. यह सतर्कता हिमाचल प्रदेश और गुजरात विधानसभा चुनाव में उनके अतिव्यस्त कार्यक्रमों को ध्यान में रखकर बरती जा रही है.

गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर की उम्मीद है. इस चुनाव में बीजेपी के दो स्टार प्रचारक पीएम नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा है. खासकर गुजरात में पीएम मोदी कई पब्लिक मीटिंग को संबोधित करने वाले हैं. कुछ पब्लिक मीटिंग्स गुजरात के तटीय इलाकों में भी निर्धारित किए गए हैं. यह तटीय इलाका पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है.

मोदी को किसने दी सलाह?

पीएम मोदी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसियां अभी से ही इस तटीय इलाके में डेरा डाल चुकी हैं. पाकिस्तान की सीमा से सटे होने के कारण यह इलाका सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है.

गुजरात चुनाव के दौरान खुले मंच से स्पीच देने वाले पीएम मोदी को खुफिया एजेंसियों ने बुलेटप्रूफ एनक्लोजर से स्पीच देने की सलाह दी है. देश की खुफिया एजेंसियों ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसियों को आगाह किया है कि आईएस और अलकायदा जैसे कई आतंकी संगठन पीएम मोदी पर हमले के फिराक में हैं.

आईबी के एक अधिकारी ने फ़र्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में तनाव, एलओसी पर घुसपैठ और हाल के दिनों में कई आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद इस बात को काफी बल मिल रहा है. सिक्योरिटी एजेंसियों को उम्मीद है कि अगले गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी सलाह को अनदेखा नहीं करेंगे.’

सुरक्षा घेरा तोड़ना पड़ेगा भारी 

पीएम मोदी अक्सर सुरक्षा घेरे को तोड़ कर भीड़-भाड़ वाले इलाके में चले जाते हैं. हाल के दिनों में यह देखा गया है कि पीएम मोदी बिना बुलेटप्रूफ इनक्लोजर से ही भाषण देते हैं. गुजरात के तटीय इलाके में मोदी की सभा के दौरान खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि आतंकवादी ड्रोन से पीएम की सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश कर सकते हैं.

पिछले दिनों ही प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई खुलासे हुए हैं. इसी साल जून में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा था पीएम मोदी की केरल यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा को खतरा था.

विजयन ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि 17 जून को कोच्चि मेट्रो का उद्घाटन करने पीएम मोदी जब केरल आए थे, तब हमारे पास उनकी सुरक्षा को खतरे से संबंधित एक रिपोर्ट थी जिसे सार्वजनिक नहीं की गई. देश की खुफिया एजेंसियों को भी बाद में इस बात के पुख्ता सुबूत मिले थे कि जब पीएम मोदी कोच्चि में मौजूद थे तो एक आतंकी मॉड्यूल भी उस जगह पर मौजूद था.

बड़े हमले का खतरा

खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि गुजरात में चुनावी रैलियों पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन किसी बड़े हमले को अंजाम दे सकता है. यह हमला 26/11 या इससे भी बड़ा हो सकता है.

Vadnagar: Prime Minister Narendra Modi waves at the public during a roadshow in his home town Vadnagar, Gujarat on Sunday.  PTI Photo/ PIB(PTI10_8_2017_000140B)

खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के अनुसार इसी महीने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने मैरीटाइम इंटरनेशनल बॉर्डर के पास भारतीय मछुआरों की कुछ नावें जब्त कर ली थी. साथ ही उन्होंने इन मछुआरों के पहचान पत्र भी जब्त कर लिए. ऐसे में पाकिस्तान की ओर से किसी बड़ी साजिश की आशंका जाहिर की गई है.

आईबी की एक रिपोर्ट में भी कहा गया है कि गुजरात चुनाव के दौरान पाकिस्तान, भारत में समुद्र के रास्ते आतंकियों को भेज कर बड़े हमले करा सकती है. उसका निशाना मोदी और योगी हो सकते हैं.

पाकिस्तानी मैरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसी ने इसी सप्ताह पोरबंदर से भारतीय मछुआरों की चार नौकाएं जब्त की. इसके साथ ही मछुआरों विशिष्ट पहचान उपकरण और पहचान पत्र भी छीन लिए थे. जिससे इस बात की आशंका प्रबल हो गई है कि पाकिस्तान, गुजरात में चुनाव के समय किसी बड़ी घटना को अंजाम दिलवा सकता है.

पिछले चार-पांच सालों में गुजरात में दो लाख मछुआरों को बायोमीट्रिक कार्ड जारी किए गए हैं. भारतीय खुफिया एजेंसियां इन बायोमैट्रिक कार्ड की भी जांच शुरू कर दी है.

भारतीय खुफिया एजेंसियों को यह पता चला है कि हाल के कुछ दिनों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां इस इलाके में अपनी हरकतें बढ़ाई हैं. भारतीय खुफिया एजेंसियों को लगता है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की यह हरकतें कहीं गुजरात चुनाव को लेकर तो नहीं है? इसी को ध्यान में रखकर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है.

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