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संसद में चर्चा Updates: ट्रिपल तलाक अपराध है, लोकसभा में लगी मुहर अब राज्यसभा की बारी

लोकसभा में लंबी चर्चा के बाद आखिरकार ट्रिपल तलाक बिल पास हो गया है. इसके बाद चर्चा के लिए इसे राज्यसभा के पास भेजा जाएगा

| December 27, 2018, 07:25 PM IST

FP Staff

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हाइलाइट

Dec 27, 2018

  • 19:10(IST)

    लोकसभा में लंबी चर्चा के बाद आखिरकार ट्रिपल तलाक बिल पास हो गया है. इसके बाद चर्चा के लिए इसे राज्यसभा के पास भेजा जाएगा. 

  • 18:59(IST)
  • 18:59(IST)
  • 18:58(IST)

    ट्रिपल तलाक बिल पर संसद में वोटिंग शुरू हो गई है. कांग्रेस और AIADMK ने वॉकआउट कर दिया है.

  • 17:56(IST)

    एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने कहा कि यह बिल उन महिलाओं के लिए है जो पिरामिड में टॉप पर नहीं है. इसलिए यह बेस्ट है जो हम उनके लिए कर सकते हैं. उनके पति जेल में डालकर. क्या हमें अन्य समान महिला सशक्तिकरण विधेयकों पर जोर नहीं देना चाहिए जैसे संसद में महिला आरक्षण, वैवाहिक बलात्कार.

  • 17:35(IST)
  • 16:59(IST)

    केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि तलाक-ए-बिद्दत एक क्रिमिनल एक्ट है. प्रधानमंत्री का विशेष अभिनंदन करती हूं, क्योंकि आपने राजनीति के मकसद से इसकी शुरुआत नहीं की. इंसाफ को अब तक देर हुई है, लेकिन अब वक्त खत्म हो गया है.

  • 16:54(IST)

    स्मृति ईरानी ने किया कांग्रेस पर हमला

    जब इनके पास मौका था तो वो महिलाएं जो प्रताड़ित की जा रही थीं तो ये लोग उनके पक्ष में क्यों नहीं खड़े हुए. 477 बहनें ऐसी है जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी ट्रिपल तलाक की शिकार हुई हैं. यदि किसी बहन के साथ ऐसा हो तो हमारी जिम्मेदारी है उसे न्याय दिलाना. इस देश ने वो मंजर भी देखा जब ये कहा गया कि अगर दहेज लिया या दिया जाता है तो इसमें सरकार का क्या काम, लेकिन वो खत्म हुआ: स्मृति ईरानी

  • 16:41(IST)

    टीडीपी एमपी ने कहा कि सरकार को पुरुषों को महिलाओं की रक्षा करने पर ध्यान देना चाहिए. बीजेपी सरकार में पुरुष-महिलाओं के साथ लिचिंग की घटनाएं सामने आ रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रिपल तलाक बिल जम्मू-कश्मीर में भी लागू होना चाहिए.

  • 15:52(IST)

    बाल विवाह और सती प्रथा भी तो खत्म हुआ. बाल विवाह के खिलाफ भी आवाज उठी थी तो वो भी खत्म हुआ. उस वक्त भी कुछ लोगों ने इसे मजहब से जोड़ा था, लेकिन वो खत्म हुआ हमारे देश के लोगों ने खत्म किया. आज कौन सी समस्या आ गई जो हम उसका विरोध कर रहे हैं: मुख्तार अब्बास नकवी

  • 15:11(IST)

    कांग्रेस को मीनाक्षी लेखी का जवाब-

    बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि विश्वास के बावजूद, महिलाओं को स्वाभाविक रूप से बिना कारण तलाक नहीं चाहिए. महिलाएं भी खुश वैवाहिक जीवन जीना चाहती हैं. ईसाई, हिंदू महिलाओं की तरह वह भी अपना वैवाहिक जीवन बचाना चाहती हैं. पुरुषों को अपनी पत्नी को तलाक देने और उसे त्यागने का सर्वोच्च अधिकार नहीं दिया जा सकता है. तीन तलाक से सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश से सामने आते हैं.

  • 14:58(IST)

    कांग्रेस नेता ने किया ट्रिपल तलाक का विरोध

    कांग्रेस नेता सुष्मिता देव ने कहा कि ट्रिपल तलाक पर प्रतिबंध लगाकर मुस्लिम महिलाओं की समस्याओं को हल नहीं किया जा सकता. उसे जीवन यापन करने में मदद नहीं मिलेगी. जबकि पुरुष जेल में है और यह गारंटी नहीं देगा कि वह अपने पति के साथ वापस आ सकती है, क्योंकि ट्रिपल तालक गैरकानूनी है.

    आगे बोलते हुए उन्होंने कहा शाहबानो से लेकर शायराबानो तक हमारे पास कई उदाहरण हैं जिसमें पुरुषों ने आराम से कानूनन उन्हें तलाक दे दिया.

  • 14:42(IST)

    RSP नेता एनके प्रेमचंद्रन ने भी ट्रिपल तलाक बिल का विरोध किया. उन्होंने कहा कि सरकार ये बिल गुप्त रूप से ला रही है. 

  • 14:38(IST)

    AIADMK नेताओं ने कावेरी मुद्दे पर नारे लगाए. तमिलनाडु नेताओं ने मेडाकोट्टु मुद्दा भी उठाया. इस दौरान स्पीकर ने शांति बनाए रखने के लिए कहा.

  • 14:29(IST)

    कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में कहा कि यह बेहद जरूरी बिल है जिसके बारे में गहन अध्य्यन होना चाहिए. इसके साथ ये संवैधानिक मामला भी है. मैं बिल को जॉइंट सलेक्ट कमेटी के पास भेजने का आग्रह करता हूं. 

  • 14:23(IST)

    कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस दौरान कहा कि 20 इस्लामिक राष्ट्रों ने ट्रिपल तलाक पर प्रतिबंध लगा दिया है, तो हमारे जैसा धर्म निरपेक्ष ऐसा क्यों नहीं कर सकता? मेरा अनुरोध है कि इसे राजनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए.

  • 14:20(IST)

    हमारी सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की बात करती है. मैं नारी सम्मान की बात करता हूं. तीन तलाक बिल का किसी धर्म से कोई लेना-देना नहीं है. बिल पर विपक्ष के साथ चर्चा को तैयार हैं: रविशंकर प्रसाद

  • 14:12(IST)

    खड़गे ने कहा है कि ये संवेदनशील मसला है इसलिए बिल के गहन अघ्ययन की आवश्यकता है

  • 14:08(IST)

    मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मुस्लिम महिला ( विवाह पर अधिकार की सुरक्षा ) बिल 2018 पर चर्चा के लिए 4 घंटे का समय दिया है.

  • 13:09(IST)

    लोकसभा की कार्यवाही फिर स्थगित

    राफेल डील पर विपक्ष का हंगामा जारी रहा. बीच में केरल से सांसद शशि थरूर ने केरल में आए बाढ़ की त्रासदी का मसला उठाया. उन्होंने केंद्र सरकार से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आर्थिक पैकेज दिए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 7,304 करोड़ रुपए की मांग की थी. लेकिन केंद्र से सिर्फ 100 करोड़ रुपए मिले हैं. इस बीच राफेल डील पर हंगामा जारी रहा और लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

  • 11:51(IST)

    राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

    राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के थोड़ी ही देर बाद हंगामा के चलते कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित हो गई. राज्यसभा के सभापति वैंकेया नायडू ने हंगामा शांत कराने की कोशिश की. लेकिन सदस्य नारे लगाते रहे. जिसके बाद उन्होंने कहा कि राज्यसभा की कार्यवाही चलने देने में किसी की रूचि नहीं है इसलिए इसे दिनभर के लिए स्थगित किया जाता है.

  • 11:47(IST)

    कांग्रेस तीन तलाक पर विधेयक का विरोध करेगी

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस तीन तलाक विधेयक का विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि वो हमलोग चर्चा में हिस्सा लेंगे लेकिन पुराने विचार पर अब भी कायम हैं. हम सरकार से अपील करेंगे कि वो धार्मिक मसलों में हस्तक्षेप न करे. अब वो विधेयक को स्टैंडिंग कमिटी को भेजेंगे या नहीं ये उनपर निर्भर करता है.

  • 11:43(IST)

    लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा था कि वो तीन तलाक की चर्चा में हिस्सा लेंगे. लेकिन लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस के सांसद राफेल डील पर हंगामा करने लगे. लोकसभी स्पीकर सुमित्रा महाजन ने खडगे को याद दिलाया कि उन्होंने कहा था कि तीन तलाक पर चर्चा में कांग्रेस के सांसद सही तरीके से हिस्सा लेंगे. स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि राफेल डील के मुद्दे को 12 बजे उठा सकते हैं. लेकिन विपक्षा का हंगामा जारी रहा. जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

  • 09:30(IST)


    केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद आज लोकसभा में पेश करेंगे तीन तलाक बिल 

  • 09:27(IST)

    केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक का दुरुपयोग हो रहा है. मुस्लिम महिलाओं को कभी ईमेल से तो कभी वाट्सएप से तलाक दिया जा रहा है इसलिए सरकार ने इसपर रोक लगाने के मकसद से तीन तलाक बिल पेश किया. 

    इसे भी पढ़ेंः लोकसभा में पेश हुआ था तीन तलाक बिल

संसद में चर्चा Updates: ट्रिपल तलाक अपराध है, लोकसभा में लगी मुहर अब राज्यसभा की बारी

तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) की प्रथा पर रोक लगाने के मकसद से लाए गए विधेयक पर गुरुवार यानि आज लोकसभा में चर्चा हो सकती है. पिछले सप्ताह सदन में इस पर सहमति बनी थी कि 27 दिसंबर को विधेयक पर चर्चा होगी. एनडीटीवी की खबर के अनुसार इससे पहले कांग्रेस ने इस पर सहमति जताई थी कि वह 'मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2018' पर होने वाली चर्चा में भाग लेगी. दरअसल, लोकसभा में पिछले सप्ताह जब मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक- 2018 चर्चा के लिए लाया गया था तो सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सुझाव दिया था कि इस पर अगले सप्ताह चर्चा कराई जाए.  इस पर संसदीय कार्य मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्ष से आश्वासन मांगा था कि उस दिन बिना किसी बाधा के चर्चा होने दी जाएगी.

बीजेपी और कांग्रेस ने लोकसभा के अपने सदस्यों को व्हिप जारी किया

इस पर खड़गे ने कहा था, 'मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस विधेयक पर 27 दिसंबर को चर्चा कराइए. हम सभी इसमें हिस्सा लेंगे. हमारी पार्टी और अन्य पार्टियां भी चर्चा के लिए तैयार हैं. वहीं इस पर बीजेपी और कांग्रेस ने लोकसभा के अपने सदस्यों को व्हिप जारी किया है और चर्चा के दौरान सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा है. अध्यादेश सितंबर में लाया गया था, जिसके अंतर्गत त्वरित तीन तलाक को भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध माना गया था. मोदी कैबिनेट ने इस बिल में 9 अगस्त को तीन संशोधन किए थे, जिसमें जमानत देने का अधिकार मजिस्ट्रेट के पास होगा और कोर्ट की इजाजत से समझौते का प्रावधन भी होगा.

पहला संशोधन: इसमें पहले का प्रावधान था कि इस मामले में पहले कोई भी केस दर्ज करा सकता था. इतना ही नहीं पुलिस खुद की संज्ञान लेकर मामला दर्ज कर सकती थी. लेकिन अब नया संशोधन ये कहता है कि अब पीड़िता, सगा रिश्तेदार ही केस दर्ज करा सकेगा.

दूसरा संशोधन: इसमें पहले का प्रावधान था कि पहले गैर जमानती अपराध और संज्ञेय अपराध था. पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती थी लेकिन अब नया संशोधन यह कहता है कि मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार होगा.

तीसरा संशोधन: इसमें पहले का प्रावधान था कि पहले समझौते का कोई प्रावधान नहीं था लेकिन अब नया संशोधन ये कहता है कि मजिस्ट्रेट के सामने पति-पत्नी में समझौते का विकल्प भी खुला रहेगा.

अंतर-मंत्रालयी समूह ने विधेयक का मसौदा तैयार किया था

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल 15 दिसंबर को ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक'को मंजूरी प्रदान की थी. गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले अंतर-मंत्रालयी समूह ने विधेयक का मसौदा तैयार किया था. इस समूह में वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और कानून राज्य मंत्री पी पी चौधरी शामिल थे. 22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने एक बार में तीन तलाक को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया था.

इस साल एक बार में तीन तलाक के 177 मामले सामने आए थे 

प्रस्तावित कानून के मसौदे के अनुसार किसी भी तरह से दिए गए तीन तलाक को गैरकानूनी और अमान्य माना जाएगा, चाहे वह मौखिक अथवा लिखित तौर पर दिया गया हो या फिर ईमेल, एसएमएस और व्हाट्सऐप जैसे इलेक्ट्रानिक माध्यमों से दिया गया हो. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले इस साल एक बार में तीन तलाक के 177 मामले सामने आए थे और फैसले के बाद 66 मामले सामने आए. इसमें उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा. इसको देखते हुए सरकार ने कानून की योजना बनाई.

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