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नगर निकाय चुनाव: योगी की पहली परीक्षा, वर्चस्‍व बरकरार रखने की चुनौती

राज्‍य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार 2012 में हुए नगर निकाय चुनाव में 12 में से 10 नगर में बीजेपी के महापौर जीते थे

Bhasha Updated On: Oct 29, 2017 02:42 PM IST

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नगर निकाय चुनाव: योगी की पहली परीक्षा, वर्चस्‍व बरकरार रखने की चुनौती

उत्‍तर प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियां अगले महीने होने वाले नगर निकाय चुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही हैं. लेकिन ये चुनाव खासकर बीजेपी के लिए प्रतिष्‍ठा का सवाल हैं. पिछले चुनाव में इसी पार्टी ने अन्‍य दलों पर अपना वर्चस्‍व कायम किया था और इस बार उसके सामने इसे दोहराने की कड़ी चुनौती है.

बीजेपी इस साल मार्च में प्रचंड बहुमत से सत्‍ता में आई थी. ऐसे में आगामी नगर निकाय चुनाव प्रदेश की योगी सरकार की पहली चुनावी परीक्षा होगी. इन चुनाव को लेकर पार्टी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद सीएम योगी की ओर से प्रमुख निकाय क्षेत्रों में रैलियां करने की तैयारी है. इससे पहले शायद ही किसी मुख्‍यमंत्री ने निकाय चुनावों को इतनी गंभीरता से लिया है.

बीजेपी के मुताबिक एंटी इंकम्‍बेंसी’ जैसी कोई बात नहीं है 

बीजेपी के प्रांतीय महामंत्री विजय बहादुर पाठक ने नगर निकाय चुनावों में एक बार फिर जीत का विश्‍वास व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि यह सही है कि नगर निगमों और नगर पालिकाओं के पिछले चुनाव में बीजेपी का दबदबा रहा है लेकिन ‘एंटी इंकम्‍बेंसी’ जैसी कोई बात नहीं है.

उन्‍होंने कहा कि पार्टी का प्रयास है कि योगी के साथ-साथ उप मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा और अन्‍य वरिष्‍ठ नेता भी निकाय चुनाव प्रचार में उतरें. पार्टी राज्‍य सरकार की पिछले छह माह की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाएगी.

राज्‍य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2012 में हुए नगर निकाय चुनाव में 12 में से 10 नगर निगमों मेरठ, गाजियाबाद, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा, कानपुर नगर, झांसी, लखनऊ, गोरखपुर और वाराणसी में बीजेपी के महापौर जीते थे.

दो अन्‍य सीटों बरेली तथा इलाहाबाद पर निर्दलीय प्रत्‍याशी विजयी हुए थे. इस बार मथुरा, फिरोजाबाद, फैजाबाद और सहारनपुर के रूप में चार और नगर निगम क्षेत्र बनाए गए हैं, जो पहली बार निकाय चुनाव के दौर से गुजरेंगे.

प्रदेश में तीन चरणों में होंगे चुनाव 

निकाय चुनाव को लेकर अन्‍य दल भी कमर कस रहे हैं. एसपी अध्‍यक्ष अखिलेश यादव कह चुके हैं कि उनकी पिछली सरकार के विकास कार्यों को देखते हुए वोट पड़े तो ज्‍यादातर नगर निकायों में पार्टी के प्रत्‍याशी चुने जाएंगे.

दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में पहली बार नगर निकाय चुनाव में ताल ठोंक रही है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह का कहना है कि उनका दल नगर निगमों नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में बीजेपी के भ्रष्टाचार को प्रमुख मुद्दा बनाएगा.

मालूम हो कि प्रदेश में 16 नगर निगमों, 198 नगर पालिका परिषदों और 438 नगर पंचायतों के चुनाव तीन चरणों में 22, 26 और 29 नवंबर को होंगे. मतगणना एक दिसंबर को होगी.

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