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मुंगेर, बेगूसराय और नवादा लोकसभा सीटों को लेकर एनडीए और महागठबंधन दोनों में जबरदस्त पसोपेश

उम्मीदवारी को लेकर एनडीए और महागठबंधन की स्थिति एक जैसी

Updated On: Dec 27, 2018 09:09 PM IST

Pankaj Kumar Pankaj Kumar

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मुंगेर, बेगूसराय और नवादा लोकसभा सीटों को लेकर एनडीए और महागठबंधन दोनों में जबरदस्त पसोपेश

बिहार में लोकसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी जोरों पर है. एनडीए के घटक दलों के बीच सीट के बंटवारे को लेकर औपचारिक ऐलान हो चुका है लेकिन लोकसभा क्षेत्र का निर्धारण होना अभी भी बाकी है. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी 22 सीट पर चुनाव जीती थी वहीं रामविलास पासवान की पार्टी 6 लोकसभा सीट पर लेकिन जेडीयू के वापस एनडीए में आ जाने से राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है. एनडीए की सहयोगी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी महागठबंधन का हिस्सा हो चुकी है जो पिछले लोकसभा चुनाव में एनडीए के सहयोगी दल के रूप में चुनाव मैदान में उतरी थी. ऐसे में कई वर्तमान सांसद भी अपने जीते हुए लोकसभा क्षेत्र से टिकट ले पाने में कामयाब हो सकेंगे इसको लेकर प्रदेश में राजनीतिक परिचर्चा जोरों पर है. एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए सीट बंटवारा करना आसान नहीं दिखता है.

राज्य के मुंगेर लोकसभा सहित बेगूसराय और नवादा लोकसभा क्षेत्र में एनडीए और महागठबंधन की उम्मीदवारी को लेकर चर्चा और परिचर्चा का दौर चरम पर है. इन तीनों सीट पर पिछले लोकसभा चुनाव में एनडीए का कब्जा रहा है लेकिन इस बार वर्तमान सांसद ही चुनाव लड़ेंगे इसको लेकर असमंजस बरकरार है.

मुंगेर से एलजेपी की वर्तमान सांसद वीणा देवी चुनाव लड़ सकेंगी इसको लेकर गहरी अनिश्चितता है. 2014 के लोकसभा चुनाव में वीणा देवी राज्य के वर्तमान जलसंसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को पटखनी दे चुकी हैं लेकिन आगामी लोकसभा चुनाव में मुंगेर से राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की दावेदारी सुनिश्चित माना जा रहा है. दरअसल 2014 के लोकसभा चुनाव में जेडीयू एनडीए गठबंधन से नाता तोड़ अकेले चुनाव लड़ रहा था लेकिन नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू आने वाले लोकसभा चुनाव में एनडीए के प्रमुख घटक दल के तौर पर चुनाव लड़ रही है. प्रदेश की कुल 40 सीटों में 17 सीट पर बीजेपी,17 पर जेडीयू और 6 लोकसभा सीट पर एलजेपी एनडीए के घटकदल के तौर पर जोरअजमाइश करने मैदान में उतरेगी.

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फिलहाल बदलते समीकरण और जेडीयू की एनडीए में वापसी की वजह से लोकसभा क्षेत्र का निर्धारण तय नहीं हो पाया है. पिछले लोकसभा चुनाव में लगभग एक लाख वोट से चुनाव जीत चुकी वीणा देवी की दावेदारी सूबे के कद्दावर नेता और जल संसाधन मंत्री ललन सिंह के आगे फीकी पड़ रही है. ललन सिंह नीतीश कुमार के बेहद विश्वस्त और खास लोगों में गिने जाते हैं इसलिए बड़े घटक दल के कद्दावर नेता होने की वजह से उनकी दावेदारी लोग तय मान रहे हैं.

वैसे एनडीए में जेडीयू की वापसी के बाद से ही वीणा देवी अपनी दावेदारी को लेकर मजबूती से मीडिया के सामने मुखातिब होती रही हैं. लेकिन राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की दावेदारी को तय इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद मुंगेर लोकसभा क्षेत्र का दौरा दो बार इन दिनों कर चुके हैं. जिले के वरिष्ठ पत्रकार मृत्युंजय मिश्रा के मुताबिक सांसद वीणा देवी के पति सूरजभान सिंह खुद कह चुके हैं कि वो शीर्ष नेतृत्व के फैसले के साथ हैं. वहीं ललन सिंह के लिए मुख्यमंत्री सूर्यगढ़ा के माणिकपुर में आ चुके हैं.

जाहिर है ऐसे में ये चर्चा आम हो गई है कि सांसद वीणा देवी मुंगेर छोड़ती हैं तो एनडीए उन्हें कहां से चुनाव लड़वाएगी. इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि वीणा देवी पास के लोकसभा क्षेत्र बेगूसराय से एनडीए की उम्मीदवार हो सकती हैं लेकिन उनके समर्थक बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र को लेकर उत्साहित कम नजर आते हैं.

सांसद वीणा देवी की पहली पसंद मुंगेर है लेकिन बड़े घटक दल जेडीयू के दबाव में सीट छोड़ना पड़ा तो वो इस शर्त पर तैयार हो सकती हैं कि उन्हें नवादा से चुनाव लड़ाया जाय ऐसा उनके समर्थक दबी जुबान में कहते हैं. लेकिन नवादा लोकसभा से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सांसद हैं. प्रखर हिंदुत्व की छवि रखने वाले गिरिराज सिंह की राजनीतिक हैसियत भी वीणा सिंह के मुकाबले कहीं ज्यादा है. हाल ही में फ़र्स्टपोस्ट से बातचीत में केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा था कि अगर वो चुनाव लड़े तो नवादा से ही लड़ेंगे.

गिरिराज सिंह के राजनीतिक सहयोगी और भारतीय जनता युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष संतोष रंजन राय के मुताबिक नवादा सीट पर बीजेपी हमेशा से ही जीतती रही है. कामेश्वर पासवान, संजय पासवान से लेकर भोला सिंह और वर्तमान में गिरिराज सिंह वहां से सांसद रहे हैं ऐसे में बीजेपी उस सीट को छोड़ना क्यूं चाहेगी. एनडीए के भीतर इन तीन लोकसभा सीट पर तीन दिग्गज नेताओं की दावेदारी को लेकर जबर्दस्त कश्मकश अभी से जारी है.

इन तीनों सीट पर महागठबंधन की स्थिती भी कमोबेश वही है. बेगूसराय से कन्हैया की उम्मीदवारी तय मानी जा रही थी लेकिन पिछले चुनाव में कुछ वोटों से हार का सामना करने वाले तनवीर हसन का नाम भी इन दिनों लोगों की जुबान पर है. आरजेडी के एक प्रमुख नेता नाम नहीं छापने की शर्त पर कहते हैं कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तनवीर हसन को टिकट देने के पक्ष में है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक कम्यूनिस्ट के डी. राजा सरीखे नेता कन्हैया कुमार के पक्ष लगातार दबाव बनाए हुए हैं.

ऐसे में आरजेडी तनवीर हसन के पिछले चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन और उनकी लालू परिवार से नजदीकी को नजरअंदाज कर पाएगी ऐसा मुश्किल जान पड़ता है, लेकिन संभावनाओं के खेल राजनीति में ऊंट किस करवट बैठेगा इसको लेकर गली-मोहल्ले से लेकर सियासी गलियों में बहस जारी है. मधु लिमये जैसे दिग्गज जिस मुंगेर के सांसद रह चुके हैं वहीं से अब अपना भाग्य आजमाने के लिए बाहुबली विधायक अनंत सिंह भी कमर कस चुके हैं. रॉबिनहुड और छोटे सरकार नाम से प्रचलित अनंत सिंह फिलहाल मोकामा से निर्दलीय विधायक हैं और अपनी जीत को लेकर आश्वस्त भी.

Tejaswi Yadav addresses a press conference

आरजेडी के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी उन्हें जेडीयू के वर्तमान मंत्री ललन सिंह के खिलाफ मजबूत नेता के तौर पर उतारना चाह रही है. इसलिए अनंत सिंह महागठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर मुंगेर लोकसभा सीट से ललन सिंह को चुनौती देने मैदान में उतर सकते हैं. वैसे पिछले दिनों हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा, जो महागठबंधन का घटक दल है, के दो दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री महाचंदर सिंह और वृषण पटेल भी मुंगेर लोकसभा क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं.

पिछले कई लोकसभा से कमल के हिस्से में रहा गया नवादा इस बार किसके हिस्से में जाएगा ये चर्चा भी स्थानीय लोगों के बीच जोरों पर है. लेकिन महागठबंधन इस सीट को हथियाने के लिए कई नाम पर चर्चा कर रहा है.

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा सहित वर्तमान विधायक भी पाला बदल नवादा से भाग्य अजमाने को लेकर प्रयासरत हैं. वहीं आरजेडी के सूत्रों की मानें तो तनवीर हसन को बेगूसराय और कन्हैया को नवादा से चुनाव मैदान में उतरने के लिए कहा जा सकता है.

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