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मध्य प्रदेश: 'राम' और 'हनुमान' के सहारे शिवराज को चुनौती देने की तैयारी में लगे हैं कमलनाथ

कमलनाथ खुद हाथों में मंजीरा थामे भजन गाते दिखे. उनके साथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी थे जो जय श्री राम के नारे लगा रहे थे.

FP Staff Updated On: May 03, 2018 10:46 AM IST

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मध्य प्रदेश: 'राम' और 'हनुमान' के सहारे शिवराज को चुनौती देने की तैयारी में लगे हैं कमलनाथ

मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद संभालते ही कमलनाथ ने मंदिरों की शरण ले ली है. कमलनाथ बुधवार की सुबह भोपाल के गुफा मंदिर पहुंचे. यहां उन्होंने हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना और भजन कीर्तन किया. सुबह 9 बजे से यहां सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया था. कमलनाथ खुद हाथों में मंजीरा थामे भजन गाते दिखे. उनके साथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी थे, जो जय श्री राम के नारे लगा रहे थे.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कई मौकों पर भजन गाते दिखे हैं. वो अक्सर मंदिरों में पूजा अर्चना करते दिख जाते हैं. लेकिन ऐन चुनाव से पहले कमलनाथ का मंदिर जाना और भजन में शामिल होना हिंदू वोटरों को रिझाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

कमलनाथ ने उज्जैन के महाकाल मंदिर जाकर पूजा अर्चना की है. इसके अलावा उन्होंने दतिया के पितांबरा पीठ में भी दर्शन किए हैं. कमलनाथ के लगातार मंदिर दौरों को जहां बीजेपी की राजनीति को देखते हुए रणनीति में बदलाव के बतौर देखा जा रहा है. वहीं खुद कमलनाथ ऐसे आरोपों से इनकार करते हैं. कमलनाथ ने कहा, ' मंदिरों पर सिर्फ बीजेपी का अधिकार नहीं है. मेरे पद संभालने के पहले ही कांग्रेस ने अपनी रणनीति बना ली थी. मध्य प्रदेश के लोग मुश्किल में हैं. मैंने उनलोगों के लिए भगवान से प्रार्थना की है.'

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वहीं बीजेपी के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा,' कांग्रेस टीका और टोपी की राजनीति के लिए जानी जाती है. ' कांग्रेस से मिल रही चुनौती पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद नजर रख रहे हैं. शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को भोपाल में कमलनाथ के 6 घंटे की 20 किलोमीटर वाली मैराथन की समीक्षा की. अगले दिन मध्यप्रदेश के मंदिरों में कमलनाथ दर्शऩ कर रहे थे तो शिवराज सिंह चौहान विदिशा में थे. विदिशा में सीएम शिवराज ने दो अनाथ लड़कियों की शादी में हिस्सा लिया और उन्हें आशीर्वाद दिया. सीएम शिवराज सिंह चौहान अपनी सोशल इंजीनियरिंग के जरिए संदेश देने की कोशिश में लगे हैं. बताया जा रहा है कि उन्होंने ब्यूरोक्रैट्स को निर्देश दिया है कि उनकी संवेदनशील छवि की झलक मीडिया में ज्यादा से ज्यादा दिखाई जाए.

बताया जा रहा है कि शिवराज सरकार कमलनाथ के ब्यौरे खंगालने में लगी है. ताकि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें माकूल जवाब दिया जाए. दूसरी तरफ कांग्रेस शिवराज सिंह चौहान की नर्मदा यात्रा और उनकी 6.5 करोड़ पौधे लगाने की योजना को घोटाला करार दे चुकी है. मंदिरों में दर्शन के दौरान बुधवार को कमलनाथ ने कहा, 'सवाल ये नहीं है कि 6.5 करोड़ पौधे सही सलामत हैं या नहीं. मुद्दा ये है कि पौधों के नाम पर पब्लिक का पैसों की हेराफेरी की गई. ' इसके जवाब में शिवराज सिंह चौहान ने कहा,' कुछ लोगों का काम ही आलोचना करना है. राज्य में इस साल जुलाई के महीने एक बार फिर बड़े पैमाने पर पौधारोपण होगा.'

कांग्रेस ने बीजेपी के किसानों की भलाई, युवाओं को रोजगार के लिए लोन देने के दावे पर नया स्लोगन गढ़ा है. मध्य प्रदेश में कांग्रेस का नया नारा है- किसान बिना दाम के, युवा बिना काम के, जनता पूछे मोदी-शिवराज किस काम के. कांग्रेस के इस नए नारे और कमलनाथ के मंदिर दर्शन से साफ है कि कांग्रेस बीजेपी की रणऩीति पर चलते हुए ही उसे हराने की जुगत में है.

( भोपाल से मोहिका सक्सेना की रिपोर्ट पर आधारित )

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