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SURVEY: घट रही है मोदी सरकार की लोकप्रियता, यूपीए जैसी नाराजगी से गुजर रहे लोग

मोदी सरकार के खिलाफ सबसे ज्यादा गुस्सा दलित और आदिवासी समुदाय के लोग हैं. 55 फीसदी दलित और 43 फीसदी आदिवासी नहीं चाहते हैं कि मोदी को एक बार फिर से साल 2019 में मौका मिले

Updated On: May 24, 2018 09:31 PM IST

FP Staff

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SURVEY: घट रही है मोदी सरकार की लोकप्रियता, यूपीए जैसी नाराजगी से गुजर रहे लोग

क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार की लोकप्रियता घट रही है? ताजा सर्वे से ऐसा लग रहा है. दरअसल, मोदी सरकार के 4 साल पूरे होने और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर जनता का मूड भांपने के लिए 'एबीपी न्यूज' ने सीएडीएस के साथ मिलकर एक सर्वे किया है. इससे पता चलता है कि जनता 2019 में नरेंद्र मोदी को दूसरा मौका नहीं देना चाहती है. अगर आज चुनाव कराए जाते हैं, तो एनडीए सरकार अकेले अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाएगी.

सर्वे के मुताबिक, एनडीए को उत्तर प्रदेश में भारी झटका मिलता दिख रहा है. 2014 में बीजेपी ने यूपी में 73 सीटें जीती थी, लेकिन अगर आज चुनाव कराए जाते हैं, तो एनडीए 2014 का प्रदर्शन नहीं दोहरा सकेगी.

'एबीपी न्यूज़' के सर्वे में देश की सभी 543 लोकसभा सीटों की बात करें, तो एनडीए की सरकार को बनती नजर आ रही है. लेकिन, 2014 के मुकाबले प्रदर्शन घटा है. वोट शेयर की बात करें तो एनडीए के हिस्से 37%, यूपीए के हिस्से 31% और अन्य के हिस्से 32% वोट शेयर जाता नजर आ रहे हैं.

वहीं, 2014 की बात करें तो एनडीए को 36%, यूपीए को 25% और अन्य को 39% वोट मिला था. सर्वे के मुताबिक 2014 के मुकाबले एनडीए को एक प्रतिशत वोट शेयर का फायदा हो रहा है. वहीं, यूपीए को 6% वोट शेयर का फायदा होने का अनुमान है.

सर्वे के मुताबिक कुल 15,859 लोगों की राय ली गई जिसमें से करीब 47 फीसदी लोग मानते हैं कि मोदी सरकार 2019 में एक और मौके के लायक नहीं है. जबकि 39 फीसदी लोग मानते हैं कि मोदी की सरकार को दूसरा मौका मिलना चाहिए.

सर्वे में ये भी पता चला है कि मोदी सरकार विरोधी भावनाएं देश के धार्मिक अल्पसंख्यकों के बीच काफी ज्यादा है. सर्वे में पाया गया, "लगभग तीन-चौथाई मुस्लिम और आधे से ज्यादा सिखों ने संकेत दिए हैं कि वे मोदी सरकार को अगले साल सत्ता में नहीं देखना चाहते हैं"

सिर्फ मुस्लिम ही नहीं बल्कि हिंदू समुदाय के मतदाताओं के बीच भी सरकार विरोधी भावना है. सर्वे के मुताबिक 44 फीसदी हिंदू चाहतें हैं कि मोदी फिर से प्रधानमंत्री बने जबकि 42 फीसदी हिंदू मोदी सरकार के खिलाफ है.

मोदी सरकार के खिलाफ सबसे ज्यादा गुस्सा दलित और आदिवासी समुदाय के लोग हैं. 55 फीसदी दलित और 43 फीसदी आदिवासी नहीं चाहते हैं कि मोदी को एक बार फिर से साल 2019 में मौका मिले.

वर्तमान सरकार को ओबीसी समुदायों का भी काफी विरोध झेलना पड़ रहा है. करीब 42 फीसदी ओबीसी नहीं चाहते हैं कि मोदी फिर से सत्ता में आए.

सर्वे में जब लोगों से ये पूछा गया कि अगर अभी लोकसभा के चुनाव हुए तो क्या वो बीजेपी को वोट देंगे? 32 फीसदी का जवाब हां था. आपको बता दें कि साल के शुरूआत में सर्वे के दौरान 34 फीसदी लोगों ने कहा था कि वो बीजेपी को वोट देंगे. बीजेपी के वोट में 2 फीसदी की गिरावट इस बात की ओर इशारा करती है कि हाल के दिनों में मोदी सरकार की लोकप्रियता काफी घटी है.

(साभार: न्यूज़18)

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