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सरकार ने तीन तलाक समेत कई अहम विधेयकों पर विपक्ष से सहयोग मांगा

तीन तलाक विधेयक सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है. यह विधेयक लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा में लंबित है

Bhasha Updated On: Jul 15, 2018 05:58 PM IST

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सरकार ने तीन तलाक समेत कई अहम विधेयकों पर विपक्ष से सहयोग मांगा

संसद के बुधवार से शुरू हो रहे मॉनसून सत्र में हंगामे की आशंकाओं के बीच सरकार ने विपक्षी दलों से तीन तलाक विधेयक, पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने वाले विधेयक, बलात्कार के दोषियों को सख्त दंड के प्रावधान वाले विधेयक समेत कई अहम विधेयकों को पारित कराने में सहयोग मांगा है.

संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि मॉनसून सत्र के विधेयक लोगों की भलाई के हैं और सरकार इन्हें पारित कराने के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगती है. इस बारे में सर्वदलीय बैठक में भी विचार-विमर्श होगा. उन्होंने कहा कि मॉनसून सत्र के दौरान कुछ अध्यादेशों को भी विधेयक के रूप में पारित कराने के लिए पेश किया.

तीन तलाक विधेयक सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है. यह विधेयक लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा में लंबित है. सरकार का जोर अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने से संबंधित विधेयक को पारित कराने पर भी है. सरकार के एजेंडे में मेडिकल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय आयोग विधेयक और ट्रांसजेंडर के अधिकारों से जुड़ा विधेयक भी है.

मॉनसून सत्र के दौरान आपराधिक कानून संशोधन विधेयक 2018 भी पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. इसमें 12 साल से कम उम्र की लड़कियों से बलात्कार के दोषियों के लिए मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान किया गया है.

सत्र के दौरान विपक्ष जम्मू कश्मीर की स्थिति, पीडीपी-बीजेपी सरकार गिरने और आतंकवाद जैसे मुद्दे उठा सकता है. किसान, दलित उत्पीड़न, राम मंदिर, डॉलर के मुकाबले रुपए के दर में गिरावट, पेट्रो पदार्थों की कीमतों में वृद्धि जैसे मसलों पर भी विपक्ष सरकार को घेरने का प्रयास करेगा. एक अहम विषय आंध्रप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने का भी हो सकता है जिसके कारण पिछले सत्र में तेलुगू देशम पार्टी ने भारी हंगामा किया था.

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