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भागवत को आतंकियों की लिस्ट में डालना चाहती थी यूपीए? खुर्शीद ने किया इनकार

टाइम्स नाउ ने दावा किया कि भागवत को यूपीए सरकार के कुछ मंत्री भागवत को ‘हिंदू आतंकवाद’ के जाल में फंसाने की कोशिश में थे

Updated On: Jul 15, 2017 06:02 PM IST

FP Staff

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भागवत को आतंकियों की लिस्ट में डालना चाहती थी यूपीए? खुर्शीद ने किया इनकार

टीवी चैनल टाइम्स नाउ के अनुसार यूपीए सरकार आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को आतंकवादियों की लिस्ट में डालना चाहती थी. टाइम्स नाउ ने दावा किया कि भागवत को यूपीए सरकार के कुछ मंत्री भागवत को ‘हिंदू आतंकवाद’ के जाल में फंसाने की कोशिश में थे. चैनल ने इससे संबंधित दस्तावेज होने का भी दावा किया है.

अजमेर और मालेगांव ब्लास्ट में हिंदू अतिवादी संगठनों के नाम आने के बाद यूपीए सरकार ने 'हिंदू आतंकवाद' की थ्योरी दी थी. इसी के तहत सरकार मोहन भागवत को फंसाना चाहती थी और इसके लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के बड़े अधिकारियों पर दबाव डाला जा रहा था.

टाइम्स नाउ को फाइल नोटिंग्स से यह जानकारी मिली है कि जांच अधिकारी और कुछ वरिष्ठ अधिकारी अजमेर और दूसरे कुछ बम ब्लास्ट मामलों में तथाकथित भूमिका के लिए मोहन भागवत से पूछताछ करना चाहते थे. ये अधिकारी यूपीए के मंत्रियों के आदेश पर काम कर रहे थे, जिसमें तत्कालीन गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे भी शामिल थे. ये अधिकारी भागवत को पूछताछ के लिए हिरासत में लेना चाहते थे.

करंट अफेयर मैगजीन कारवां में फरवरी 2014 में संदिग्ध आतंकी स्वामी असीमानंद का इंटरव्यू छपा जिसमें कथित तौर पर उसने भागवत को हमले के लिए मुख्य प्रेरक बताया. इसके बाद यूपीए ने एनआईए पर दबाव बनाना शुरू किया, लेकिन जांच एजेंसी के मुखिया शरद कुमार ने इससे इनकार कर दिया. वह इंटरव्यू के टेप की फॉरेंसिक जांच करना चाहते थे. जब चीजें आगे नहीं बढ़ीं तो एनआईए ने केस को बंद कर दिया.

हालांकि शनिवार को कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने ऐसे किसी भी साजिश से इनकार किया है.

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